तो इसलिए भारत के जियोस्पेशियल बिल की वजह से परेशान है पाकिस्तान!
नई दिल्ली। भारत सरकार ने पिछले दिनों जियोस्पेशियल रेगुलेशन बिल 2016 का ड्राफ्ट पेश किया है और इस ड्राफ्ट के पेश होते ही पाकिस्तान परेशान हो गया है। उसकी परशानी इतनी बढ़ गई है कि उसने सीधे यूनाइटेड नेशंस में अपनी शिकायत दर्ज करा दी है।
कश्मीर, पाक की परेशानी की वजह
- यूएन में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि की ओर से एक शिकायती पत्र लिखा गया है।
- इसमें कहा गया कि भारत ने यूनाइटेड नेशंस के नियमों का उल्लंघन किया है।
- आधिकारिक नक्शे में जम्मू कश्मीर के विवादित क्षेत्र को भारत का हिस्सा दिखाया गया।
- यह तथ्यात्मक रूप से गलत है और कानूनी तौर पर इस माना नहीं जा सकता है। पाकिस्तान ने यूएनएससी के प्रस्ताव को सम्मान करने की अपील की है।
- भारत से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन रोकने को कहा।
- पाक ने अपील की है कि यूएन अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करे।
- साथ ही जम्मू कश्मीर में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह करवाया जाए।
क्या कहा भारत ने
- भारत ने साफ कर दिया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है।
- पाकिस्तान और किसी अन्य पक्ष का इस मामले पर कोई लेना-देना नहीं हैं।
- भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर पाक के विरोध पर ऐतराज जताया है।
- भारत ने साफ कर दिया है कि यह बिल भारत का आंतरिक मामला है।
- पाक उन मामलों में शामिल करता है, जो भारत हल करने के लिए तैयार रहता है।
- भारत सरकार पाकिस्तान की ओर से ऐसी कोशिशों को ख़ारिज करती है।
क्या है बिल की खासियत
- भारत सरकार की अनुमति के बिना देश की हर तरह की जियोस्पेशल इंफॉर्मेशन, नक्शा , अधूरे आंकड़ों या किसी भी तरह से लिए गए फोटो, सैटेलाइट फोटोग्राफी पब्लिश्ड या दिखाई नहीं जा सकेगी।
- इस विधेयक को भारत में जियोस्पेशल इंफॉर्मेशन को तैयार करने और उसके डिस्ट्रीब्यूशन को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया गया है।
- गृह मंत्रालय का कहना है कि ऐसी सूचानाओं से देश की सुरक्षा, संप्रभुता और एकता पर असर पड़ सकता है।
कितनी सजा
- भारत से जुड़ी जानकारियों को गैरकानूनी तरीके से हासिल करने पर जुर्माना एक करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपए तक और सात वर्ष की कैद।
- गैरकानूनी तरीके से जियोस्पेशियल जानकारी के पब्लिकेशन या फिर वितरण पर 10 लाख रुपए से लेकर 100 करोड़ रुपए तक का जुर्माना या फिर सात साल की कैद।
- भारत के बाहर गलत जानकारी देने पर सात साल की सजा के अलावा एक करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपए तक का जुर्माना अदा करना पड़ सकता है।













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