किंग्स चार्ल्स से मिले भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी, मिली भारतीय दूत के रूप में आधिकारिक मान्यता
8 सितंबर को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद विक्रम दोरईस्वामी, चार्ल्स तृतीय द्वारा महल में अगवानी किये जाने वाले पहले भारतीय दूत हैं।

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यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने गुरुवार को बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स III को अपना परिचय पत्र सौंपा। इस के साथ ही ब्रिटेन में भारत के नये उच्चायुक्त की तैनाती की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस दौरान उनकी पत्नी और सुजीत घोष भी मौजूद रहे। इस पल उन्होंने 'बहुत खास क्षण' बताया। भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने इसी साल सितंबर में पदभार संभाला था। उन्होंने राजदूत गायत्री इस्सर कुमार की जगह ली, जो कि 30 जून, 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे।

भारतीय दूत के रूप में मिली आधिकारिक मान्यता
8 सितंबर को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद विक्रम दोरईस्वामी, चार्ल्स तृतीय द्वारा महल में अगवानी किये जाने वाले पहले भारतीय दूत हैं। इस कार्यक्रम के दौरान उच्चायुक्त और उनकी पत्नी संगीता सरकारी आवास से महल तक बग्घी में गये। उनके साथ उप उच्चायुक्त सुजीत घोष भी थे। दोरईस्वामी ने अपने परिचय पत्र की प्रतियां शुक्रवार को लंदन में ब्रिटेन के डिप्लोमैटिक कोर के वाइस मार्शल को सौंपी जिन्होंने उन्हें नये भारतीय दूत के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दी।
सारा मैकिंटोश संग की बैठक
इससे पहले 7 दिसंबर को, विक्रम दोरईस्वामी ने अंतर्राष्ट्रीय मामलों के लिए यूके की उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सारा मैकिंटोश के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और दुनिया के सामने आने वाली वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की। 5 दिसंबर को, विक्रम दोरईस्वामी ने घोषणा की कि भारत भारत आने वाले ब्रिटेन के नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।

1992 बैच के अधिकारी हैं विक्रम दोरईस्वामी
ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में, दोरईस्वामी ने कहा कि यह सेवा नागरिकों को तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी और जल्द ही तारीखों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सुविधा के फिर से शुरू होने से यूके के लोग भारत में कहीं अधिक आसानी से यात्रा कर सकेंगे। 53 वर्षीय विक्रम दोरईस्वामी 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी है। ब्रिटेन में पद संभालने से पूर्व वह बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत थे।
विदेश सेवा मेें आने से पहले पत्रकार थे विक्रम दोरईस्वामी
विक्रम दोरईस्वामी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातोकोत्तर किया है और सरकारी सेवा में जाने से पहले उन्होंने पत्रकार के रूप में भी काम किया है। वह हांगकांग, बीजिंग, संयुक्त राष्ट्र समेत दुनियाभर में भारतीय मिशनों एवं दूतावासों में अलग अलग पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा विक्रम, प्रधानमंत्री कार्यालय एवं विदेश मंत्रालय में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।












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