आखिर क्यों बगदादी नहीं जेहादी जॉन है पुतिन का नंबर वन टारगेट
मॉस्को। रूस ने जब से सीरिया में आतंकी हमले तेज किए हैं आतंकियों की जान सांसत में है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ अपना अभियान इस कसम के साथ शुरू किया है कि वह आईएसआईएस को खत्म करके ही रहेंगे।
इस कसम में उनका नंबर वन टारगेट है ब्रिटिश आतंकी जेहादी जॉन। वहीं जेहादी जॉन जिसने जेम्स फॉले से लेकर कई लोगों की हत्या के बाद एक दहशत कायम कर दी है। जॉन अब अमेरिका के साथ ही साथ रूस के लिए भी सबसे अहम टारगेट बन गया है।
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साफ है जेहादी जॉन अब पुतिन और अमेरिका के बीच तनाव की नई वजह बनेगा। पुतिन ने सीरिया में दाखिल होने के साथ ही पश्चिम के दूसरे देशों पर काफी आक्रामक रवैया अपनाया हुआ है। ऐसे में अगर जेहादी जॉन को रूस मार गिराता है तो फिर यह रूस की सबसे बड़ी जीत होगी।
इंटेलीजेंस की मानें तो जेहादी जॉन सीरिया में ही है। सीरिया में अमेरिका की सेना ने भी हमले तेज कर दिए हैं।
इसके साथ ही अब रूस और अमेरिका में इसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने की होड़ लग गई है। पुतिन ने अपनी सेनाओं को निर्देश दे दिए हैं कि वे इसे पकड़ने में जरा भी कोताही न बरतें।
जेहादी जॉन का असली नाम मोहम्मद एमजवाई है और यह वही शख्स है जिो आईएसआईएस के वीडियोज में काले कपड़े पहने और हाथ में खंजर लिए हुए देखा गया है।
ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरुन ने भी अपनी इंटेलीजेंस एजेंसी को जॉन को खत्म करने के आदेश दे दिए हैं।
रूस साफ तौर अपनी कार्रवाई से यूके और अमेरिका दोनों पर एक अलग ही दबाव बना रहा है। आईएसआईएस चीफ अबु बकर अल बगदादी की तुलना में जेहादी जॉन की मौत न सिर्फ रूस बल्कि अमेरिका के लिए भी एक अहम जीत साबित होगी।
अमेरिका अभी तक यह दावा करता आया है कि वह आईएसआईएस के खिलाफ पूरी जी-जान से लड़ाई लड़ रहा है।













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