Jabalpur News: एपी बाम असली या नकली? जबलपुर की फैक्ट्री में जखीरा देख पुलिस का भी चकरा गया सिर, फैक्ट्री सील
Jabalpur News: सिर दर्द दूर करने वाली 'लाल बाम' की विश्वसनीयता पर जब सवाल खड़े होने लगे तो उसे आप क्या कहेंगे? मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस के सामने कुछ ऐसा ही मामला आया। कलकत्ता की फेमस एपी बाम कंपनी की शिकायत पर एक ऐसी फैक्ट्री में दबिश दी गई, जहां हू-बहू वैसी ही दिखने वाली बाम का निर्माण होता था।
शहर की लार्डगंज पुलिस ने बड़ी तादात में बाम, रैपर, बाम बनाने का कच्चा मटेरियल और सामान बरामद कर फैक्ट्री सील कर दी हैं। दरअसल कलकत्ता की कंपनी के प्रतिनिधि ने यहां बन रही बाम को नकली करार दिया है। इस सिलसिले में पुलिस से लिखित शिकायत की गई थी।
लॉर्डगंज थाना प्रतीक्षा मार्को ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई हैं। शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज किए गए हैं। मामले की पूरी जांच होने तक नियम मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों ने फैक्ट्री सील कर दी हैं। फैक्ट्री मालिक से भी पूछताछ जारी हैं।

यह कार्रवाई होने के कुछ देर बाद फैक्ट्री मालिक सुरेश गुप्ता भी थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई अनुचित बताया। गुप्ता ने कहा कि उनकी फैक्ट्री और वहां बन रही बाम लीगल हैं। कॉपीराइट एक्ट की शिकायत निराधार हैं। क्योकि जिस बाम को शिकायतकर्ता अपनी कंपनी का पेटेंट होना बता रहे हैं, वैसा निर्माण बिल्कुल नहीं किया जाता था। गुप्ता ने कहा कि उनकी बाम का नाम गुहाफा है और वह भी पेटेंट हैं। दूसरी तरफ कलकत्ता की एपी बाम और जबलपुर की इस फैक्ट्री की बाम दूर से देखने में बिल्कुल एक जैसी दिखती हैं।
पुलिस ने एक्शन तो ले लिया लेकिन बाम के असली -नकली के चक्कर ने उसका सिर दर्द बढ़ा दिया हैं। एसआई संध्या चंदेल का कहना है कि जब्त की बाम फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजी जायेगी। ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी फैक्ट्री मालिक गुप्ता से अपने कारोबार से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। जबलपुर में किस आधार पर लाल बाम का निर्माण किया जा रहा था, दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा हैं।












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