Narmada का सबसे पहला और पुराने जबलपुर बरगी बांध के कभी भी खोले जा सकते गेट, भारी बारिश से बढ़ी पानी आवक
Jabalpur News: मध्य प्रदेश के पुराने और बड़े बांध में शामिल जबलपुर का बरगी बांध फुल होने की कगार पर है। बांध आपरेशनल मैन्युअल के मुताबिक 31 जुलाई तक 417.50 मीटर रखा जाना निर्धारित है। लेकिन बीते चार दिनों से जारी बारिश से इसका लेबल लगभग 416 मीटर पहुंच गया हैं।
बांध प्रबंधन ने जबलपुर और आसपास के कैचमेंट एरिया से बांध में आ रहे पानी की मात्रा को देखते हुए अलर्ट जारी किया हैं। कार्यपालन यंत्री अजय सूरे ने बताया है कि डेम में वॉटर लेबल मेंटेन करने इसके गेट कभी भी खोले जा सकते हैं।
इस जानकारी के बाद प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के रहवासी और अन्य लोगों को अभी से सतर्क करना शुरू कर दिया हैं। नर्मदा के घाटों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं। जबलपुर समेत संभाग के कई जिलों में रुक-रुककर हो रही तेज-धीमी बारिश के कारण कई छोटी नदियां भी उफान पर हैं।

कैचमेंट एरिया के पानी की आवक बांध में लगातार बढ़ती जा रही हैं। आपको बता दें कि नर्मदा नदी पर बना यह सबसे पहला बांध हैं। जिसमें कुल 21 गेट है। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना प्रशासन ने बताया कि रविवार की रात 8 बजे तक की स्थिति में जलाशय में 3 हजार 500 घन मीटर प्रति सेकेंड वर्षा जल की आवक हो रही थी। हालांकि सोमवार को कुछ जिलों में बारिश थमी तो पानी की आवक में भी कमी आई है। लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार संभाग में कई जगहों पर भारी बारिश का जारी हैं।
जलग्रहण क्षेत्र में लगातार वर्षा जल की आवक जारी रही तो बांध का जलस्तर जल्दी ही 417.50 मीटर के ऊपर पहुंच सकता है। जल स्तर को नियंत्रित करने जलद्वारों को कभी भी खोला जा सकता है। रानी अवंतीबाई लोधी सागर बरगी बांध का पूर्ण जल भराव स्तर 422.76 मीटर है। जरुरत पड़ने पर बांध के के कितने गेट, कितने मीटर ऊंचाई तक खोले जाएंगे, इसका फैसला तात्कालिक पानी की आवक पर निर्भर करेगा।












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