यूक्रेन की ‘हार’ करीब देख जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों को लताड़ा, बाइडेन से बोले, रूस का कुछ नहीं बिगड़ेगा
रूस की चेतावनी के बाद कि, अब जल्द ही यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर मिसाइल हमले शुरू किए जाएंगे, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों पर अपनी भड़ास निकाली है।
कीव/वॉशिंगटन, मार्च 07: यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने भले ही काफी वीरता और बहादुरी दिखाई हो, लेकिन जंग के बारहवें दिन यूक्रेन की स्थिति काफी नाजुक होती जा रही है और ऐसा लग रहा है, कि रूस पूरी प्लानिंग के साथ राजधानी कीव की तरफ बढ़ता जा रहा है और यूक्रेन पर शिकंजा कसता जा रहा है। यूक्रेन संकट के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने आज अमेरिका और पश्चिमी देशों को जमकर झाड़ लगाई है और जो बाइडेन से बातचीत के दौरान तो उन्होंने यहां तक कह दिया, कि जो प्रतिबंध रूस के ऊपर लगाए गये हैं, वो काफी नहीं हैं।

पश्चिमी देशों पर बरसे जेलेंस्की
रूस की चेतावनी के बाद कि, अब जल्द ही यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर मिसाइल हमले शुरू किए जाएंगे, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों पर अपनी भड़ास निकालते हुए यूक्रेन को बचाने के लिए और भी 'ज्यादा कुछ' करने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से आह्वान करते हुए कहा है कि, रूस के खिलाफ लगाए गये "प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं"। रविवार को जारी एक वीडियो बयान में, ज़ेलेंस्की ने रूसी रक्षा मंत्रालय की घोषणा का जवाब नहीं देने के लिए पश्चिमी नेताओं की आलोचना की है और कहा कि, रूस अब युद्धग्रस्त देश के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर हमला करेगा। उन्होंने ऐसे अपराधों का आदेश देने और उन्हें अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक "ट्रिब्यूनल" का आयोजन करने का भी आह्वान किया है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने क्या कहा?
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, ''रूस ने घोषणा की है कि, कल वह हमारे डिफेंस इंडस्ट्रीज पर बमबारी करेगा। उनमें से ज्यादातर हमारे शहरों में स्थित हैं, जहां आसपास नागरिक रहते हैं। यह एक हत्या है। मैंने एक भी विश्व नेता को इस पर प्रतिक्रिया करते नहीं सुना"। ज़ेलेंस्की ने आगे कहा कि, "आक्रामक (रूस) का दुस्साहस पश्चिम के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं।" यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि, ''कब्जा करने वाले के मन में डर नहीं है और वो इस तरह का नियोजित अत्याचार जारी रखे हुए हैं''।

अत्याचार करने वाले को मिले सजा
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ तौर कहा कि, अब जितने भी यूक्रेनी लोग मारे जाएंगे, उसकी जिम्मेदारी यूरोपीय संघ, अमेरिका, ब्रिटेन समेत तमाम पश्चिमी देशों की होगी। इसके साथ ही जेलेंस्की ने तमाम देशों से लड़ाई लड़ने के लिए और भी हथियार और लड़ाकू विमानों की सप्लाई करने की मांग की है। यहां तक कि, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने 'नो-फ्लाई ज़ोन' को लागू नहीं करने के नाटो के फैसले को "कमजोर" नाटो के रूप में वर्णित किया। उन्होंने आगे रूसी राज्य मीडिया पर यूक्रेनी बलों के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और उन्होंने जो कहा कि, वह प्रतिरोध सेनानियों को हतोत्साहित करने और दुनिया भर के देशों से यूक्रेन के लिए समर्थन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं।

बाइडेन ने की जेलेंस्की से बात
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को कहा कि, उन्होंने रूस के खिलाफ वित्तीय सहायता और प्रतिबंधों पर चर्चा करने के लिए अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडेन के साथ फोन पर बात की और उन्हें बताया कि, उनका देश तीव्र रूसी हमले का सामना कर रहा है। ज़ेलेंस्की ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, "लगातार बातचीत के हिस्से के रूप में, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन के साथ एक और बार बातचीत की है।" उन्होंने कहा कि, "एजेंडे में सुरक्षा के मुद्दे, यूक्रेन के लिए वित्तीय सहायता और रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को जारी रखना शामिल था।"

बाइडेन ने गिनाए रूस पर लगाए प्रतिबंध
रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उन्हें रूस के खिलाफ लगाए गये प्रतिबंधों की लिस्ट पढ़कर सुनाई है, जिसमें 'मास्टरकार्ड और वीजा' का रूस में अनिश्चितकाल के लिए अपने व्यापार को सस्पेंड कर देना भी शामिल है। व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, जेलेंस्की से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें बताया कि, 'रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाए गये हैं और आगे और भी कदम उठाए जाएंगे।'

रूस पर तेल प्रतिबंध लगाने से इनकार
अमेरिका की तरफ से यूक्रेन की मदद लिए 10 अरब डॉलर की और सहायता पैकेज देने का बड़ा वादा किया है, लेकिन व्हाइट हाउस ने रूस के खिलाफ तेल पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। अमेरिका को डर है कि, अगर वो रूस के तेल पर प्रतिबंध लगाता है, तो फिर अमेरिका को ही नुकसान होगा और अमेरिका में तेल की कीमत काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। बाइडेन को डर है कि, तेल पर प्रतिबंध लगाने से इससे कीमतें बढ़ जाएंगी और अमेरिकी उपभोक्ताओं को पहले से ही रिकॉर्ड मुद्रास्फीति से नुकसान होगा।












Click it and Unblock the Notifications