Video: अचानक काबुल पहुंचे राष्ट्रपति ट्रंप, बरगाम एयरफील्ड पर अमेरिकी सैनिकों को कहा थैंक्यू
काबुल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को अचानक ही अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे। यहां पर थैंक्सगिविंग के मौके पर उन्होंने बरगाम एयरफील्ड पर तैनात अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया तालिबान के साथ वार्ता को दोबारा शुरू किया गया है। ट्रंप की मानें तो इस बार तालिबान के साथ जो समझौता वार्ता शुरू की गई है उसके बाद 18 सालों सें जारी युद्ध के खत्म होने की उम्मीदें हैं।

18 सालों से सैनिक अफगानिस्तान में
काबुल स्थित बरगाम एयरफील्ड पिछले 18 सालों से अमेरिकी सेनाओं का ठिकाना बना हुआ है। ट्रंप के साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी भी मौजूद थे। ट्रंप ने घनी से मुलाकात करते हुए कहा, 'तालिबान एक डील चाहता है और हम उनसे मुलाकात कर रहे हैं।' ट्रंप ने आगे कहा, 'हम तब तक यहां पर जब तक कोई डील नहीं हो जाती या फिर हमें पूरी तरह से जीत हासिल नहीं हो जाती है। वह इस डील को किसी भी कीमत पर चाहते हैं।' ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी इच्छा अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 8,600 तक करना है जो अभी 12,000 से 13,000 के बीच है।
9/11 के बाद हुई तैनाती
ट्रंप की तरफ से अचानक शांति वार्ता का ऐलान अमेरिका के लिए एक नाजुक मौका माना जा रहा है। 11 सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में दाखिल हुईं थी। देश में कई लोग अब महसूस करते हैं कि सैनिक इतनी लंबी तैनाती से काफी थक गए हैं और काफी निराश भी हैं। अमेरिकी नागरिकों में भी अब सरकार को लेकर गुस्सा है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों की तरफ से राष्ट्रपति ट्रंप के इस सरप्राइज दौरे को लेकर थोड़ी जानकारी दी गई। अफगानिस्तान के लिए रवाना होने वाली फ्लाइट में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी स्टेफनी ग्रेशम ने बताया कि राष्ट्रपति की यात्रा थैंक्सगिविंग से ही जुड़ी थी और ट्रूप्स के समर्थन के लिए थी।












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