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ईरान न्यूक्लियर डील को अमेरिका ने ठुकराया, भारत ने दिया बड़ा बयान

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    नई दिल्ली। ईरान न्यूक्लियर डील पर डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद भारत ने हमेशा की तरह मध्यस्ता का रास्ता अपनाते हुए डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए इस विवाद का समाधान निकालने के लिए कहा है। अमेरिकी के राष्ट्रपति के फैसले के बाद भारत ने कहा कि सभी देशों को ईरान न्यूक्लियर डील पर उनके देश के न्यूक्लियर एनर्जी के शांतिपूर्वक उपयोगों का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत ने कहा कि सभी देशों को ज्वाइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) का सम्मान करते हुए रचनात्मक ढंग से इस मुद्दे का हल निकालना चाहिए।

    ईरान न्यूक्लियर डील पर भारत ने दिया बड़ा बयान

    विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'भारत ने हमेशा इस बात पर कायम रहा है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे को डायलॉग व डिप्लोमेसी के जरिए और ईरान के न्यूक्लियर एनर्जी के शांतिपूर्वक उपयोगों के अधिकारों का सम्मान करते हुए शांतिपुर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए।'

    ईरान न्यूक्लियर डील पर यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल के मैंबर और ईयू ने 2015 सहमति जताई थी। जिसके तहत, ईरान पर लगे सेंक्शंस को कम कर उनके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लिमिट करना था। वहीं, इंटरनेशनल अटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) भी इस डील पर लगातार नजर रख रही थी। IAEA ने माना था कि ईरान फिलहाल शांति से डील को निभा रहा है।

    हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को यह कहते हुए निर्णय ले लिया कि इस डील से आतकंवाद को बढ़ावा मिल रहा है। ट्रंप के अनुसार, यह डील बिल्कुल भी जायज नहीं है और वे ईरान पर फिर से सेंक्शन्स लगाएंगे। ट्रंप के इस निर्णय के बाद ईयू और दुनियाभर के कई देशों ने इस पर अहसमती जताई है।

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    English summary
    Work out Iran nuclear deal through 'dialogue and diplomacy': India

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