Jabalpur News: सट्टा बाजार पर आधारित है NPS ! नर्मदा किनारे पेंशन महाकुंभ में गरजे कर्मचारी
न्यू पेंशन स्कीम से त्रस्त सरकारी कर्मचारी इसे अब चुनावी मुद्दे की राह पर धकेल रहे है। इसका असर मप्र के जबलपुर में नर्मदा किनारे लगे पेंशन महाकुंभ में देखने को मिला। जहां एमपी के हजारों कर्मचारी जुटे और पुरानी पेंशन बहाली की आवाज बुलंद की। कर्मचारी नेताओं सरकार पर सौतेले रवैये का आरोप लगाते हुए दो टूक कह दिया है कि एनपीएस का मुद्दा आने वाले चुनाव में सरकार को सबक सिखाएगा।

देश के कई राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड पंजाब ने पुरानी पेंशन लागू कर दी है , लेकिन मप्र में सरकार कर्मचारियों के अधिकारों का हनन कर रही है। लंबे वक्त से सिर्फ आश्वासन के घूंट पिलाए जा रहे है। अपनी कई मांगों को लेकर परेशान कर्मचारियों ने आरोप कहना है कि वे अब सरकार की चिकनी-चुपड़ी बातों में नहीं आने वाले। मप्र से सैकड़ों की संख्या में ऐसे कर्मचारियों ने जबलपुर में नर्मदा किनारे महाकुंभ आयोजित किया। जहां सरकार के फैसले के खिलाफ हुंकार भरी। वर्तमान सैलरी फिर भविष्य की पेंशन के आंकड़ों को प्रदर्शित करते हुए सरकार पर तानाशाही के आरोप लगाए है।
महाकुंभ में जुटे कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि अब वे इस मुद्दे के सहारे ही सत्तारूढ़ पार्टी को आगामी चुनावों में सबक सिखाएगा। कर्मचारियों ने भविष्य की चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र-राज्य सरकार के फैसले उनके हर अधिकार का हनन करने में लगे है। 1 जनवरी 2004 बाद नियुक्त केंद्रीय कर्मचारी अधिकारी और 1998 के बाद के मध्य प्रदेश के नियुक्त कर्मचारी, अधिकारी की पुरानी पेंशन स्कीम बंद कर उनके हक़ पर डाका डाला है। न्यू पेंशन स्कीम को सट्टा बाजार आधारित स्कीम बताई, जिससे भविष्य की बर्बादी दिखाई दे रही है। इनका कहना है कि सरकार की यह स्कीम सिर्फ शेयर बाजार पर आधारित है। पेंशन महाकुंभ में जुटे परेशान कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर अभी भी अमल नहीं किया गया, तो वह इसकी सजा आने वाले चुनाव में भुगतने के लिए तैयार रहे।












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