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अमेरिका की भारत को धमकी, रूस से हथियार खरीदे तो लगेंगे प्रतिबंध

By Yogender Kumar
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    वॉशिंगटन। पहले ईरान से तेल न खरीदे का दबाव और अब रूस से हथियार न खरीदने की खुली धमकी। अमेरिका और भारत के बीच अगले हफ्ते बेहद वार्ता होने जा रही है। इससे ठीक पहले रैंडल श्राइवर (एशियन एंड पैसिफिक सिक्‍योरिटी अफेयर्स के असिस्‍टेंट डिफेंस सेक्रेटरी) ने भारत को धमकी दी है कि अगर वह रूस के साथ डिफेंस डील करेगा तो उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारी का यह बयान भारत और रूस के बीच होने जा रही उस डील के संबंध में आया है, जिसके तहत भारत सरकार रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम खरीदने जा रही है। भारत-रूस के बीच होने जा रहे है इस सौदे की कीमत 39,0000 करोड़ बताई जा रही है।

    वार्ता से ऐन पहले अमेरिका की भारत को चेतावनी, रूस से हथियार खरीदोगे तो लग सकते हैं प्रतिबंध

    डोनाल्‍ड ट्रंप के राष्‍ट्रपति बनने के बाद 2017 में अमेरिका ने एक कानून पास किया। इसका नाम है- काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सेंक्‍शंस एक्‍ट यानी- CAATSA। इस कानून के तहत ईरान, रूस और नॉर्थ कोरिया से ऑयल गैस और डिफेंस डील करने वालों में अमेरिकर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

    रैंडल श्राइवर ने कहा, 'अगर वे इस रास्‍ते पर जाते हैं (मतलब भारत सरकार रूस से हथियार खरीदती है) तो मैं यहां बैठकर आपको यह नहीं बता सकता है कि भारत को विशेष छूट मिलेगी ही।' फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्‍स मैटिस लगातार इस प्रयास में हैं कि अगर भारत और रूस के बीच डील होती भी है तो भी नई दिल्‍ली पर किसी प्रकार के प्रतिबंध न लगें। हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का होगा। अमेरिका यह बात जानता है कि भारत जल्‍द ही रूस के साथ डील पक्‍की कर लेगा। प्‍लान के मुताबिक 2020 तक डिलिवरी भी स्‍टार्ट हो जाएगी। अगले हफ्ते अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्‍स मैटिस और विदेश मंत्री माइक पेंपियो नई दिल्‍ली आएंगे और भारत के रक्षा मंत्री तथा विदेश मंत्री के साथ मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान भारत और रूस के बीच एस-400 डिफेंस सिस्‍टम से जुड़ी डील बड़ा मुद्दा होगी।

    रैंडल श्राइवर ने आगे कहा कि एस-400 डिफेंस सिस्‍टम के साथ कई दिक्‍कतें भी हैं। भारत हमारा दोस्‍त है, एक स्‍वायत्‍त राष्‍ट्र है। हमारी पूरी कोशिश है कि कोई विकल्‍प निकले। इसमें भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग भी शामिल है। जब रैंडल से पूछा गया कि क्‍या भारत के सामने अमेरिका किसी प्रकार के विकल्‍प का प्रस्‍ताव पेश करेगा। इस पर उन्‍होंने कहा कि हमारी इच्‍छा है कि भारत के साथ उसकी रक्षा जरूरतों के मुद्दों और विकल्‍पों पर बात हो। हमने इस प्रकार की बातें की भी हैं। रूस को भारत का बड़ा रक्षा सहयोगी है। दोनों देशों के बीच दशकों से रिश्‍ते हैं। इस पर रैंडल ने कहा कि हम बात करना चाहते हैं और उसे कहना चाहते हैं बात पहले क्‍या हुआ, इसकी नहीं है, बात भविष्‍य की है।

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    English summary
    US warns India: Won’t continue to tolerate your defence buys from Russia.

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