फुटबॉल को हराम बताने वाले जाकिर नाइक का फुटबॉल विश्वकप में स्वागत, कतर का दोमुंहापन देखिए
जाकिर नाइक भारत कारहने वाला एक इस्लामिक उपदेशक है, जिसका मुख्य काम धर्म परिवर्तन करवाना है।
Zakir Naik: भारत के भगोड़े जाकिर नाइक को फुटबॉल विश्वकप में इस्लाम का प्रचार करने के लिए बुलाने वाले कतर पहले से ही सवालों के घेरे में है, लेकिन अब जाकिर नाइक का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो फुटबॉल को हराम बताता नजर आ रहा है। यानि, जाकिर नाइक के मुताबिक सोचे, तो इस्लामिक देश उस फुटबॉल विश्वकप का आयोजन करवा रहा है, जो इस्लाम में हराम है।

जाकिर नाइक का वीडियो वायरल
कतर ने विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को अपने देश में फुटबॉल विश्वकप के दौरान इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने के लिए आमंत्रित किया है। जाकिर नाइक वही इस्लामिक गुरु है, जो भारत से भाग गया था और भारत में जिसके खिलाफ भड़काने वाला भाषण देने और हवाला के जरिए पैसे जुटाने का आरोप है। लेकिन, कतर ने फिर भी भारत के इस भगोड़े को अपने देश में बुलाया है। कतरी राज्य के स्वामित्व वाले खेल चैनल अलकास के प्रजेंटर फैसल अलहाजरी ने ट्वीट करते हुए कहा है, कि "उपदेशक शेख जाकिर नाइक विश्व कप के दौरान कतर में मौजूद हैं और पूरे टूर्नामेंट के दौरान कई धार्मिक व्याख्यान देंगे।" जाकिर नाइक का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें वो फुटबॉल को हराम बता रहा है। यानि, फुटबॉल को हराम बताने वाले जाकिर नाइक को कतर ने फुटबॉल विश्वकप के आयोजन में बुलाया है।
जाकिर नाइक कौन है?
जाकिर नाइक भारत कारहने वाला एक इस्लामिक उपदेशक है, जिसका मुख्य काम धर्म परिवर्तन करवाना है। भारत में रहन के दौरान जाकिर नाइक का अपना टेलीविजन चैनल पीस टीवी हुआ करता था। जाकिर नाइक एक गैर-अरबी सार्वजनिक इस्लामिक वक्ता है और सुन्नी इस्लाम में कट्टरपंथी सलाफ़ी विचारधारा का समर्थक है। वह इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) और पीस टीवी नेटवर्क का संस्थापक और अध्यक्ष है। जबकि वह अपने कट्टरपंथी उपदेशों के लिए जाना जाता है और उसके पास मेडिकल डिग्री भी है। भारत में जाकिर नाइक के खिलाफ नफरत भरे भाषण देने का आरोप लगाया गया है और भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है।

बेहद कट्टरपंथी है जाकिर नाइक
जेहनी तौर पर कट्टरवादी विचारधारा का पोषक जाकिर नाइक 1990 के दशक में अपने मुंबई स्थित संगठन आईआरएफ के माध्यम से लोगों को इस्लाम में परिवर्तित करने के प्रयासों की वजह से लोकप्रिय होता चला गया। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2000 की शुरूआत में जाकिर नाइक के भाषण लोकप्रिय होने लगे और वो मुस्लिमों के बीच लोकप्रिय होने लगा। इस दौरान उसने लगातार इस्लाम की दूसरे धर्मों से तुलना करने की कोशिश की और अपने धर्म को श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश करने लगा। धीरे धीरे जाकिर नाइक प्रसिद्ध होने लगा और फिर उसने पीस टीवी नाम से एक इस्लामिक चैनल की स्थापना की, जो दुबई से चल रहा था। ये चैनल इंग्लिश के साथ साथ ऊर्दू और बांग्ला भाषा में भी था। यानि, वो भारत के साथ साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुस्लिमों को भी संबोधित करता था। हालांकि, बाद में उसके नफरती भाषण की वजह से भारत के साथ साथ उसपर बांग्लादेश, कनाडा, श्रीलंका और यूनाइटेड किंगडम ने प्रतिबंध लगा दिया। बांग्लादेश ने जाकिर नाइक के भाषण को 'खतरनाक और घृणित' करार दिया। उसके यूट्यूब चैनल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया।












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