MP Weather Update: ठंड से ठिठुर रहा एमपी, टूटा 22 सालों का रिकॉर्ड, पचमढ़ी में कुल्लू मनाली जैसा एहसास

एमपी में इस बार अभी से रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ना शुरू हो गई है। दिसंबर के आखिरी, जनवरी के पहले पखवाड़े जैसी कड़ाके की ठंड जैसा पारा अभी से लुढ़कना शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर समेत ग्वालियर संभाग में पिछले 22 सालों में यह पहला मौका हैं, जब सर्दी अभी से कहर बरपाने आमादा है। पिछले 24 घंटो में सबसे ज्यादा ठंडा हिल स्टेशन पचमढ़ी और छतरपुर जिले का नौगांव इलाका रहा। भोपाल में 9.6 डिग्री तो जबलपुर में न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री पहुंच गया।

एमपी में अभी ठंड दिखा रही अपने तेवर

एमपी में अभी ठंड दिखा रही अपने तेवर

तेज ठंड से पूरा मध्यप्रदेश ठिठुरने लगा है। पिछले 22 सालों में नवंबर के आखिरी हफ़्ते में ऐसी ठंड नहीं पड़ी, जितनी इस साल मौसम ने करवट ली है। महाकौशल अंचल के जबलपुर समेत, बुंदेलखंड, मालवांचल, विंध्य, चंबल और अन्य इलाके सर्द हवाओं के जद में आते जा रहे है। पहाड़ी के साथ साथ मैदानी इलाकों में जहां हर साल पारा सबसे कम रहता है, उसके अलावा भी कई और जगहों पर इस पर तापमान पहले के मुकाबले ज्यादा गिरता नजर आ रहा है। महाकौशल के मलाजखंड में इसका असर देखने को मिला है।

24 घंटे में पचमढ़ी और नौगांव रहा सबसे ज्यादा ठंडा

24 घंटे में पचमढ़ी और नौगांव रहा सबसे ज्यादा ठंडा

उत्तर में हो रही बर्फवारी का असर एमपी में भी है। बीते २४ घंटों में सबसे ज्यादा ठंडा शहर हिल स्टेशन पचमढ़ी रहा। यहां पारा गिरकर लगभग 4 डिग्री पर पहुंच गया, यही स्थिति छतरपुर जिले के नौगांव की भी रही। इसी तरह जबलपुर और भोपाल में भी बीते कई सालों का नवंबर महीने में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया। भोपाल में 9.6 डिग्री तो जबलपुर में 7.5 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

कुल्लू मनाली जैसा पचमढ़ी में माहौल

कुल्लू मनाली जैसा पचमढ़ी में माहौल

हिल स्टेशन पचमढ़ी में अमूमन गर्मी और ठंड दोनों खूब पड़ती है। लेकिन समय से पहले इस बार पहला मौका जब तापमान 4 डिग्री या उससे नीचे दर्ज होना शुरू हो गया हैं। प्राकृतिक वादियों का लुत्फ़ उठाने पहुंच रहे सैलानियों को यहां रात के वक्त कुल्लू मनाली जैसा अहसास हो रहा है। इस सीजन में अक्सर पहुंचने वाले पर्यटक भी कह रहे है कि ऐसी ठंड का एहसास उन्हें पहले कभी नहीं हुआ।

हिमालय में बर्फवारी और पाकिस्तानी सर्द हवाओं का असर

हिमालय में बर्फवारी और पाकिस्तानी सर्द हवाओं का असर

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस बार समय से पहले तेज ठंड की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है। हिमालय में लगातार बर्फवारी हो रही है और पकिस्तान की सर्द हवाओं का रुख भी इसी ओर है। इस वजह से इस बार नवंबर में एक माह बाद जैसी ठंड का जोर है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में महाकौशल, बुंदेलखंड के कई इलाकों में शीत लहर चलने की आशंका जाहिर की है। इससे तापमान और गिरावट के आसार है। हालांकि ग्वालियर और इंदौर में अभी राहत है।

स्कूलों का बदला टाइम, जल रहे अलाव

स्कूलों का बदला टाइम, जल रहे अलाव

मप्र के जिन इलाकों में तापमान दस डिग्री के नीचे पहुंच रहा है, वहां सुबह के वक्त प्राइमरी स्कूल खुलने की टाइमिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर और भोपाल में सुबह साढ़े नौ बजे से स्कूल लगना शुरू हुए है। वहीं कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए लोग अपने-अपने स्तर पर बचाव के साधन उपयोग कर रहे है। शाम ढलते ही कई शहरों में अलाव जलना शुरू हो गए है। वहीं फुटपाथ पर जिंदगी गुजर बसर करने वालों रैनबसेरा या अन्य आश्रय स्थलों में पहुंचाना भी शुरू हो गया है।

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