Doctor: मरीजों के परचे में भी Rx की जगह ‘श्री’, मप्र सरकार के नवाचार को आगे बढ़ाएंगे डॉक्टर
Doctor medical education in hindi 'Shri' instead of Rx in patients' prescriptions madhya pradesh
(Doctor) मप्र में शिक्षा नीति में अब नए युग की शुरुआत हुई है। हिंदी मेडिकल एजुकेशन, फिर आने वाले भविष्य में इंजीनियरिंग की हिंदी में पढ़ाई के ऐलान ने नई इबारत लिख दी है। इसी के साथ डॉक्टरों ने मरीजों के पर्चे Rx की जगह हिंदी में 'श्री' से लिखने की शुरुआत कर दी। ऐसा करने वाला मप्र देश का इकलौता राज्य बन गया है।

‘हिंदी’ बढ़ाएगी कठिन शिक्षा की हिम्मत
मप्र में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में किए जाने के फैसले के बाद एमपी की शिक्षा नीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है l मेडिकल क्षेत्र में रूचि रखने वाले स्टूडेंट भी खुश है l गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शिवराज सरकार द्वारा एक कार्यक्रम के जरिए इसकी औपचारिक शुरुआत कर दी गई l इसे आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर बड़ी सौगात के रूप में बताया जा रहा जा रहा है।

डॉक्टर ने शुरू की हिंदी में परचे लिखने की शुरुआत
ख़ास बात यह है कि हिंदी का अपना हक़ है और उसकी अहमियत भी। देश की मातृभाषा हिंदी का एमपी की शिक्षा नीति एक तरह से राजतिलक कर रही है। मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में किए जाने के फैसले के फ़ौरन बाद जबलपुर में इसका अमल नजर आया। शहर के जाने माने चिकित्सक अखिलेश गुमाश्ता अपने मरीज के परचे लिखने की शुरुआत हिंदी से करते नजर आए। उन्होंने Rx की जगह 'श्री' हिंदी में लिखा। साथ ही साइन भी हिंदी में किए।

अच्छा लगा, नया विचार नया उद्देश्य
दवा के परचे में Rx की जगह 'श्री' लिखने की शुरुआत अलग तरह का अहसास है। डॉ. अखिलेश गुमास्ता वर्ल्ड रामायण कांफ्रेंस के प्रणेता रहे है। बोले कि नए विचार, उद्देश्य के असर या बेअसर होने का पता लगने में समय लगता है, पर प्रयोग होते रहने में नयापन बना रहता है l राजभाषा अधिनियम 1963 के 7 (2) के अंतर्गत कोई यदि हिन्दी में हस्ताक्षर भी करता है तो वह हिंदी में ही उत्तर पाने का हकदार हो जाता है l चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम की प्रारंभिक पुस्तकों का प्रयोग प्रथम वर्ष छात्रों को अपनी मेधा का समान रूप से परिचय देने में सहायक होगाl

आने वाले दिनों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी
शिक्षा के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय लिखने वाली मप्र सरकार आने वाले दिनों में इंजीनियरिंग का कोर्स भी हिंदी में ही लांच करेंगीl पॉलिटेक्निक की पढ़ाई भी हिंदी में प्रारंभ होगी। मप्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ की है।

शिक्षा नीति की मानसिक गुलामी का अंत
कई जगहों पर अंग्रेजी शिक्षा नीति कई जटिलताओं से स्टूडेंट्स को घेरे थी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री का कहना है कि लॉर्ड मेकाले ने अपनी शिक्षा नीति में जिस मानसिक गुलामी की नीति अपनाई थी, उसका अब अंत हो रहा है। नई शिक्षा नीति से भारतीय भाषाओं में सभी विषयों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। आईआईटी और आईआईएम की पढ़ाई भी हिंदी में करवाएँगे। इसके लिएय मंत्री सारंग प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री चौहान को श्रेय दिया।












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