Election: जब भोपाल से आया फोन तो डिंडौरी-सतना को जारी करना पड़ा जबलपुर BJP :पार्षदों की टिकट लिस्ट
जबलपुर के 79 वार्डों में पार्षद प्रत्याशियों की भाजपा ने जारी की सूची, जानिए किसको कहाँ से दिया टिकट BJP released the list of councilor candidates in 79 wards of Jabalpur, know who was given ticket from where
जबलपुर, 17 जून: मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में अटकी पड़ी पार्षदों के टिकट की सूची जारी हो गई है। 16 नगर-निगम में भाजपा की ओर से जबलपुर के 79 वार्डों के पार्षद प्रत्याशियों की सूची शुक्रवार की दोपहर जारी कर दी गई। हालाँकि यह सूची एक दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। अधिकृत तौर पर इस पर आज मुहर लगाईं गई। देखिए शहर के किस वार्ड से किसको दिया गया टिकट।

महापौर प्रत्याशियों के चयन की तरह पार्षद प्रत्याशियों की सूची को लेकर जमकर घमासान मचा। चुनावी प्रक्रिया में उम्मीदवारों के नाम-निर्देशन-पत्र जमा करने की मियाद के ठीक एक दिन पहले बीजेपी ने प्रत्याशियों की सूची जारी की। जबकि गुरूवार को अनुमोदित लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। जिसके बाद लोगों में अधिकृत सूची को लेकर जिज्ञासा और बढ़ गई। इसके साथ ही दावेदारों के मन में कई शंकाओं ने जन्म ले लिया। शुक्रवार की सुबह होते ही संभागीय मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के अलावा दावेदार और उनके समर्थकों की भीड़ नजर आई। वायरल लिस्ट में शामिल नामों को लेकर चर्चा थी कि कही उनके नाम आधी रात को बदल तो नहीं दिए गए।


भोपाल से बजी घंटी तब जारी हुई लिस्ट
वैसे बीजेपी पार्षद प्रत्याशियों की सूची शुक्रवार की शाम या रात तक जारी होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन पार्टी नेताओं , कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाब के बाद संभागीय चयन समिति को अपना अंतिम निर्णय लेना ही पड़ा। कहा जा रहा है कि यह खबर राजधानी भोपाल पहुंची, जिसके बाद प्रदेश संगठन को आनन-फानन में फोन कर लिस्ट जल्दी जारी करने कहा गया। वायरल लिस्ट में टिकट के लिए जिन लोगो के नाम शामिल थे, उनको नाम-निर्देशन-पत्र भरने की चिंता भी सता रही थी। ऐसे दावेदार इस बात को लेकर भी असमंजस में थे, कि कही उन्होंने नामांकन परचा दाखिल करने की तैयारी कर ली और बाद में उन्हें पता लगे कि उनकी जगह किसी और को टिकट दे दिया।

आखिर रात को क्यों हुई बैठक ?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लिस्ट फाइनल करने को बीजेपी के संभागीय कार्यालय में देर रात गोपनीय बैठक भी हुई। इस बात चर्चा जोरों पर है कि इस बैठक में संगठन के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के दो नेता शामिल थे। बंद कमरे में चली गुफ्तगू के दौरान वहा कोई भी नहीं भटका। लोकल लेवल पर न तो किसी विधायक को और न ही किसी बड़े नेता को बुलाया गया। इस सिलसिले में स्थानीय स्तर पर पार्टी नेताओं से कारण जानने की कोशिश की गई, लेकिन सभी ने पार्टी की मर्यादाओं की दुहाई देकर जानकारी देने से मना कर दिया।












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