Kamala Harris Election Loss: कमला हैरिस डोनाल्ड ट्रंप से क्यों हारी? भारतवंशी सांसद ने बताया सबकुछ
US Election 2024: 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस को रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप ने करारी शिकस्त दी। ट्रंप ने कुल 312 इलेक्टोरल वोट हासिल किए, जबकि हैरिस को 226 इलेक्टोरल वोट मिले। बहुमत का आंकड़ा 270 रहा, जिसे ट्रंप ने हासिल किया।
भारतीय अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने इस हार के पीछे कुछ अहम कारण बताए हैं। खन्ना ने डेमोक्रेटिक पार्टी को लोगों की आर्थिक कठिनाइयों पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी और बताया कि चुनाव में कैसे कमला हैरिस का समर्थन कमजोर पड़ गया। आइए जानते हैं विस्तार से सबकुछ...

आर्थिक मुद्दों पर डेमोक्रेट्स का कमजोर प्रदर्शन
सीबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रो खन्ना के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी लोगों की आर्थिक समस्याओं जैसे रोजगार, न्यूनतम वेतन और बच्चों की देखभाल जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने कहा, "डेमोक्रेट्स के पास एक सटीक और आकर्षक आर्थिक दृष्टिकोण नहीं था। पार्टी का मिशन सरल होना चाहिए था, जिसमें आम अमेरिकियों की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने की प्रतिबद्धता हो।"
खन्ना ने यह भी कहा कि अगर डेमोक्रेट्स ने अधिक ठोस आर्थिक नीतियों पर ध्यान दिया होता, तो वे विभिन्न समुदायों जैसे लैटिनो, अश्वेत और श्वेत श्रमिक वर्ग के मतदाताओं का समर्थन हासिल कर सकते थे।
तकनीकी विकास और वैज्ञानिक निवेश की भूमिका
खन्ना ने डेमोक्रेट्स द्वारा किए गए वैज्ञानिक और तकनीकी विकास में निवेश को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने बताया कि कैसे ओबामा प्रशासन ने टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों को समर्थन दिया था। खन्ना ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी को इन उपलब्धियों की याद दिलानी चाहिए थी ताकि तकनीकी और औद्योगिक विकास में पार्टी के योगदान को जनता में स्पष्ट किया जा सके। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में डेमोक्रेट्स का दृष्टिकोण आधुनिक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अधिक अनुकूल था।
गाजा नीति पर असंतोष और मुस्लिम-प्रगतिशील वोटर्स की नाराजगी
खन्ना ने बताया कि गाजा नीति को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों ने मिशिगन जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में कमला हैरिस की संभावनाओं को कमजोर किया। गाजा मुद्दे पर नीतिगत असफलताओं के कारण मुस्लिम और अरब समुदाय के मतदाताओं में असंतोष देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया। खन्ना ने कहा कि कई युवा मतदाताओं और प्रगतिशील लोगों के लिए गाजा नीति एक बड़ी चिंता का विषय थी।
2028 में बहुमत हासिल करने की संभावनाएं
खन्ना को उम्मीद है कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी आर्थिक मुद्दों और औद्योगिक विकास पर ध्यान केंद्रित करती है, तो वह 2028 के चुनाव में बहुमत हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा, "अगर डेमोक्रेट्स ने अमेरिकियों की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहतर दृष्टिकोण पर ध्यान दिया होता, तो हमें 2024 में बहुमत मिल सकता था और 2028 में हमारी जीत की संभावना बढ़ सकती है।"
रो खन्ना के अनुसार, कमला हैरिस की हार का मुख्य कारण डेमोक्रेटिक पार्टी की कमजोर आर्थिक नीति और गाजा जैसे मुद्दों पर नीतिगत असफलताएं हैं। पार्टी को अपनी आर्थिक रणनीतियों को और मजबूत करने और तकनीकी प्रगति के योगदान को उजागर करने की जरूरत है। इससे पार्टी को विभिन्न समुदायों का समर्थन मिल सकता है, जिससे आगामी चुनावों में उनकी जीत की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
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