Amal Clooney: कौन हैं ये वकील, जिनकी दलीलों से इजराइली PM के खिलाफ ICC जारी कर सकता है गिरफ्तारी वारंट?
Amal Clooney Gaza-Israel: इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के प्रॉसीक्यूटर करीम खान ने कथित युद्ध अपराधों को लेकर इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके रक्षा प्रमुख योव गैलेंट के साथ-साथ हमास के नेताओं की गिरफ्तारी वारंट के लिए अनुरोध जारी किया है, जिसके खिलाफ इजराइल की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है।
इजराइल के साथ साथ अमेरिका ने भी अरेस्ट करने की मांग की आलोचना की है, लेकिन आईसीसी प्रॉसीक्यूटर का यह अनुरोध, गाजा में सात महीने से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध के बाद कार्रवाई की बढ़ती मांग के बीच आई है, जिसमें हजारों लोग मारे गए हैं और गाजा पट्टी में मानवीय तबाही मच गई है।

आईसीसी प्रॉसीक्यूटर करीम खान ने कहा, कि उनके पास यह विश्वास करने के लिए "उचित आधार" हैं, कि नेतन्याहू, गैलेंट और हमास नेता, याह्या सिनवार, मोहम्मद दीफ और इस्माइल हनियेह ने युद्ध अपराध किए हैं और उन्हें युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। माना जाता है, कि हमास का लीडर सिनवार और डेइफ गाजा में छिपे हुए हैं, जबकि हनियेह वर्तमान में कतर में मौजूद है, जहां इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम पर वार्ता चल रही है।
आईसीसी प्रॉसीक्यूटर ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए आवेदन दायर करते हुए सोमवार (20 मई) को घोषणा की, कि उनके पास "विश्वास करने का उचित आधार" हैं, कि इन इजराइल और हमास नेताओं के ऊपर "युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए आपराधिक जिम्मेदारी" आते हैं।
वहीं, अमल क्लूनी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में विशेष सलाहकार के रूप में काम किया है, जिनकी दलीलों के बाद ही आईसीसी ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जिसके बाद आईसीसी के मुख्य प्रॉसीक्यूटर करीम खान ने युद्ध अपराधों से संबंधित सबूतों के मूल्यांकन में योगदान के लिए क्लूनी और अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों के एक पैनल की तारीफ की है।

अमल क्लूनी कौन हैं?
अमल क्लूनी अरब मूल की ब्रिटिश बैरिस्टर हैं, जिनमा जन्म 3 फरवरी 1978 को हुआ था। वो प्रसिद्ध मानवाधिकार वकील हैं और उन्होंने दुनिया में कई हाई प्रोफाइल मुकदमों को लड़ा है।
उन्होंने जिन हाई प्रोफाइल मुकदमों को लड़ा है, उनमें मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद का केस, ऑस्ट्रेलियाई विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे केस, पूर्व यूक्रेनी प्रधान मंत्री यूलिया टिमोशेंको का केस, इराकी मानवाधिकार कार्यकर्ता नादिया मुराद केस, फिलिपिनो-अमेरिकी पत्रकार मारिया रेसा केस, अज़रबैजानी पत्रकार खदीजा इस्माइलोवा केस, और मिस्र-कनाडाई पत्रकार मोहम्मद फहमी जैसे नामी केस शामिल हैं।
वो यूके सरकार की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में भी कई मुकदमों की पैरवी कर चुके हैं और वो कोलंबिया लॉ स्कूल में एक सहायक कानून प्रोफेसर भी हैं। उनके पति प्रसिद्ध अमेरिकी एक्टर जॉर्ज क्लूनी हैं और दोनों ने मिलकर साल 2016 में क्लूनी फाउंडेशन फॉर जस्टिस की सह-स्थापना की थी।

गाजा युद्ध को लेकर क्या था क्लूनी के दलील?
मानवाधिकार वकील अमल क्लूनी ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, कि वह कानूनी और शैक्षणिक विशेषज्ञों के आठ सदस्यीय पैनल का हिस्सा थीं, जिसे अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने संघर्ष में किए गए संभावित अपराधों की अपने अभियोजक करीम खान के सबूतों की जांच के लिए जनवरी में बनाया था।
इस पैनल को अकादमिक सलाहकार प्रोफेसर संदेश शिवकुमारन (इंटरनेशनल लॉ के प्रोफेसर, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय) और प्रोफेसर मार्को मिलानोविक (पब्लिक इंटरनेशनल लॉ के प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग स्कूल ऑफ लॉ के प्रोफेसर) का भी समर्थन प्राप्त था।
क्लूनी फाउंडेशन फॉर जस्टिस पर पोस्ट किए गए एक बयान के मुताबिक, पैनल को यह तय करने के लिए कहा गया था, कि प्रॉसीक्यूटर ने जो गिरफ्तारी वारंट के लिए अनुरोध किया है, क्या वो सबूतों के आधार पर इंटरनेशनल कोर्ट के मानकों मानकों का अनुपालन करते हैं या नहीं।
क्लूनी ने कहा, कि "हम साथ मिलकर हेग में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में सबूतों की समीक्षा और कानूनी विश्लेषण की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।

इस पैनल से विशेष रूप से पूछा गया था, कि क्या "विश्वास करने के लिए उचित आधार" हैं, कि वारंट याचिकाओं में शामिल लोगों ने ऐसे अपराध किए हैं, जो अदालत के दायरे में आते थे, जैसे मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराध या फिर नरसंहार।
जिसपर जवबा देते हुए क्लूनी ने कहा, कि "हम सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकालते हैं, कि यह मानने के उचित आधार हैं, कि हमास के नेताओं याह्या सिनवार, मोहम्मद दीफ और इस्माइल हनियेह ने युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं, जिनमें बंधक बनाना, हत्या और यौन हिंसा के अपराध शामिल हैं। हम सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकालते हैं, कि इस बात पर विश्वास करने के लिए उचित आधार हैं, कि इजरायली पीएम, बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने युद्ध, हत्या, उत्पीड़न और विनाश के एक तरीके रूप में भुखमरी सहित मानवता के खिलाफ युद्ध अपराध किए हैं।"
आपको बता दें, कि इससे पहले इजराइल-हमास संघर्ष पर चुप रहने के लिए क्लूनी की आलोचना की गई थी।












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