Jabalpur में अमित शाह के दौरे के बाद बीजेपी नगर अध्यक्ष प्रभात साहू का इस्तीफ़ा, धीरज को मिलेगी कमान?
Jabalpur BJP nagar adhyaksh Prabhat Sahu: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी-कांग्रेस जैसे प्रमुख दल एक-एक सीट जीतने एड़ी छोटी का जोर लगा रहा हैं, उस दरमियान इस्तीफों की झड़ी भी लगी हैं। जबलपुर में बीजेपी नगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने अपन पद से इस्तीफ़ा देकर नया भू-चाल ला दिया।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब एमपी चुनाव की कमान संभाले केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जबलपुर से रवाना हुए 24 घंटे भी नहीं बीते थे। मीडिया के सामने खुद प्रभात साहू ने संगठन को इस्तीफ़ा भेजने की पुष्टि की।
साहू ने नगर अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के पीछे की कई वजहें गिनाई। जिसमें सबसे बड़ी वजह बीजेपी प्रत्याशियों की जारी हुई पांचवीं लिस्ट के बाद पार्टी दफ्तर में हुआ बवाल बताया। प्रभात साहू ने कहा कि पार्टी के ही कुछ लोग संभागीय दफ्तर में हुई घटना के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर दोषी मान रहे हैं। लिहाजा पार्टी की मर्यादा और नैतिकता के आसरे इस्तीफ़ा दिया हैं।

आपको बता दें कि जबलपुर में उत्तर मध्य विधानसभा सीट से घोषित प्रत्याशी अभिलाष पांडे के खिलाफ असंतुष्टों की भीड़ ने बीजेपी के संभागीय दफ्तर में धावा बोल दिया था। उस वक्त प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र सिंह के सामने गाली-गलौच और मारपीट जैसी नौबत भी बनी। फिर अगले दिन से सोशल मीडिया पर स्थानीय बीजेपी के अलग गुट ने प्रभात साहू को घेरना शुरू कर दिया था। कई आरोपों के साथ कमेंट्स भी किए जाने लगे। साहू बोले कि चुनाव के वक्त इन हालातों को देखते हुए उन्होंने इस्तीफ़ा देना उचित समझा।
प्रभात साहू के नगर अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफ़ा यदि संगठन स्वीकार कर लेता हैं, तो एन चुनाव में पार्टी की कमान किसके कंधो पर होगी, इस पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शहर में ऐसा कौन दमदार चेहरा है जो चुनावी मिजाज के साथ मौजूदा तासीर के साथ जिम्मेदारी संभाल सकता हैं। हालांकि बड़े नेताओं ने इस मामले में अभी चुप्पी साध रखी हैं। लेकिन धीरज पटैरिया का नाम की सुगबुगाहट शुरू हो गई हैं।
दरअसल इस घटनाक्रम से एक दिन पहले जबलपुर दौरे पर अमित शाह से धीरज पटेरिया की मुलाकात सुर्ख़ियों में रही। सियासी गलियारों में इस खबर का हल्ला जोर पकडे था, पिछले चुनाव की तरह धीरज, इस बार भी टिकट न मिलने से खफा हैं और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। लेकिन शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने सभी कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने साफ़ कहा कि वह निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ेंगे और पार्टी प्रत्याशियों की जीत के लिए काम करेंगे। सूत्र बताते हैं कि धीरज पटैरिया को नगर अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती हैं।












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