MP: रोजगार सहायक सचिव को टर्मिनेट करने वालों की अब खैर नहीं, मुख्यालय के फरमान से हडकंप
जबलपुर, 17 अगस्त: रोजगार सहायक सचिवों को यदि बर्खास्त किया तो अब खैर नहीं...भोपाल मुख्यालय से विभागयुक्त के फरमान के बाद जबलपुर में हडकंप मचा है। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी रोजगार सहायक सचिव की गलती सामने आती है और जांच में सही पाई जाती है तो दंड का प्रावधान है। ऐसे लोगों को सीधे बर्खास्त करना न्याय संगत नहीं है। दरअसल मुख्यालय स्तर पर ऐसे कई मामलों की शिकायतें पहुंची थी, जिसके बाद आदेश जारी किया गया है।

मप्र राज्य गारंटी परिषद आयुक्त सूफिया फारूकी वली का कहना है कि रोजगार सहायक सचिवों की सेवा समाप्ति प्रक्रिया में संशोधन किया गया लेकिन जनपदों में इसका पालन नहीं हो रहा है। शिकायतों का वक्त पर समाधान न होने के कारण संबंधित व्यक्ति कोर्ट की शरण में जा रहा है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। रोजगार सहायक सचिव की गलती पाए जाने पर चेतावनी, नो वर्क, नो पे के आधार पर अस्थाई रूप से मानदेय रोका जा सकता है। उसके बाद गलतियों की पुनरावृत्ति होने पर विभाग सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करेगा।

साल भर पहले जारी हुआ था आदेश
मप्र राज्य गारंटी परिषद ने 21 जनवरी 2021 को एक आदेश जारी कर कहा था कि रोजगार सहायक सचिवों की गलती सामने के बाद सेवा समाप्ति न की जाए। इस आदेश को जारी हुए एक साल से ज्यादा हो रहा है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसका पालन ही नहीं किया है। नतीजा ये है कि आज भी रोजगार सहायक सचिवों को टर्मिनेट किया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि संबंधित विभाग का आदेश एक साल पहले का है बाबजूद इसका पालन नहीं हो रहा है, मजबूरीवश विभाग को दोबारा एक आदेश जारी करना पड़ा है। विभाग ने कहा है कि लंबित शिकायतों पर भी यही आदेश प्रभावी रहेंगा।












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