नेपाल के PM ओली का करीबी असगर अली कौन है, जिसके चलते नेपाली सेना में भी है खलबली
नई दिल्ली- नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा एक बार फिर गलत वजहों से चर्चा में हैं। इस बार नेपाली मीडिया ही उनके एक खास सलाहकार का काला चिट्ठा खोल रही है, जो चीन के इशारे पर नेपाल में लूट-खसोट तो मचा ही रहा है, नेपाली जनता के भविष्य और नेपाल की राष्ट्रीय सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहा है। यह शख्स कहने के लिए तो प्रधानमंत्री ओली का एक सलाहकार मात्र है, लेकिन उसके सामने नेपाल का पूरा सिस्टम यहां तक कि चुनाव आयोग भी नतमस्तक होने को मजबूर है। लेकिन, इस स्थिति ने नेपाल की सेना के लोगों को बहुत ही असहज स्थिति में डाल दिया है। क्योंकि, उन्हें पता है कि चीन के इशारे पर असगर अली नाम का वह शख्स नेपाल की संप्रभुता को खतरे में डाल रहा है।

नेपाली PM ओली का करीबी अली विवादों में क्यों है?
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आईटी कंसल्टेंट असगर अली को लेकर आजकल नेपाली सेना में भी हड़कंप मचा हुआ है। असगर अली पर 'गैर-कानूनी कार्यों' में संलिप्त होने का आरोप है, जिसमें अवैध तरीके से न्यूज पोर्टलों की हैकिंग से लेकर पीएम ओली के करीबी होने के चलते कई तरह से फायदा उठाने का संदेह शामिल है। kharbarhub.com ने सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से बताया है कि अली जैसे लोग अगर कमाई के लिए लोगों की डेटा होर्डिंग करते हैं, जिससे निजता के साथ समझौता तो हो ही सकता है, 'अधिनायकवादी शासन' की तर्ज पर बड़े पैमाने पर लोगों की निगरानी के लिए इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है।

चीन के इशारे पर नेपाल को लूट रहा है असगर अली?
रिपोर्ट के मुताबिक 'अली की कंपनी ने प्रधानमंत्री के दफ्तर के सर्वर और आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करते हुए सरकार के ज्यादातर आईटी ठेके हड़प लिए हैं।' रिपोर्ट के मुताबिक अली की कंपनियों को 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ठेके मिले हैं, इसके अलावा वो डिजिटल डोमेन पर पूरी तरह से काबिज होने के लिए कई गैर-कानूनी लेन-देन में भी शामिल हैं, जिनमें से अधिकतर चीन से जुड़े हुए हैं। एक सूत्र ने कहा, 'ज्यादातर संभावना है कि अली का चीन के साथ और विवादास्पद Huawei कंपनी के साथ कुछ कनेक्शन है।' सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि अली का गैर-कानूनी कारोबार कथित रूप से तब से अचानक परवान चढ़ने लगा है, जबसे उसे नेपाली पीएम ओली का आईटी कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है।

नेपाल की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा- नेपाली सेना के सूत्र
नेपाली सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि खासकर चीन के साथ मिलकर इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक असगर अली चीन की आड़ में नेपाल में 5जी सेवा शुरू करवाने की ताक में है जिसमें 'Huawei कंपनी को शामिल करना दरअसल नेपाल की संचार व्यवस्था को नियंत्रित करने का एक प्रयास है।' गौरतलब है कि असगर अली अपने निजी फायदे के लिए सरकारी पोर्टल से गैर-कानूनी तरीके से सूचना चोरी करते हुए भी पकड़ा जा चुका है। तब वह ऑनलाइन पेमेंट गेटवे ई-सेवा का सीईओ होता था, जिसे गैरकानूनी रूप से बिटीकॉयन को प्रमोट करने के चलते नेपाल राष्ट्र बैंक ने उसके सारे ट्रांजैक्शन को अवैध माना था। हालांकि, नेपाली पीएम ओली से नजदीकियों के चलते वह फिर भी बच गया।

नेपाली वोटरों का डाटा हथियाने की कोशिश
रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि हालात जाहिर करते हैं कि असगर अली को जानबूझकर छोड़ा जा रहा है। नेपाली सैन्य सूत्रों का मानना है कि नेपाल में अली जिस भी गतिविधियों में शामिल है, उसमें सीधे तौर पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना सरकार की साठगांठ है। उसपर आरोप है कि वह सरकारी डेटा और दूसरी सूचनाओं के लिए कई विभागों पर दबाव डाल चुका है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अली ने इसके लिए नेपाल सरकार के कई विभागों और संस्थाओं को धमकाया भी है। सबसे संदिग्ध बात तो यह है कि उसने नेपाली वोटरों का डाटा हथियाने के लिए नेपाली चुनाव आयोग पर भी दबाव डालने की कोशिश की है।

नेपाली 'नटवरलाल' से ओली का क्या है कनेक्शन?
हैरानी की बात है कि नेपाल के नेशनल विजिलेंस सेंटर ने असगर अली का काला चिट्ठा प्रधानमंत्री के दफ्तर में भी खोल दिया है, लेकिन उसके खिलाफ ऐक्शन लेने की बात तो दूर उसे उस पोजिशन से हटाया भी नहीं जा रहा है। आपको जानकर हैरान होगी कि नेपाल के 27 में से 22 व्यावसायिक बैंक आज इसी नेपाली 'नटवरलाल' की कंपनी का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहे हैं; और बैंकों का रोना ये है कि उनसे जबरन ग्राहकों का ब्योरा अली की कंपनियों को देने को कहा जा रहा है, जिससे ग्राहकों में भी चिंता है। जाहिर है कि असगर अली आज जो नेपाल के साथ कर रहा है, उससे लगता है कि वह चीन के मोडस औपरेंडी का मात्र एक मोहरा भर है। इसके जरिए चीन ओली के रहते नेपाल को ऑक्टोपस की तरह अपनी गिरफ्त में लेने की साजिश रच चुका है।












Click it and Unblock the Notifications