Global South Summit: ग्लोबल समिट में गाजा के हालात पर चिंता, एस जयशंकर बोले- देशों ने जताई युद्धविराम की इच्छा
वॉयस ऑफ ग्लोबस समिट में भारत समेत कई देशों ने गाजा पर हालात को चिंता व्यक्त की। क्षेत्र में कई देशों ने तत्काल युद्ध विराम की आवश्यतकता पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बयान में कहा कि समिट में अधिकतर देशों ने मंशा यही रही की गाजा के हालात को सुधारने के लिए वहां खून खराबे की कार्रवाई की बंद होनी जरूरी है। उन्होंने बताया कि समिट में शामिल देशों के प्रतिनिधियों की भावना यह थी कि गाजा की स्थिति को देखते हुए युद्धविराम और बातचीत के रास्ते पर लौटा जाए।
तीसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन के बाद एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान सवालों का जवाब देते हुए, जयशंकर ने कहा कि कुछ देशों ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष का भी उल्लेख किया। विदेश मंत्री ने बताया कि गाजा में नागरिकों के हताहत होने पर चिंता है, इजराइल और हमास के बीच युद्ध के चलते काफी लोगों ने गाजा का मुद्दा उठाया। कुछ नेताओं और विदेश मंत्रियों (बैठकों) में यूक्रेन का उल्लेख किया गया, लेकिन निश्चित रूप से गाजा का संदर्भ यूक्रेन की तुलना में कहीं अधिक था।

विदेश मंत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि गाजा को लेकर कई देशों के विचार विशिष्ट विचार हैं। समिट में शामिल हुए देशों ने अपने- अपने तरीके से गाजा गाजा के हालात पर विचार रखे, लेकिन सभी का मत वहां हालात को सुधारने की दिशा में ठोस कदम की आवश्यकता पर रहा। हम दुनिया के 190 देशों के बीच पूर्ण एकता हासिल नहीं कर पाएंगे। हमारा विचार है कि इसे खोला जाए और हर किसी को अपना विचार सामने रखा जाए और फिर संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता को वह विकल्प चुनने का अधिकार दिया जाए मेरा मानना है कि बातचीत होनी चाहिए।"
शिखर सम्मेलन की जानकारी देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि समिट में 123 देशों ने हिस्सा लिया। कुल इक्कीस राष्ट्राध्यक्षों, 118 मंत्रियों और 34 विदेश मंत्रियों ने भाग लिया। समिट में कुल 10 मंत्रिस्तरीय सत्र आयोजित किए गए, जिनका मुख्य विषय भविष्य के लिए वैश्विक दृष्टिकोण को सशक्त बनाना था।












Click it and Unblock the Notifications