कौन हैं एलेक्सी नवेलनी, जिन्हें पुतिन का विरोध करने के लिए रूस में घोषित किया गया है आतंकवादी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े और मुखर आलोचकों में एक माने जाने वाले एलेक्सी नवेलनी को जनवरी 2021 में सीधे जर्मनी से रूस लौटने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
मॉस्को, जनवरी 25: रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े विरोधी और रूस के सबसे बड़े नेताओं में से एक एलेक्सी नवेलनी को चरमपंथी और आतंकवादी घोषित कर दिया है। एलेक्सी नवेलनी पिछले एक साल से रूस की जेल में बंद हैं और वो रूसी राष्ट्रपति के बहुत बड़े आलोचक माने जाते हैं। सिर्फ एलेक्सी नवेलनी ही नहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन के कई आलोचक, जो एलेक्सी नवेलनी कैंप से हैं, उन्हें पिछले कुछ दिनों से आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल किया जा रहा था और अब रूस के सबसे बड़े विपक्षी नेता नवेलनी को भी आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है।

एलेक्सी नवेलनी आतंकवादी घोषित
रूसी अधिकारियों ने जेल में बंद क्रेमलिन के आलोचक एलेक्सी नवेलनी के दो सहयोगियों को 15 जनवरी को "आतंकवादियों और चरमपंथियों" की सूची में जोड़ा था। पिछले साल एलेक्सी नवेलनी को रूस में गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद से लगातार एलेक्सी नवेलनी और उनके सहयोगियों के खिलाफ रूस में कार्रवाई की जा रही है। रूसी राज्य वित्तीय निगरानी एजेंसी ने 41 वर्षीय लियोनिद वोल्कोव और 33 साल के इवान जदानोव को एक सूची में जोड़ा, जो उन्हें "इस्लामिक स्टेट" जैसे विदेशी आतंकवादी समूहों के सदस्यों के समान श्रेणी में रखता है।

विपक्ष पर नकेल कसने की कोशिश
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े और मुखर आलोचकों में एक माने जाने वाले एलेक्सी नवेलनी को जनवरी 2021 में सीधे जर्मनी से रूस लौटने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले उन्हें नर्व एजेंट जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद जर्मनी में उनका इलाज चल रहा था और ऐसा आरोप लगा था कि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन के कहने पर नवेलनी को जहर दिया गया था। रूस लौटने के बाद एलेक्सी नवेलनी को भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों में दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया गया था और फिर रूस में एलेक्सी नवेलनी के खिलाफ भारी प्रदर्शन शुरू हो गया था। एलेक्सी नवेलनी की गिरफ्तारी और उन्हें जेल की सजा मिलने की दुनिया के तमाम प्रमुख देशों के नेताओं ने निंदा की थी। वहीं, पिछले एक साल से मॉस्को, पुतिन के विरोधियों पर नकेल कस रहा है और एलेक्सी नवेलनी के राजनीतिक नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रहा है और नवेलनी के सहयोगियों को 'चरमपंथी' घोषित कर रहा है।

एलेक्सी नवेलनी को दिया गया था जहर
अगस्त 2020 में एलेक्सी नवेलनी साइबेरिया में एक प्लेन में अचानक बेहोश हो गये थे। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जर्मनी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान जर्मनी की लैब में पता चला था कि उन्हें बेहद खतरनाक नर्व एजेंट जहर 'नोविकोच' दिया गया था। एलेक्सी नवेलनी ने दावा किया था कि व्लादिमीर पुतिन के कहने पर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने जहर देने की बात से इनकार करते हुए सबूत देने की मांग की थी। एलेक्सी नवेलनी का पांच महीनों तक जर्मनी में इलाज किया गया था और ठीक होने के बाद वो वापस रूस लौटे थे और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

एलेक्सी नवेलनी पर आरोप
रूसी सरकार ने पैसों की हेराफेरी के एक मामले में एलेक्सी नवेलनी को दोषी ठहराया गया था। एलेक्सी नवेलनी पर कई एनजीओ को पैसे ट्रांसफर करने का आरोप है। जिसमें नवेलनी का अपना एंटी करप्शन फाउंडेशन भी शामिल है। रूस जेल सर्विस का कहना है कि एलेक्सी नवेलनी ने अपने ऊपर लगी पाबंदियों को तोड़ने का काम किया है। हालांकि, नवेलनी ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को निराधार बताते हुए रूसी सरकार पर राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर आरोप लगाते हुए नवेलनी ने पिछले साल जनवरी में कहा था कि, उन्हें जान बूझकर फंसाया जा रहा है क्योंकि राष्ट्रपति पुतिन को विपक्ष पसंद नहीं है।

व्लादिमीर पुतिन बनाम एलेक्स नवेलनी
दरअसल, रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संविधान संशोधन कर खुद को जिंदगी भर के लिए राष्ट्रपति घोषित कर लिया है। यानि, उनके रहते कोई दूसरा नेता रूस की बागडोर नहीं संभाल सकता है। राष्ट्रपति के इस फैसले का विरोध रूस के कई विपक्षी नेताओं ने किया था। और सबसे प्रखर विरोध एलेक्स नवेलनी ने ही किया था। जिसके बाद से वो रूसी सरकार के निशाने पर आ गये थे। हालांकि, पिछले साल जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से एलेक्सी के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि 'वो कुछ भी नहीं है। आपको रूस में उसका एक भी समर्थक नहीं मिलेगा'। जब एलेक्सी को जहर दिया गया था तब ऐसा माना जा रहा था कि रूस में उनके समर्थक हिंसा कर सकते हैं मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। हालांकि स्वेदेश लौटने के बाद बड़ी संख्या में उनके समर्थक एयरपोर्ट पर उन्हें देखने के लिए जुटे थे।

नवेलनी पर हो चुके हैं हमले
एलेक्सी नवेलनी पर साल 2017 में भी हमला किया गया था, जिसमें उनकी आंखों पर गंभीर चोटें आई थीं और साल 2018 में उन्होंने रूस में राष्ट्रपति चुनाव में खड़ा होने की कोशिश की थी, लेकिन धोखाधड़ी का आरोप लगाकर उन्हें चुनाव में खड़ा नहीं होने दिया गया था, जिसे एलेक्सी नवेलनी ने सरकार की साजिश करार दिया था। साल 2019 में एलेक्सी नवेलनी को धोखाधड़ी के आरोप में ही 30 दिनों की सजा भी सुनाई गई थी। एलेक्सी नवेलनी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय राजनीति होती रही है और ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश नवेलनी को लेकर रूसी राष्ट्र्पति व्लादिमीर पुतिन पर निशाना साधते रहते हैं।












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