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Jabalpur News: रिश्वतखोरी के रावण का कब होगा अंत?, 5 हजार रुपए घूस लेते पकड़ा गया SDM का बाबू

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जबलपुर, 06 अक्टूबर: अच्छाई पर बुराई के अंत प्रतीक पर्व दशहरा की धूम ख़त्म हुए 24 घंटे भी नहीं बीते कि रिश्वत के रावण जाग उठे। जबलपुर के तहसीली दफ्तर में SDM का एक बाबू 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी इंद्रजीत धुरिया ने भूमि अधिग्रहण मुआवजे की फ़ाइल आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत की डिमांड की थी। जिसकी पीड़ित ने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत कर दी।

SDM कार्यालय में पदस्थ आरोपी क्लर्क

SDM कार्यालय में पदस्थ आरोपी क्लर्क

तस्वीर में लाल घेरे में यही इंद्रजीत धुरिया नाम का सहायक ग्रेड 2 क्लर्क है, जिसे 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ लोकायुक्त पुलिस टीम ने दबोंच लिया। आरोपी धुरिया जबलपुर एसडीएम पीके सेन गुप्ता के कार्यालय में पदस्थ है। जिसने तिलवारा घाट के रहने वाले विकास दुबे से भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के एवज में रिश्वत मांगी थी। बतौर दस हजार रुपए की किश्त यह पहले ले चुका था। जिसके बाद शिकायतकर्ता विकास दुबे ने मुआवजे से संबंधित फ़ाइल की प्रगति के बारे में पूछा तो धुरिया रिश्वत की और डिमांड करने लगा। इससे परेशान पीड़ित ने लोकायुक्त विभाग को सूचना दी। जिसके बाद दशहरा के अगले दिन रूपए देने की डील हुई।

हाथ-पैर जोड़ते नजर आया आरोपी

हाथ-पैर जोड़ते नजर आया आरोपी

योजनाबद्ध तरीके से लोकायुक्त की टीम ने अपना जाल बिछाया फिर जैसे ही शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए धुरिया ने लिए, टीम ने उसे पकड़ लिया। इस खबर से पूरे विभाग में हडकंप मच गया। आरोपी इस दौरान लोकायुक्त पुलिस के हाथ पैर जोड़ते भी नजर आया। लेकिन उसका गुनाह किसी से छिप नहीं सका। कार्रवाई करने पहुंची टीम ने मौके से कई दस्तावेज भी बरामद किए है। साथ ही आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।

शासन ने प्लॉट का किया है अधिग्रहण

शासन ने प्लॉट का किया है अधिग्रहण

लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने बताया कि शिकायतकर्ता विकास दुबे के पिता कृष्णकुमार दुबे के नाम घाना गांव में चार दुकाने पक्की बनी है। वही प्लाट का अधिग्रहण करते हुए शासन ने 1 लाख 94 हजार रुपए स्वीकृत हुई थी। इसी राशि के भुगतान के संबंध में विकास लगातार तहसीली कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। आरोपी द्वारा उसकी फ़ाइल दबा कर रखी गई थी और कार्रवाई के संबंध में टालमटोल करता रहा।

गिरफ्तार होते ही आरोपी संस्पेंड

इन्द्रजीत सिंह धूरिया के रिश्वत के इस मामले की खबर कलेक्ट्रेट पहुंचते ही कलेक्टर ने धूरिया को तत्काल सस्पेंड कर दिया। मध्यप्रदेश शिविर सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत कार्रवाई की गई। निलंबन के जारी किए गए आदेश में धूरिया को कलेक्टर कार्यालय अटैच किया गया है।

हर काम के एवज में रिश्वत की डिमांड !

हर काम के एवज में रिश्वत की डिमांड !

आपको बता दें जबलपुर के तहसीलों दफ्तरों में राजस्व भूमि संबंधित आम लोगों के कार्यो के अधिकांश मामले लंबित है। गढ़ाफाटक निवासी राकेश शर्मा बताते है कि जिले के हर दफ्तर का यही हाल है। नगर निगम में भी बाबू से लेकर अफसर रिश्वतखोरी में मशगूल है। यह पहला अवसर नहीं है कि आम लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग का कोई कर्मचारी अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा गया है। पहले भी मामले सामने आते रहे, बावजूद इसके ऐसे दफ्तरों में भ्रष्टाचार का बोलबाला नहीं थमा।

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English summary
SDM's babu caught taking bribe in Jabalpur When will end Ravan of bribery
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