पंजशीर की लड़ाई में कौन कितना ताकतवर है, तालिबान से कैसे हार रही है अहमद मसूद की फौज?
पंजशीर की लड़ाई तालिबान के लिए जीतना करीब-करीब नामुमकिन था, लेकिन पाकिस्तानी वायुसेना के आने के बाद तालिबान इस लड़ाई को जीतने के करीब पहुंच चुका है।
काबुल, सितंबर 07: अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। जहां अभी तक तालिबान और एंटी तालिबान सेना के बीच जमकर लड़ाई हो रही है। दोनों तरफ के लड़ाकों को भारी नुकसान हो चुका है। बताया जा रहा है कि अफगानिस्तान कब्जा करने के दौरान जितने तालिबानी लड़ाके नहीं मरे, उससे ज्यादा तालिबानी लड़ाके पंजशीर में मारे जा चुके हैं। वहीं, एंटी तालिबान फोर्स को भी भारी नुकसान हो चुका है और कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं। ऐसे में आईये समझते हैं कि पंजशीर की लड़ाई अभी तक कहां पहुंची है और नतीजा क्या निकल सकता है और कौन कितना ताकतवर है।

किस मोड़ पर पंजशीर की लड़ाई
पंजशीर घाटी अब तक अहमद मसूद के नेतृत्व वाले एंटी तालिबान फोर्स और तालिबान के बीच एक क्रूर लड़ाई का मैदान रहा है, हालांकि ये मैदानी इलाका बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि अफगानिस्तान का ये इलाका बेहद खूबसूरत और पहाड़ों के बीच बसा है, जो इसे अभी तक एक अभेद्य किला बनाए हुआ है और तालिबान के लिए इसे कब्जाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। हालांकि, तालिबान लगातार अलग अलग तस्वीरें और वीडियो जारी कर पंजशीर पर कब्जा करने का दावा कर रहा है, लेकिन फिर दूसरी तरह से नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स भी वीडियो और तस्वीरें जारी कर तालिबान के दावे को सिर्फ प्रोपेगेंडा बता देता है। दोनों तरफ के दावों के बीच ये साफ है कि पंजशीर में जंग जारी है और तालिबान कुछ दिनों में पंजशीर पर फतह कर सकता है। आखिर तालिबान के लिए पंजशीर पर कब्जा करना क्यों टेढ़ी खीर साबित हो रहा है, इसके पीछे कई वजहें हैं।
Recommended Video

10 हजार से ज्यादा सैनिक
रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान से लोहा लेने के लिए अहमद मसूद और एंटी तालिबान नेताओं ने जिस सेना का निर्माण कर रखा है, उसमें करीब 10 हजार पूरी तरह से प्रशिक्षित लड़ाके हैं, जिनके पास काफी हथियार हैं। बताया जा रहा है कि पंजशीर को एंटी तालिबान फोर्स ने हमेशा से किसी भी विपरीत परिस्थिति के लिए तैयार रखा हुआ था और अभी वो काम आ रहा है। तालिबान के खिलाफ बनाए गये सेना में अफगानिस्तान सेना के पूर्व सैनिक, अलग-अलग मिलिशिया के लड़ाके शामिल हैं। कई तस्वीरों से पता चला है कि मिलिशिया की ये सेना बहुत अच्छी तरह से प्रशिक्षित है और ये तालिबान के बहुत बड़े विरोधी और अफगानिस्तान में लोकतंत्र के समर्थक हैं।

अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति का समर्थन
अमरुल्ला सालेह, जो अशरफ गनी के तहत पहले उप-राष्ट्रपति थे, वो काबुल पर तालिबान का कब्जा होने के बाद भागकर पंजशीर भी आ गये थे और उनके पास भी एक सेना है, जो अब पंजशीर में मौजूद है। अमरूल्ला सालेह चूंकी ताजिकिस्तान मूल के हैं, लिहाजा उन्हें ताजिकिस्तान का समर्थन भी हासिल है। वहीं अमरूल्ला सालेह खुद अफगान नेशनल आर्मी (एएनए) के सदस्यों में शामिल हो गए, जिन्होंने कट्टरपंथी इस्लामी संगठन तालिबान के लड़ाकों के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने मसूद से हाथ मिलाया और उनके नेतृत्व में लड़ रहे हैं।

विदेशी समर्थन प्राप्त करने वाले स्थानीय नेता
अहमद मसूद, जिन्होंने लंदन में पढ़ाई की है, वो अफगानिस्तान के पूर्व वार लॉर्ड अहमद शाह मसूद के बेटे हैं। जिनके नेतृत्व में एंटी तालिबान फोर्स ने तालिबान को अपने पहले शासन के दौरान 1996 से 2001 तक पंजशीर पर कब्जा करने नहीं दिया था। इस साल की शुरुआत में अहमद मसूद ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात कर उनका समर्थन मांगा था। कहा जाता है कि कई देश अप्रत्यक्ष रूप से मसूद की सेना का समर्थन कर रहे हैं। कल रात ऐसी रिपोर्ट है कि अहमद मसूद की सेना का समर्थन करने के लिए कुछ अज्ञात फाइटर प्लेन ने तालिबान के ऊपर गोले बरसाए थे। ये पाकिस्तान सेना के तालिबान के समर्थन में दिया गया जवाब माना जा रहा है।
-
US-Iran Talks: अमेरिका-ईरान में क्यों नहीं बनी बात? होर्मुज से न्यूक्लियर तक, इन 5 वजहों ने रोकी शांति की राह -
US-Iran: अमेरिका-ईरान में फिर से ठनी! फर्जी में 'कॉलर' ऊंचा कर रहा पाकिस्तान! क्या है Thank you वाली नौटंकी? -
Iran US Talk Fail: तेल के दामों में लगेगी आग, हालात होंगे बदतर! शांतिवार्ता फेल, अब क्या होगा आगे? -
JD Vance PC Highlights: 'बुरी खबर हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे', 21 घंटे की महावार्ता के बाद बोले जेडी वेंस -
US Iran War: 'होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों से टोल वसूलना बंद करो', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी, 10 बड़े अपडेट -
Shreyasi Singh: कौन हैं श्रेयसी सिंह? जो बन सकती हैं बिहार की नई CM, जाति, परिवार से संपत्ति तक हर एक डिटेल -
16 की उम्र में आशा भोसले ने लता दीदी के सेक्रेटरी से की शादी, पति ने घर से निकाला, RD Burman ने थामा हाथ -
Asha Bhosle: कौन होगा आशा भोसले का उत्तराधिकारी? किसको मिलने वाली है अरबों की संपत्ति, दो नाम रेस में सबसे आगे -
Vrindavan: 'अब बोट वापस ले चलो', नाविक की एक गलती और छिन गईं 10 जिंदगियां, सामने आई हादसे की असली वजह -
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण












Click it and Unblock the Notifications