Video: क्यों चलते हुए ट्रक के नीचे छिपकर जान की बाजी लगा रहे हैं अफगानी बच्चे, हिला देगी उनकी दर्दनाक कहानी
इस्लामाबाद, 17 सितंबर: पाकिस्तान दुनिया से तालिबान की वकालत करने में जुटा है कि उसे अफगानिस्तान को संभालने के लिए वक्त मिलनी चाहिए, लेकिन वहां की जो जमीनी सच्चाई बाहर आ रही है, वह बहुत ही अमानवीय है। एक वीडियो सामने आया है, जिससे के जरिए दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के सहयोग से कायम हुई अफगानिस्तान की सत्ता में आम लोगों पर क्या बीत रही है। यह वीडियो यह दिखा रहा है कि कुछ पैसों के लिए किस तरह मासूम अफगानी बच्चे अपनी जान भी गंवाने को मजबूर हो रहे हैं। यह वीडियो बहुत ही संवेदनशील है और वन इंडिया की अपील है कि इसे बच्चों और कमजोर दिल वालों को दिखाने से परहेज करना चाहिए।

अफगानिस्तान पर पाकिस्तान का दोहरा रवैया बरकरार
पाकिस्तान के चर्चित मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा है कि तालिबान को सरकार बनाने और देश को चलाने के लिए वक्त दी जानी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगानिस्तान की जमीनी हालात को समझने को कहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री का कहना है कि अफगानों को उनकी हालातों पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और मानवता के नाते उन्हें दवा, भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उनकी यह दलील पाकिस्तानी अखबार डॉन न्यूज में छपी है। लेकिन, पूरे विश्व को पता है कि आज अफगानिस्तान की आवाम जिस जुल्म और मुफलिसी की शिकार होने को मजबूर हुई है, उसके पीछे पाकिस्तानी सेना, उसकी गोद में बैठी पाकिस्तानी सरकार और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई जैसे कट्टरवादी संगठन हैं। इसी कड़ी में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिससे यह भी पता चल रहा है कि अफगानिस्तान में वाकई हालात कितने खराब हो रहे हैं और उसमें भी कहीं न कहीं पाकिस्तानी घुसे हुए हैं। (सभी तस्वीरें- द नेशनल के वीडियो ग्रैब से)

ट्रक के नीचे लटककर सीमा पार करने के मजबूर हैं अफगानी बच्चे
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि कैसे अफगानी बच्चे चलते हुए ट्रक के नीचे छिपकर चढ़ जाते हैं। उनका मकसद अफगानिस्तान से तस्करी का माल लेकर किसी तरह से पाकिस्तान तक पहुंचना होता है। लाखों लोग इस सच्चाई के बारे में जानकर भौंचक्के रह गए हैं। ये बच्चे जिस तरह से चंद पैसों के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं, वह हैरान करने वाला है। एक बच्चे से सवाल पूछा गया कि 'तुम इस तरह से कितनी दफे यहां आते हो ? उसका जवाब है- कई बार, दिन में एक या दो बार; और कई बार हम सीमा पार नहीं कर सकते।' 'जब तुम ट्रक के नीचे छिपते हो तो क्या ड्राइवर गुस्सा नहीं करता ? हां, वे हमें पीटते हैं।' 'क्या तुम ड्राइवरों को बिना बताए सीमा पार कर जाते हो? हां।' 'तुम लोग चलती गाड़ी के नीचे कैसे घुसकर चढ़ जाते हो? नहीं, हम पहले ही खड़े ट्रक की नीचे चढ़ जाते हैं।' (यह स्थानीय भाषा में हुई बातचीत का हिंदी अनुवाद है। )

एक गठरी के बदले मिलते हैं 1,000 पाकिस्तानी रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक ये बच्चे अपने साथ पान के पत्ते, सिगरेट और प्रसाधन के सामान बोरियों और गठरियों में भरकर अफगानिस्तान से पाकिस्तान ले जाते हैं। एकबार में ये बच्चे इस तरह से जान पर खेलकर 1,000 पाकिस्तानी रुपये या करीब 6 डॉलर तक बना लेते हैं। यानी प्रत्येक बोरी के लिए उन्हें करीब इतने पैसे मिल जाते हैं। लेकिन, पाकिस्तान में भी उनके लिए हालात इतने आसान नहीं होते। उन्हें कई बार दीवारों या बैरियरों के पीछे छिपकर रहना पड़ता है। वह दूसरी लॉरियों के इंतजार में रहते हैं, जिसपर चढ़कर वह पाकिस्तान में अंदर तक जा सकें।

अफगानी बच्चों के लिए यह काम जानलेवा साबित हुआ है
कई बार इस तरह से सवारी करने के दौरान ये बच्चे बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं। कुछ बच्चों की तो ट्रक के पहियों के नीचे आ जाने से मौत भी हो चुकी है। लेकिन, अफगानी बच्चों का कहना है कि वे गरीब हैं, इसलिए उन्हें इस तरह से पाकिस्तान आना पड़ता है। 'अगर हम गरीब नहीं होते तो हम ऐसे नहीं आते।' सबसे चौंकाने वाली बात है कि बच्चों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें तस्करी के लिए सामान कौन देता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है यह वीडियो
यह वीडियो द नेशनल ने बनाया है और राबिया जावरी आघा के नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है। वास्तव में यह वीडियो कब बनाया गया है, वन इंडिया स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर पाया है। लेकिन, खबर लिखे जाने तक अकेले इस हैंडल पर ही 1,300 से ज्यादा बार लोग इसे देख चुके हैं।












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