गोर्बाचेव को मरने के बाद भी अपमानित करने का मौका नहीं छोड़ रहे पुतिन, अंतिम संस्कार में नहीं होंगे शामिल

मॉस्को, 1 सितंबरः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोवियंत संघ के पूर्व राष्ट्रपति मिखाइल गोर्वाचेव के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। मिखाइल गोर्वाचेव का अंतिम संस्कार शनिवार को होना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसे रूसी राष्ट्रपति द्वारा एक असाधारण अपमान के रूप में देखा जाएगा। क्रेमलिने के प्रवक्ता ने संकेत दिया कि गोर्बाचेव को आधिकारिक राजकीय अंतिम संस्कार भी नहीं मिलेगा।

निकिता ख्रुश्चेव को भी नहीं मिला था सम्मान

निकिता ख्रुश्चेव को भी नहीं मिला था सम्मान

इससे पहले निकिता ख्रुश्चेव आखिरी ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें राजकीय सम्मान हासिल नहीं हुआ था। प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने पहले से तय कार्यक्रम के कारण सोवियत संघ के पूर्व राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के शनिवार को नोवोडेविची कब्रिस्तान में होने वाले अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। हालांकि उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी है।

पुतिन ने अस्पताल पहुंच कर दी श्रद्धांजलि

पुतिन ने अस्पताल पहुंच कर दी श्रद्धांजलि

दमित्री पेस्कोव ने बताया कि पुतिन मॉस्को के उस अस्पताल में गए, जहां गोर्बाचेव की पार्थिव देह को रखा गया है। पुतिन, सेंट्रल क्लिनिक अस्पताल के शोक हॉल में पहुंचे और गोर्बाचेव के चित्र के बगल में एक खुले ताबूत में लाल गुलाब का गुलदस्ता रखा। इस दौरान पुतिन क्रॉस का चिन्ह बनाते हुए कई बार झुके। यह पहली बार था जब गोर्बाचेव का शरीर जनता को दिखाया गया।

गोर्वाचेव को नहीं मिलेगा राजकीय सम्मान

गोर्वाचेव को नहीं मिलेगा राजकीय सम्मान

पेस्को ने संवाददाताओं को बताया कि पुतिन अपने पहले से तय कार्यक्रम के कारण शनिवार को अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी है। यह पूछे जाने पर कि क्या गोर्बाचेव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा, पेस्कोव ने कहा कि अंतिम संस्कार में 'आनरेरी गार्ड' और अन्य औपचारिकताओं समेत राजकीय सम्मान के ''तत्व'' होंगे।

पुतिन के गोर्वाचेव से नहीं रहे अच्छे संबंध

पुतिन के गोर्वाचेव से नहीं रहे अच्छे संबंध

बता दें कि पुतिन के सत्ता में रहने के दौरान एकमात्र बोरिस येल्तसिन ही ऐसे नेता हैं जिन्हें कैथेड्रल ऑफ क्राइस्ट द सेवियर में राष्ट्रीय स्तर पर टेलीविजन विदाई समारोह दिया गया है। उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री रहे व्लादिमीर पुतिन ने येल्तसिन की मृत्यु के दिन को राष्ट्रीय शोक का दिन घोषित किया था। गोर्वाचेव के साथ पुतिन के तनावपूर्ण संबंध रहे। गोर्बाचेव ने ऐसी नीतियां शुरू कीं जो अंततः सोवियत संघ के पतन का कारण बना। पुतिन ने सोवियत संघ के पतन को सदी की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक तबाही कहा है। गोर्वाचेव ने कई बार लोकतांत्रिक सुधारों को वापस लेने और दमन के तत्वों को फिर से पेश करने के लिए पुतिन की आलोचना की थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+