‘जनप्रतिनिधि दुःख दर्द में आते हैं..’, जुआरियों के सिलसिले में थाने पहुंचे नेता, जबलपुर पुलिस का गजब बयान
Jabalpur news: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की भागमभाग में अच्छे-अच्छों को पसीना आ गया। फिर तो बेचारे कार्यकर्ता ठहरे..। जुआ खेलने के शौकीन अपने हाथों को भला कितने दिन रोकते? ऐसे में जबलपुर में एक जगह फड़ जमा लेकिन वहां पुलिस पहुंच गई और दर्जन भर जुआरियों को धरदबोचा।
मामला पवित्र नर्मदा ग्वारीघाट क्षेत्र का है। जहां पुलिस ने पांच लोगों को जुआ खेलते रंगे हाथों अरेस्ट किया। मौके हजारों रुपये कैश भी बरामद हुआ। यह बात पुलिसिया रिकॉर्ड के हिसाब से खुद अफसरों ने बताई। लेकिन ये जुआरी इतने खास थे कि दल विशेष के चर्चित नेताओं को तक सारे काम छोड़कर थाने पहुंचना पड़ा।
ये कार्रवाई चल ही रही थी कि मीडिया भी धमक पड़ी। आरोप लगा कि जहां जुआ का फड़ सजा था, वह ग्वारीघाट के नामी पूर्व पार्षद और एमआईसी सदस्य का अड्डा था। लेकिन ग्वारीघाट थाना प्रभारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। जुआरियों की संख्या पहले तो ज्यादा थी, लेकिन कार्रवाई होते-होते घट गई। यह कैसे और क्यों हुई, इसकी जानकारी हमें भी नहीं।
जुआरियों के सिलसिले में जो नेता पहुंचे उनके बारे में कुछ लोग कहते नजर आए कि वो फूल वाले नेता जुआरियों को छुड़ाने आए थे। उनमें एक पूर्व विधानसभा क्षेत्र के पूर्व पार्षद और एमआईसी सदस्य और दूसरे नेता भी थे। यह थाने में नेताओं का जमावड़े का वीडियो जमकर वायरल हो रहा हैं।

टीआई संजीव त्रिपाठी से जब यह पूछा गया कि जुआरियों के सिलसिले में आए नेता किस दल के थे और उनके आने की वजह क्या थी? तो वह पार्टी और नेताओं दोनों का नाम नहीं बता सकें। हां इतना हास्यास्पद जबाव जरुर दिया कि 'गणमान्य जन थे..जनप्रतिनिधि है वो लोगों के दुःख दर्द में भी आते हैं और सुख में भी आते है'। टीआई ने आरोपियों की गिरफ्तारी का ठिकाना साकेत धाम के नजदीक नरेश किराना के पीछे से बताया। हालांकि इस मामले में थाने पहुंचे नेताओं का पक्ष सामने नहीं आ सका हैं।












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