कौन है सोहम पारेख? कैसे एक ही समय में 5 कंपनियों कर रहा था नौकरी, इंडियन इंजीनियर की हरकत ने सबको हिला डाला
Soham Parekh: इंटरनेट पर इन दिनों एक भारतीय टेक प्रोफेशनल (इंडियन इंजीनियर) सोहम पारेख को लेकर जबरदस्त हलचल मची हुई है। वजह है? अमेरिका की कई स्टार्टअप कंपनियों को एकसाथ चुपचाप नौकरी करना और धोखा देना। कुछ फाउंडर्स ने उन्हें खुलेआम "स्कैमर" (धोखेबाज) तक कह डाला है। अमेरिका की कम से कम पांच कंपनियों के सीईओ ने सोहम पारेख के खिलाफ चेतावनी जारी की है। सोहम पारेख पर आरोप है कि उन्होंने एक साथ कई कंपनियों में गुपचुप तरीके से काम (मूनलाइटिंग) किया। आरोप है कि वो 5 नौकरियां करके सोहम पारेख हर साल 6.85 करोड़ रुपये कमाता था।
इस मामले को सबसे पहले उजागर किया सैन फ्रांसिस्को स्थित प्लेग्राउंड AI के फाउंडर सुहैल दोशी ने। सुहैल दोशी ने ट्विटर (अब X) पर लिखा, "सोहम पारेख (भारत) एक ही समय में 3-4 स्टार्टअप्स में काम कर रहा है। ये खासकर वाई कॉम्बिनेटर (Y Combinator) की कंपनियों को निशाना बनाता है। सावधान रहें!" सुहैल ने बताया कि उन्होंने सोहम को पहले ही हफ्ते में नौकरी से निकाल दिया था, लेकिन एक साल बाद भी वह दूसरों को धोखा देता रहा।

उन्होंने यह भी बताया कि सोहम को उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि वह कई कंपनियों में एक साथ काम करना बंद करें, लेकिन उस चेतावनी को अनदेखा कर दिया गया। नौकरी से निकाले जाने के बावजूद, सोहम ने अन्य स्टार्टअप्स में भी इसी तरह काम करना जारी रखा।
यह मामला अब अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में गंभीर चिंता का विषय बन गया है, और स्टार्टअप फाउंडर्स ऐसे मामलों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
who is Soham Parekh: कौन हैं सोहम पारेख?
सोहम पारेख एक भारतीय नागरिक हैं। जो पेश से एक इंजीनियर हैं। सोहम जिन-जिन कंपनियों में अपना रिज्यूमे किसी स्टार इंजीनियर से कम नहीं लगता। AI एक्सिक्यूटिव द्वारा साझा की गई सोहम पारेख की प्रोफेशनल प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 2022 में जॉर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स (MS) किया है और 2020 में यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) की डिग्री ली है।
सोहम पारेख के कार्य अनुभव की सूची में कई रिमोट भूमिकाएं शामिल हैं, जैसे,
- जनवरी 2024 से अब तक: DynamoAI में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर (कॉन्ट्रैक्ट)
- जनवरी 2023 से जनवरी 2024: Union.ai में सीनियर फुलस्टैक इंजीनियर
- दिसंबर 2021 से दिसंबर 2022: Synthesia में सीनियर फुलस्टैक इंजीनियर
- जनवरी 2021 से दिसंबर 2021: Alan AI में फाउंडिंग सॉफ्टवेयर इंजीनियर
- मई 2020 से अगस्त 2020: GitHub में ओपन सोर्स फेलो
हालांकि AI एक्सिक्यूटिव ने यह भी दावा किया है कि सोहम ने अपने रिज्यूमे में जो दावा किया है उसमें से 90% दावे झूठे हैं और लिंक तक गायब हैं।
सोहम पारेख कैसे करता था एक साथ 5 जगह नौकरी?
