अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. फाउची ने छोड़ा पद, ट्रंप से भिड़ने के चलते आए थे सुर्खियों मे
वाशिंगटन, 22 दिसंबरः नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक और राष्ट्रपति जो बिडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ एंथोनी फाउची दिसंबर में अपना पद छोड़ देंगे। संक्रामक रोग विशेषज्ञ फाउची ने कहा कि वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक और राष्ट्रपति बिडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार के रूप में अपने पदों से हट जाएंगे। फाउची ने कहा कि वह अपने काम को जारी रखेंगे और अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों को प्रेरित करते रहेंगे।

राष्ट्रपति बाइडेन ने की प्रशंसा
कोरोना महामारी के दौरान फाउची की सलाहों को पूरी दुनिया में अहमियत मिली थी। कोरोना वायरस से लड़ाई में उन्होंने वैक्सीन के इस्तेमाल को खूब बढ़ावा दिया था। राष्ट्रपति बाइडेन ने फाउची के काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। उनके कामों से पूरी दुनिया लाभान्वित हुई है। बाइडेन ने कहा कि भले ही फाउची से पूरी अमेरिका के लोग व्यक्तिगत रूप से न मिले हों मगर उन्होंने अपने काम से हर अमेरिकी लोगों के जीवन को छुआ है। वह उनकी सार्वजनिक सेवा के लिए हृद्य से धन्यवाद अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ फाउची आगे जो भी करेंगे उससे पूरी दुनिया को लाभ मिलेगा।
38 वर्षों तक एनआईएआई में दिया योगदान
एंथोनी फाउची डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से अबतक अमेरिकी राष्ट्रपति के शीर्ष स्वास्थ्य सलाहकार हैं। डॉ एंथनी ने साल 1984 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज (NIAID) के निदेशक के रूप में कार्य किया शुरू किया और लगातार 38 वर्षों तक एनआईएआई में सेवा की। इस दौरान उन्होंने एड्स, नाइल वायरस, इन्फ्लूएंजा, इबोला, जीका जैसे वारयस के निपटने में अपनी भूमिका निभाई। जनवरी 2020 से वो अमेरिका 2019-20 कोरोनोवायरस महामारी को संबोधित करने वाले व्हाइट हाउस कोरोनावायरस टास्क फोर्स के प्रमुख सदस्य रहे। इस दौरान पूरी दुनिया में सबसे अधिक देखे जाने वाले चेहरे में से एक बन गए।
ट्रम्प से अदावत जगजाहिर रही
डॉ फाउची की डोनाल्ड ट्रंप के संग अदावत जगजाहिर रही। ट्रंप कई बार फाउची को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके थे। अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में तो ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से फाउची को बर्खास्त करने की बात कही थी। ट्रंप की चुनावी रैलियों में फाउची को बर्खास्त करने के नारे लगते थे। हालांकि, राजनीतिक नुकसान के कारण ट्रंप ने ऐसा नहीं किया।












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