जासूस जिससे हिल गया था अमेरिका, इजरायल पहुंचने पर PM नेतन्याहू खुद लेने पहुंचे एयरपोर्ट

तेलअवीव। US Spy Reached Israel: 1985 में अमेरिका और इजरायल के रिश्ते अचानक उस समय बिगड़ गए थे जब एक जोनाथन पोलार्ड (Jonathan Pollard) नाम के एक यहूदी को इजरायल के लिए रक्षा संस्थानों की जासूसी के लिए गिरफ्तार किया गया था। बाद में अमेरिकी अदालत में पोलार्ड पर मुकदमा चला और उन्हें इजरायल के लिए खुफिया रक्षा जानकारी भेजने का दोषी पाया गया। 30 सितम्बर 2020 को जब 35 साल बाद वही जोनाथन पोलार्ड इजरायल की धरती पर पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू खुद वहां मौजूद थे।

प्लेन से उतरते ही जोनाथन ने चूम ली धरती

प्लेन से उतरते ही जोनाथन ने चूम ली धरती

जोनाथन पोलार्ड 30 साल की सजा पूरी करके बुधवार सुबह एक प्राइवेट प्लेन में सवार होकर अपनी पत्नी के इश्टर पोलार्ड के साथ इजरायल पहुंचे। 66 वर्षीय पोलार्ड जब अपनी पत्नी के साथ प्लेन से नीचे उतर रहे थे तो सीढ़ियों के पास इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू उनका इंतजार कर रहे थे।

जोनाथन के उतरने के बाद जब नेतन्याहू ने उनका स्वागत करना चाहा तो जोनाथन ने उन्हें रोक दिया और जमीन पर बैठ गए। इसके बाद उन्होंने इजरायल की जमीन को चूमा। इस दौरान उनकी पत्नी उनके बगल में पीछे हाथ रखे रहीं। जब जोनाथन उठे तो उनकी पत्नी इश्टर, जो कैंसर से पीड़ित हैं, ने भी इजरायली धरती को चूमा। जोनाथन ने अपनी पत्नी को सहारा देकर उठाया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके साथ आए लोग पूरे भावुक कर देने वाले दृश्य को देखते रहे। इसके बाद जोनाथन का नेतन्याहू ने स्वागत किया।

इस दौरान हिब्रू में स्वागत करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री ने जोनाथन से कहा 'अब आप घर पर हैं। क्या अद्भुत क्षण है ?' एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के स्वागत के बाद जोनाथन पोलार्ड ने कहा कि "हम घर (इजरायल) पर होने के लिए 35 सालों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।"

एयरपोर्ट पर ही दिया इजरायली नागरिकता का कार्ड

एयरपोर्ट पर ही दिया इजरायली नागरिकता का कार्ड

इजरायल ने जोनाथन पोलार्ड और उनकी पत्नी इश्टर पोलार्ड को नागरिकता भी दी है। खास बात ये रही कि नेतन्याहू दोनों की नागरिकता का इजरायली कार्ड अपनी जेब में रखकर लाए थे और स्वागत के बाद वहीं एयरपोर्ट पर ही उन्हें ये कार्ड अपने हाथों से दिया।

पोलार्ड जिस प्राइवेट प्लेन से इजरायल पहुंचे थे उसे अमेरिकी अरबपति और कसीनो टायकून शेल्डन एडेलसन ने मुहैया कराया था। शेल्डन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों के समर्थक हैं।

पोलार्ड ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायल के लोगों का उन्हें सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वे जल्द से जल्द इस देश के काम आने वाला नागरिक बनने की कोशिश करेंगे। उन्होंने इजरायल को यहूदी लोगों के लिए बेहतर भविष्य वाला देश भी बताया। इसके बाद दोनों किसी अज्ञात स्थान पर चले गए जहां वह अब रहेंगे। अभी उनके निवास के बारे में जानकारी गुप्त रखी गई है। इजरायल के राष्ट्रपति और दूसरे सांसदों ने भी जोनाथन पोलार्ड के देश पहुंचने पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

जासूसी के लिए काटी 30 साल की सजा

जासूसी के लिए काटी 30 साल की सजा

जोनाथन पोलार्ड 1980 में अमेरिका नेवी के लिए सिविल एनालिस्ट का काम करते थे। 1980 में जब वह पेंटागन में काम कर रहे थे उस दौरान उन्होंने इजरायल को मिलिट्री की खुफिया जानकारियां इजरायल को भेजी थी। 1985 में पोलार्ड को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वो वाशिंगटन स्थित इजरायल दूतावास में शरण लेने की कोशिश कर रहे थे। इस जासूसी प्रकरण से इजरायल की काफी बदनामी हुई थी और अमेरिका-इजरायल के रिश्तों में तनाव ला दिया था जो काफी समय तक रहा।

बाद में पोलार्ड को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अमेरिकी रक्षा और खुफिया संस्थानों ने हमेशा उनकी रिहाई का विरोध किया। 20 नवम्बर 2015 को अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 साल बाद उनकी सजा को काफी मानते हुए उन्हें रिहा किया। लेकिन इस दौरान उन्हें 5 साल पेरोल की अवधि पूरी करने को कहा गया जो कि इस साल 20 नवम्बर को पूरी हो गई जिसके बाद उनका अमेरिका से बाहर जाने का रास्ता साफ हो सका। अब वे इजरायल पहुंचे जहां उन्हें नागरिकता दे दी गई है।

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