सोहम पारेख पर आरोप है कि उन्होंने कई रिमोट जॉब्स को मैनेज करने के लिए ये तरीके अपनाए थे। उन्होंने माउस जगलर का इस्तेमाल किया था। बता दें कि माउस जगलर एक छोटा सा डिवाइस होता है जो कंप्यूटर के कर्सर को थोड़ा-बहुत हिलाता रहता है। इसमें कंप्यूटर एक्टिव दिखाता है। देखकर ऐसा लगता है मानो यूजर कंप्यूटर पर काम कर रहा है, भले ही वो काम न कर रहा हो।
एक यूजर ने साझा किया कि कुछ कर्मचारी बड़ी चालाकी से सिस्टम का फायदा उठाते हैं। ये लोग अक्सर AI टूल्स का सहारा लेते हैं, कैमरा बंद रखते हैं और जॉइनिंग के पहले ही हफ्ते में छुट्टी ले लेते हैं।
ये कर्मचारी अपने कैलेंडर को 'फोकस टाइम' से भर देते हैं, जिससे मीटिंग या काम में उनकी कम भागीदारी दिखे। उनका LinkedIn प्रोफाइल भी जानबूझकर बहुत सामान्य या अस्पष्ट रखा जाता है, जिससे उनके असली काम का अंदाजा न लगे। वो अपने टास्क्स को दूसरों को आउटसोर्स कर देते हैं, दिखावे के लिए तेजी से एक्टिव रहते हैं लेकिन असल डिलीवरी धीमी करते हैं।
मीटिंग में जब उनसे पूछा जाता है, तो अक्सर "मेरी तरफ से कुछ नहीं" कहकर चुपचाप निकल जाते हैं। ये सब इस तरह किया जाता है कि वो काम में बिज़ी भी लगें और ज़िम्मेदारी भी टाल सकें।
कहा जा रहा है कि सोहम पूरी तरह रिमोट वर्किंग को प्राथमिकता देता है और ऑफिस जाना या गैर-जरूरी मीटिंग्स में शामिल होना टालता है। खुद को एक 'कंसल्टेंट' के तौर पर पेश करते हुए, वह सिर्फ जरूरी और प्रमुख कामों पर फोकस करता है, जबकि रोज़ाना की टीम कॉल्स से दूरी बनाए रखता है।
वह अपने समय को सही तरीके से मैनेज करता है और अमेरिकी टाइम जोन के अनुसार काम करता है। दिनभर अलर्ट और एक्टिव रहते हुए, वह इस बात का ध्यान रखता है कि डिलीवरी और रिजल्ट्स में कोई कमी न आए।
झूठ बोलकर नौकरी? US में रहते हैं, पर इंडिया में बैठे थे!
फाउंडर्स का दावा है कि सोहम ने अपने लोकेशन को लेकर झूठ बोला। उन्हें लगा कि वो US में हैं और उन्होंने लैपटॉप भी एक अमेरिकी एड्रेस पर भेज दिया, जो बाद में लौट आया। पता चला वो एड्रेस उनकी "बहन" का था।
कई फाउंडर्स ने इंटरव्यू का अनुभव शेयर किया जिसमें सोहम ने कहा, Alan AI छोड़ा क्योंकि "टीम में सिर्फ वही थे"। वहीं Synthesia से गए क्योंकि "टाइमजोन नहीं मिल रहा था"। कई बार कहा, "अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता हूं"। हर बार कोई नया बहाना, लेकिन हकीकत कुछ और लगती है।
क्या बोले खुद सोहम पारेख?
काफी बवाल के बाद सोहम ने खुद सुहैल दोशी से संपर्क किया और कहा, ''मैं सच में अपना काम पसंद करता हूं... क्या मैंने अपना करियर पूरी तरह बर्बाद कर लिया है? मैं सच्चाई बताने को तैयार हूं।''
सोहम पारेख मामले पर कौन-कौन हुआ शिकार, किसने क्या कहा?
- Digger के फाउंडर Igor Zalutski ने कहा, ''वो जीनियस लग रहा था, इंटरव्यू कमाल का था...लेकिन 3 पुराने फाउंडर्स ने कहा कि उसने सभी को एकसाथ बेवकूफ बनाया।''
- Justin Harvey नाम के शख्स ने कहा, ''हमने लगभग उसे रख लिया था। इंटरव्यू तो उसने धांसू दिया था।'' Marcus Lowe (Create.xyz) ने कहा, ''वो हमारे SF ऑफिस आया एक दिन, फिर बहानेबाजी शुरू। वो यकीनन कहीं और भी काम कर रहा था।''
- Flo Crivello (Lindy) ने कहा, अभी हफ्ता भर पहले ही उसे हायर किया था, फिर सच्चाई सामने आई। अब तो हम इससे जुड़े मीम्स भी बना रहे हैं!












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