Jabalpur News : पूर्व बिशप पीसी सिंह केस, 5 करोड़ खर्च हुए तब लाड़ली बनी डॉक्टर, अब पापा विद फैमली आरोपी
फर्जीवाड़े-घोटाले जैसे कई मामले होते आए है और उसके आरोपी भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे। लेकिन मप्र के जबलपुर से उजागर हुए करोड़ों के चर्च लेंड स्केम और फर्जीवाड़ा अपने आप में ऐसा अलग मामला है, जिसमें मुख्य आरोपी समेत उसकी पूरी फैमली आरोपी बन गई । पूर्व बिशप पीसी सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके बेटे और पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है । EOW जांच में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि आरोपी पीसी सिंह ने जब 5 करोड़ रुपए खर्च किए तब कही जाकर उसकी लाड़ली बेटी डॉक्टर बन पाई।

पूर्व बिशप पीसी सिंह विद फैमली आरोपी !
मिशनरी संस्थाओं की करोड़ों की बेशकीमती जमीनों और शैक्षणिक संस्थानों की फीस के गड़बड़ी के आरोपों में घिरे बिशप पीसी सिंह अब, विद फैमली आरोपी है। घर में पड़े EOW छापे के बाद उधड़ना शुरू हुई काली कमाई की परतों को देखकर हर किसी की आंखे फटी रह गई। इस जमीन घोटाले फर्जीवाड़े की जांच फाइलों का पुलिंदा इतना बढ़ गया है कि ईओडब्ल्यू को हर रोज पीसी सिंह से जुड़े नए कारनामे पता चल रह रहे।

लाड़ली बेटी को डॉक्टर बनाने खर्च कर डाले करोड़ों
जेल में बंद पूर्व बिशप पीसी सिंह का अपनी बेटी प्रियंका सिंह को डॉक्टर बनाने का सपना था। करोड़ों रुपए के नोटों के बंडलों के इर्द-गिर्द रहने वाले पीसी सिंह के लिए यह बाए हाथ का खेल था। ईओडब्ल्यू की जांच टीम से मिली जानकारी के मुताबिक उसके हाथ ऐसे दस्तावेज हाथ लगे है, जिसमें उसकी बेटी की पढ़ाई में हुए खर्च का भी जिक्र है। पीसी सिंह ने प्रियंका का हैदराबाद की एक संस्थान में एडमिशन करवाया था। जिसमें लगभग 5 करोड़ रुपए खर्च किए गये।

बेटी को डॉक्टर बनाने कहां से आए 5 करोड़?
मामले की पड़ताल में जुटी ईओडब्ल्यू की टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि पीसी सिंह ने अपनी बेटी की पढ़ाई में जो रकम खर्च की, वह करोड़ों रुपए कहां से आए। सूत्र बताते है कि प्रियंका की डॉक्टर की डिग्री की भी जांच कराई जाएगी कि वास्तविक रूप से पढ़ाई करके ही हासिल की गई या फिर संबंधित संस्थान को डोनेशन के नाम पर मोटी रकम देकर हासिल की गई। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जांच टीम हैदराबाद की उस संसथान को पत्र लिखकर जानकारी मांग सकती है और पूछताछ के लिए अधिकारियों को जबलपुर भे बुलाया जा सकता है।

बेटा पीयूष पॉल पहले ही हो चुका गिरफ्तार
पीसी सिंह के बेटे पीयूष पॉल को भी कई गड़बड़ियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान वह भी अपने पिता की तरह जेल में है। अनाधिकृत रूप से मिशनरी स्कूल का प्राचार्य और खुद के स्कूल में भी बड़े पद पर रहा। प्रति माह सैलरी लगभग 55 हजार थी, लेकिन बैंक खातों में करोड़ों रुपए का बैलेंस मिला। इसके अलावा उसने अपने पिता को लाखों रुपए की लग्जरी गाड़ी गिफ्ट भी की।

पत्नी नोरा सिंह की भी होगी गिरफ्तारी
बेटे के बाद अब पीसी सिंह की पत्नी नोरा सिंह भी आरोपी है। आठ संस्थानों की प्रबंधक और आशा केंद्र की निदेशक रहते वित्तीय गड़बड़ियों के कई सबूत ईओडब्ल्यू के हाथ लगे है। लिहाजा पूरे मामले में नोरा सिंह को भी अपने पति के गड़बड़ घोटाले में सहयोगी माना गया है। हालांकि उसे आरोपी बनाए जाने के बाद उसकी बीमारी की वजह फिलहाल गिरफ्तारी टाली गई है। ईओडब्ल्यू अफसरों का कहना है कि पीसी सिंह की पत्नी को भी जल्द गिरफ़्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।












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