MP: शिवराज सिंह चौहान के बढ़ते कदमों में बह रहा भावुकता का सागर, जबलपुर-अमरकंटक यात्रा पड़ाव में फिर रोई लाड़ली
MP Shivraj singh chouhan: रिश्ते यूं ही नहीं बनते। तपना पड़ता है, त्याग करना पड़ता हैं। चेहरे पर बिना किसी बोझ के। कुछ ऐसा ही संदेश मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की यात्रा के पड़ाव में लाड़लियों के बीच देखने मिल रहा हैं।
बहनें और भांजे-भांजी शिवराज के पहुंचते ही उनसे मिलने पहुंच रहे हैं। फिर एक बार जबलपुर-अमरकंटक यात्रा के पड़ाव में भोपाल-सीहोर जैसी तस्वीर देखने को मिली।
जबलपुर में नर्मदा किनारे बरगी में जब रुके तो उनसे पार्टी कार्यकर्ता भी मुलाकात करने पहुंचे। उनके आने की खबर लाड़ली बहना और भांजे-भांजियों को भी लगी, तो भीड़ उमड़ पड़ी। माथे पर तिलक लगे शिवराज को देख भांजे-भांजी उनसे लिपट गई। सिसक-सिसककर अपने दिल की बात कह ही रही थी कि लाड़ली बहनों के आँखों से भी आंसू निकल पड़े।

मामा शिवराज ने सभी से कहा 'चिंता मत करना'। जो भी जरुरत पड़ेगी, सब पूरी होगी। उन्होंने कहा कि वह हमेशा उनके साथ हैं। उन्होंने I love you भी कहा। यह सुनकर लाड़ली बहनों और भांजे-भांजियों के चेहरों पर मुस्कान भी झलक उठी। शिवराज ने लोगों से कहा, 'मैं तो आपका भाई और मामा हूं। हमेशा आपके साथ हूं। अपनी बहनों के साथ हूं। मुझे विश्वास है कि नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के विकास को एक नई गति मिलेगी।
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान मंडला निवास के रास्ते अमरकंटक भी पहुंचे। इस दौरान बीच रास्ते में भी उन्होंने छोटे-छोटे गांव में लोगों से मुलाकात की और बीजेपी की जीत के लिए जनता का आभार जताया। अमरकंटक पहुंचकर उन्होंने पवित्र नर्मदा का पूजन अर्चन किया और आवाम की तरक्की की प्रार्थना की। शिवराज का पौधा रोपण का कार्यक्रम अभी भी जारी हैं। प्रकृति संरक्षण का संदेश देते चले आ रहे हैं।












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