कैसी है लुफ्थांसा एयरलाइंस? London से 72 घंटे में पहुंचाया India, 5 दिन बाद भी लगेज नहीं मिला, यात्री परेशान
इंटरनेशनल हवाई कंपनियों की सेवा क्या इतनी खटारा है, कि लंदन से इंडिया आए हुए पैसेंजर्स को 5 दिन गुजर गए, पर लगेज नहीं आ पाया। ऐसे करीब 700 यात्री परेशान हैं और लुफ्थांसा एयरलाइंस पर आरोप लगाए हैं।

London Munich delhi flight agony of passengers: लंदन और जर्मनी से इंडिया पहुंचे करीब 700 हवाई यात्री परेशान हैं। एक तो 12 घंटे का सफ़र 72 घंटे में पूरा हुआ, ऊपर से चार दिन बाद भी पैसेंजर्स का लगेज उनको नहीं मिला हैं। करीब तीन साल बाद छुट्टियों में अपने परिवार के साथ एमपी के जबलपुर आए पैसेंजर्स ने लुफ्थांसा एयरलाइंस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लगेज में पत्नी की बीमारी की ऐसी दवाइयां भी है, जो इंडिया में नहीं मिलती। म्यूनिख एयरपोर्ट पर भी यात्रियों के साथ जो बर्ताव हुआ, वह प्रताड़ना से कम नहीं था।

72 घंटे में बदला 12 घंटे का सफर पर
मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले सुधीर पांडे लंदन में नौकरी करते है। 14 दिसंबर को लंदन से म्यूनिख पहुंचे, वहां से उनकी दिल्ली की फ्लाइट बुक थी। सामान्य तौर पर दिल्ली तक का सफ़र लगभग 12 घंटे में पूरा होता हैं। तीन साल बाद किसी तरह उन्होंने जबलपुर में अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से मिलने इंडिया आने का प्लान किया। लेकिन वह 72 घंटे बाद इंडिया पहुंच पाए। जिसकी बड़ी वजह लुफ्थांसा एयरलाइन हैं। कई परेशानियों के साथ किसी तरह उनका परिवार जबलपुर तो पहुंच गया है, लेकिन उनके लगेज का अभी तक कोई अता-पता नहीं है।

लुफ्थांसा एयरलाइंस नहीं दे रहा कोई जानकारी
सुधीर पांडे का कहना है कि इंडिया पहुंचने के 5 दिन बाद भी उनको उनका लगेज नहीं मिला है। इस सिलसिले में म्यूनिख एयरपोर्ट प्रशासन और लुफ्थांसा एयरलाइंस से कॉन्टेक्ट किया, तो कोई भी सही जानकारी नहीं दे रहा। लगेज में उनका पूरा सामान है। उनको यह नहीं पता था, कि इंटरनेशनल हवाई सेवा के नाम पर लुफ्थांसा एयरलाइन इस तरह का सुलूक करेगी।

लगेज में पत्नी की दवाइयां, भारत में उपलब्ध नहीं
सुधीर बताते है कि उनकी पत्नी को गंभीर बीमारी है। जिसका लंदन में इलाज जारी है। डॉक्टर के द्वारा जो दवाएं दी गई, वह लगेज में ही रखी है। उन दवाओं में कई दवाएं ऐसी है, जो भारत में उपलब्ध नहीं हैं। पिछले 4 दिनों से उनकी पत्नी बिना दवाओं के हैं। ऐसे में चिंता और बढ़ती जा रही है।

लगभग 700 सौ यात्रियों का लगेज फंसा
बताया जा रहा है कि 14 और 15 दिसम्बर को म्यूनिख से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाले ऐसे करीब 700 यात्री परेशानियों का शिकार हुए है। सभी का लगेज फंसा हुआ है। कही भी कोई लगेज के बारे में जानकारी देने तैयार नहीं। इधर एयरइंडिया के माध्यम से भी मदद की गुहार लगाईं गई। लेकिन उनके द्वारा भी हाथ खड़े कर दिए गए। इंडिया के अलग-अलग हिस्सों के सैकड़ों पैसेंजर्स में कई ऐसे है, जिनके घर में या रिश्तेदारों में शादी का प्रोग्राम है। उनका कीमती सामान भी लगेज में ही है।

लुफ्थांसा एयरलाइन की लापरवाही
सुधीर ने आरोप लगाया है कि म्यूनिख में एयरपोर्ट पर उनको मुख्य फ्लाईट कैंसिल होना बताया गया। फिर दूसरी फ्लाईट से दुबई और वहां से दिल्ली आना पड़ा। इस दौरान म्यूनिख एयरपोर्ट पर फ्लाईट के इंतजार में जमीन पर ही भूखे-प्यासे सोना पड़ा। किसी ने कोई सुध नहीं ली। विमान सेवा के इंटरनेश्नल नियमों की धज्जियां भी उड़ाई गई। पीड़ित यात्री अब भारत सरकार से भी मदद की गुहार लगा रहे है। क्योकि अधिकांश यात्री ऐसे है जो हफ़्ते-दो हफ़्ते की छुट्टियां लेकर ही यहां पहुंचे। एक सप्ताह गुजर गया है, और अब वापसी का वक्त नजदीक आ गया हैं।












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