Jabalpur News: बिजली टैरिफ बढ़ोत्तरी का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, नियामक आयोग, ऊर्जा सचिव और सरकार को नोटिस
MP में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की याचिका पर जबलपुर कोर्ट ने सरकार, ऊर्जा सचिव और नियामक आयोग को नोटिस जारी कर जबाब मांगा है।

Jabalpur High court: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की बिजली टैरिफ को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने नियामक आयोग, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और सरकार को नोटिस जारी कर जबाब मांगा हैं। उपभोक्ता मंच की ओर से आरोप लगाया गया है कि नियमों की अनदेखी कर बिजली कंपनियों ने नए टैरिफ का प्रस्ताव तैयार किया, जिस पर विधुत नियामक आयोग सुनवाई करने वाले है।

एमपी की बिजली कंपनियों ने बिजली दरों में बढ़ोत्तरी संबंधी प्रस्ताव विधुत नियामक आयोग को भेजा था। जिस पर सुनवाई के लिए आयोग ने तारीखों का ऐलान करते हुए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। इस मामले पर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने आपत्ति जताई और हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जबलपुर हाई कोर्ट में दायर याचिका में बताया गया कि एमपी में बिजली दरों के निर्धारण के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की जा रही हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि टैरिफ बढ़ाने के संबंध में नियम मुताबिक दो महीने कम से कम दो राष्ट्रीय अख़बारों में सूचना प्रकाशित करना अनिवार्य है। जिस पर आने वाले दावे और आपत्तियों का निराकरण भी जरुरी है।

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लेकिन मध्य प्रदेश में बिजली दर बढ़ोत्तरी को लेकर ऐसा कुछ नहीं किया गया। कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए सरकार, ऊर्जा सचिव और विधुत नियामक आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता उपभोक्ता मंच की ओर से नियामक आयोग को नोटिस भी भेजा गया है। कहा गया है कि यदि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया, तो अदालत में अवमानना याचिका भी दायर की जाएगी। बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बिजली नीति का ख्याल रखते हुए नए टैरिफ निर्धारण में नया रेगुलेशन बनाने के भी निर्देश शामिल है। साथ ही दावे आपत्ति पर सुनवाई भी जरुरी है।












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