Jabalpur न्यायधानी में न्याय के लिए रिश्वत ! लोकायुक्त पुलिस ने कमिश्नर दफ्तर के क्लर्क को दबोचा
एमपी के कुछ सरकारी दफ्तरों में बिना पैसों के इंसाफ नसीब नहीं । जबलपुर कमिश्नर ऑफिस में क्लर्क 64 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया । एक केस में फैसला कराने के एवज में रुपयों की डिमांड की गई थी।

Bribe for justice in Jabalpur:एमपी में जबलपुर को न्यायधानी भी कहा जाता है, लेकिन यहां इंसाफ पाने के लिए भी लोगों को घूस देना पड़ रही हैं। इसका एक बार फिर खुलासा तब हुआ जब कमिश्नर दफ्तर में 64 हजार रुपए नकद रिश्वत लेते क्लर्क पकड़ा गया। 18 हेक्टेयर जमीन के बंदोबस्त रिकॉर्ड में नाम सुधरवाने के प्रकरण में फरियादी से रुपयों की डिमांड की गई थी। लोकायुक्त की कार्रवाई से अब पूरे दफ्तर में हड़कंप मचा हुआ है।
जबलपुर कमिश्नर दफ्तर में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ चंद्र कुमार दीक्षित को लोकायुक्त पुलिस ने 64 हजार रुपए नकद रिश्वत लेते दबोंचा। लोकायुक्त एसपी संजय साहू के मुताबिक सिवनी जिले के टीकाराम चन्द्रवंशी ने शिकायत की थी कि पायली खुर्द में 18 हेक्टेयर भूमि जिस पर उनका मालिकाना हक़ है। बंदोबस्त रिकॉर्ड में किसी अन्य का नाम दाखिल है। जिसके सुधार के लिए अतिरिक्त कमिश्नर कार्यालय में प्रकरण काफी समय से विचाराधीन है। इस केस में निराकरण में काफी वक्त लग रहा था, तो क्लर्क से बातचीत की गई। आरोपी चंद्र कुमार ने प्रकरण सुलझाने के साथ न्याय दिलाने के एवज में 64 हजार रुपए की डिमांड की।

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ड्रोज में रखवाए रिश्वत रुपए
पीड़ित की शिकायत परीक्षण में सही पाई गई। फिर लोकायुक्त की टीम ने योजना योजना बनाई और फरियादी रिश्वत की रकम लेकर कमिश्नर दफ्तर पहुंचा। जहां आरोपी ने 64 हजार रुपए ड्रोज में रखवाने लगा तो लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोंच लिया। छापामार टीम ने मौके से शिकायतकर्ता से संबंधित कुछ दस्तावेज भी बरामद किए है और आगे की जांच जारी है। जबलपुर जिले में लगातार लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई हो रही है, उसके बाबजूद भी सरकारी महकमों में रिश्वतखोरी बंद होने का नाम नहीं। जब संभाग के सबसे बड़े दफ्तर में यह हाल है तो बाकी छोटे दफ्तर में आम लोगों की शिकायते कैसी दूर होती होगी, इस मामले से समझा जा सकता है।












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