MP Jabalpur के ये 17 स्कूल कहलाएंगे ‘पीएम श्री’, महंगे प्राइवेट स्कूलों की टीचिंग को देंगे मात

स्कूली शिक्षा के उत्थान के लिए लागू हुई ‘पीएम श्री’ योजना में जबलपुर जिले के 17 स्कूल चयनित हुए हैं। सीएम राइज स्कूल की तर्ज पर बच्चों को इन स्कूलों में आधुनिक इंतजाम होंगे, साथ ही पढ़ाई-लिखाई का तरीका भी बदलेगा।

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MP Jabalpur: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में बच्चों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों का भविष्य भी बदल रहा हैं। सीएम राइज स्कूलों के रूप में शिक्षा की जो तस्वीर उभरी हैं, उसी तरह 'पीएम श्री स्कूल' बच्चों को बुलंदियों का रास्ता दिखाएंगे। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में इस योजना की उम्मीदों पर 17 स्कूल खरे उतरे हैं। ग्रामीण क्षेत्र का नुनसर हायर सेकण्डरी स्कूल भी शामिल है। जहां डिस्कवरी ओरिएंटेड और लर्निंग सेंट्रिक टीचिंग मेथड लागू की जाएगी। पढ़ाई की रट्टू तोता प्रथा से हटकर बच्चे टॉय बेस्ड टीचिंग का लाभ उठाएंगे।

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मध्य प्रदेश में जिस तरह सीएम राइज स्कूल योजना, स्कूली शिक्षा पद्धित को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही हैं, उससे कई कदम आगे 'पीएम श्री स्कूल' योजना बच्चों की तकदीर बनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्त्वकांक्षी इस योजना के तहत चयनित स्कूलों में परिवेश ऐसा होगा जैसे महंगे प्राइवेट स्कूलों का होता है। पढ़ाई-लिखाई का तौर-तरीका भी बच्चों की मानसिक स्थितियों को भांपते हुए बदलेगा। केंद्र सरकार की योजना के लिए जिले से कई शासकीय स्कूलों ने आवेदन किया था। भौतिक निरीक्षण और स्कूलों के स्टाफ की गतिविधियों के आधार पर जिले के 17 स्कूल योजना की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं।

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योजना में चयनित इन 17 स्कूलों में सरकार सभी संसाधन मुहैया करायेगी। डीईओ घनश्याम सोनी ने बताया कि चयनित स्कूलों का निरीक्षण कराया जा रहा हैं। योजना के मापदंडों के अनुसार आवश्यकताओं को परखा जाएगा। जिसकी सूची तैयार कर लोक शिक्षण संचालनालय भेजी जाना हैं। बताया गया कि सभी स्कूल आधुनिक व्यवस्थाओं से लैस होंगे। बच्चों के स्कूल में पहुंचने से लेकर पढ़ाई तक तनाव मुक्त शिक्षा देने की व्यवस्था होगी।

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ये होंगे बदलाव
मॉर्डन शैली में नजर आने वाले इन स्कूलों की इमारत न सिर्फ अपग्रेड होगी, बल्कि हाईटेक भी रहेगी। स्मार्ट क्लास रूम, मैन्यूल डिजिटल लाइब्रेरी, प्ले ग्राउंड भी अपग्रेड होंग। राज्य सरकार भी इस दिशा में लगातार मॉनिटरिंग करेंगी। बतौर ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित होने वाले इन स्कूलों का माहौल निजी स्कूलों को भी मात देंगा। आम लोगों का वह भरोसा भी वापस लौटेगा, जिस वजह से कई अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने से कतराते है।

टीचर्स डे पर हुई थी योजना की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों को स्मार्ट शिक्षा से जोड़ने टीचर्स डे पर इस योजना की घोषणा की थी। पहले चरण में देश के 14000 स्कूलों को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चे प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई कर सकेंगे। ऑलराउंड डेवलपमेंट, इंटीग्रेटेड मेथड पर अध्ययन-अध्यापन पर फोकस रहेगा। आसान शब्दों को कहा जाए तो सामान्य तौर पर बच्चों में विकसित हो रही पढ़ाई की रट्टू तोता प्रथा दूर होगी। डिस्कवरी ओरिएंटेड और लर्निंग सेंटर्ड टीचिंग मेथड अपनाई जाएगी। खेल-खेल में भी ये स्कूल ज्ञान अर्जन का माध्यम बनेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करते हुए ये स्कूल शिक्षा के आदर्श मापदंड स्थापित करेंगे। देश भर में ऐसे स्कूलों के लिए 5 सालों में 27,360 करोड़ का खर्च अनुमानित हैं।

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