Jabalpur News: कलेक्टर खुद कर रहे सटेलाईट सर्वे का वैरिफिकेशन, जबलपुर में गैर धान वाले क्षेत्रों का निरीक्षण
एमपी में गैर धान कृषि क्षेत्र के खसरों का सर्वे किया जा रहा हैं। सरकार के निर्देश के बाद कलेक्टर खुद सेटेलाईट सर्वे का वैरिफिकेशन करने फील्ड पर उतरे और संबंधित विभागों को जरुरी निर्देश दिए।

Jabalpur Collector himself verifying satellite survey:मध्य प्रदेश में फसलों और कृषि भूमियों का सर्वे के लिए सेटेलाईट तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। चाहे ख़राब फसले हो या फिर कृषि भूमियों के खसरें, उन सेटेलाईट से नजर रखी जा रही हैं। जबलपुर जिले में भी सर्वे जारी है। जिसके सत्यापन के लिए कलेक्टर खुद विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर जा रहे हैं। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज कृषि क्षेत्र और वास्तविक स्थिति में यदि कोई भिन्नता है, तो उस पर विभागीय अमले द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

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जबलपुर कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन मंगलवार की सुबह तेवर पहुँचे और सेटेलाइट सर्वे में गैर धान क्षेत्र बताये गये खसरों के सत्यापन कार्य का जायजा लिया। इस मौके पर जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश तांडेकर, अधीक्षक भू-अभिलेख ललित गवालवंशी एवं तहसीलदार गोरखपुर अनूप श्रीवास्तव भी मौजूद थे । अधीक्षक भू-अभिलेख के अनुसार तेवर ग्राम में सर्वाधिक 163 खसरों को सैटेलाइट सर्वे के सत्यापन में गैर धान क्षेत्र बताया गया था। जिसको राजस्व विभाग के अमले द्वारा किये गये सत्यापन में धान का क्षेत्र पाया था। जिसका दोबारा सत्यापन किया गया और पूर्व में राजस्व अमले के सत्यापन को सही पाया।

कलेक्टर सुमन तेवर के बाद पनागर भी पहुंचे। यहां भी सेटेलाइट सर्वे में गैर धान क्षेत्र बताए गये खसरों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने ऐसे सभी खसरों का दो दिन के भीतर अंतिम तौर पर सत्यापन का कार्य पूरा कर लेने के निर्देश दिए हैं। राजस्व अधिकारियों को कहा गया है कि धान उत्पादक किसानों की कठिनाइयों को शीघ्र दूर किया जाए। पनागर में निरीक्षण के दौरान एसडीएम जबलपुर पी के सेनगुप्ता भी मौजूद थे। यहां क्षेत्रीय विधायक इंदु तिवारी के पास किसानों ने पिछले दिनों कई शिकायतें की। सर्वे में कई तरह की गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए थे। जिसके बाद किसानों को भरोसा दिलाया गया था, कि उनके खसरों की जो मूल स्थिति है, उसी के आधार पर सर्वे दर्ज होगा।












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