चीन के हाउसिंग इंडस्ट्री में मचा हाहाकार, कौड़ी के दाम में प्रॉपर्टी बेच देश से फरार हो रहे हैं रईस
व्यवसायी अपने रेस्तरां, होटल और अन्य संपत्ति नकद के लिए बेच रहे हैं। बहुत सारे लक्जरी घरों के रेट बीते दिनों के मुकाबले 40 फीसदी तक नीचे गिर गए हैं।
चीन में प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। कई शहरों में प्रॉपर्टी के रेट 30 से 40 फीसदी तक नीचे चले गए हैं। साउथ चाइना सी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में बीते सितंबर लगातार 13 महीने से प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट चल रही है। चीन के कई रईस अपने संपत्ति कम कीमत पर ही बेचकर यूरोप या सिंगापुर जैसे देशों का रुख कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि सरकार को प्रॉपर्टी सेक्टर में लगातार गिरावट पर लगाम लगाने के लिए कुछ मजबूत उपाए अपनाने होंगे।
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लगातार 13 महीने से गिर रही प्रॉप्रटी की कीमत
ब्लूमबर्ग द्वारा सोमवार को जारी नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (एनबीएस) के आंकड़ों के अनुसार चीन में राज्य-सब्सिडी वाले आवास को छोड़कर, 70 शहरों में नए घरों की कीमतें सितंबर महीने में 0.28 प्रतिशत गिर गईं, जबकि अगस्त में यह दर 0.29 प्रतिशत थी। मौजूदा घरेलू कीमतों में पिछले महीने 0.39 फीसदी की गिरावट आई है, जो कि अक्टूबर 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चीन की अर्थव्यवस्था पहले से ही कोरोना संकट के कारण बुरी स्थिति में चल रही थी। लेकिन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की हाल ही में संपन्न ऐतिहासिक 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद कई लोगों का चीन के बाजार से मोहभंग हो गया है।

चीन छोड़कर भाग रहे रईस
ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीन तथा ताइवान के व्यवसायी अपने रेस्तरां, होटल और अन्य संपत्ति नकद के लिए बेच रहे हैं। शंघाई रियल एस्टेट ब्रोकर झाओ टिंग ने मंगलवार को प्रकाशित रेडियो फ्री एशिया रिपोर्ट में कहा, "लोग घरों को डंप कर रहे हैं, बहुत सारे लक्जरी घर अपनी वास्तविक कीमत से 30% से 40% कम कीमत पर मिल रहे हैं। लोग देश छोड़कर भागना चाहते हैं और वे ये सोच कर डरते हैं कि अगर वे अभी नहीं बेचते हैं तो बहुत देर हो जाएगी।"

एक महीने में घट गई लगभग आधी कीमत
रिपोर्ट के मुताबिक शंघाई के चेटो पिनेकल में कैरिना लाउ नाम के शख्स का एक बड़ा पेंटहाउस है। इस पेंटहाउस की पिछले महीने 60 मिलियन युआन (8.37 मिलियन अमेरिकी डॉलर) कीमत थी, लेकिन अक्टूबर में यह घटकर 35.99 मिलियन युआन हो गया है। वहीं, फाइनेंस स्ट्रीट रोंगयु में एक लग्जरी पेंटहाउस जो पिछले महीने 55 मिलियन युआन में बिक रहा था, रविवार (23 अक्टूबर) को 30 मिलियन युआन में बिकने को तैयार था।

चीनी नेतृत्व से निराश हैं रईश
झाओ टिंग ने दावा किया कि शंघाई के अधिकांश धनी लोग पहले ही चीन छोड़ चुके हैं या अपना धन विदेशों में स्थानांतरित कर चुके हैं। झाओ के अनुसार, इस पलायन के दो कारण हैं। पहली ये कि चीन के इन रईसों को लगता है कि नई लीडरशिप उनके लिए नुकसानदायक साबित होगी और दूसरा जो कि सबको मालूम है कि जीरो कोविड पॉलिसी का अंत होता फिलहाल नहीं दिख रहा है। रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट में हुबेई के एक रियल एस्टेट ब्रोकर झोउ निंग का भी हवाला दिया गया है।

ताइवान में भी शुरू हुआ अमीरों का पलायन
झोउ निंग के मुताबिक वुहान, शंघाई, बीजिंग, जिआंगसु और झेजियांग में कई अमीर लोगों ने अपनी संपत्ति बेच दी है। झोउ ने कहा कि ताइवान के व्यवसायियों ने भी अपने कारोबार को बेचना और नकद निकालना शुरू कर दिया है। झोउ ने कहा, "मेरे कुछ दोस्त हैं जिन्होंने ताइवान से होटल और रेस्तरां खरीदे हैं। चीन में ताइवान के लोगों ने संपत्ति बेचने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि चीन की नीति बदल गई है।"












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