पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून को अमेरिका ने बताया शर्मनाक, कहा- लोगों को डराने के लिए है इशनिंदा का कठोर कानून

अमेरिका ने ईशनिंदा कानून को शर्मनाक बताते हुए पाकिस्तान से इस कानून को खत्म करने की मांग की है।

वाशिंगटन: अमेरिका ने पाकिस्तान में कठोर ईशनिंदा कानून की आलोचना करते हुए ईशनिंदा कानून खत्म करने को कहा है। अमेरिकी मानवाधिकार रिपोर्ट में पाकिस्तान की कठोर ईशनिंदा कानून की आलोचना की गई है। यूएससीआईआरएफ कमिश्मर जॉवी मुरे ने पाकिस्तान से कहा है कि वो ईशनिंदा कानून को निरस्त करे। अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान में इस कानून का इस्तेमाल लोगों के अधिकारों को कुचलने और बोलने के अधिकार को खत्म करने के लिए किया जा रहा है।

ईशनिंदा कानून की आलोचना

ईशनिंदा कानून की आलोचना

अमेरिका ने पाकिस्तान से ईशनिंदा कानून पर कदम उठाने के लिए उस वक्त कहा है जब पाकिस्तान में एक लोकल कोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन पाकिस्तान में निकाले गये औरत मार्च को लेकर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पाकस्तानी कोर्ट ने औरत मार्च के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर करने के आदेश देते हुए जांच के भी आदेश दिए हैं। आरोप लगाया गया है कि औरत मार्च में ईशनिंदा की गई है।

ईशनिंदा कानून शर्मनाक

ईशनिंदा कानून शर्मनाक

यूएससीआईआरएफ ने अपने बयान में कहा है कि 'पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भी महिलाओं के खिलाफ ईशनिंदा कानून लगाने से परहेज नहीं किया गया। ये पाकिस्तान की बेहतरीन जनता के लिए कितनी शर्मनाक बात है। यूएससीआईआरएफ एक बार फिर से पाकिस्तान से कहता है कि वो इस कठोर कानून को खत्म करे।' दरअसल, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर औरत मार्च का आयोजन किया गया था। मार्च के बाद औरत मार्च में शामिल महिलाओं के ऊपर धार्मिक गुरुओं के पोस्टर्स निकालने के आरोप लगे और फिर पाकिस्तानी कोर्ट ने औरत मार्च के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पाकिस्तानी अखबर डॉन के मुताबिक, कराची स्थिति एक अदालत ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता के बयान को सुनते हुए औरत मार्च के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

पाकिस्तान में औरत मार्च

पाकिस्तान में औरत मार्च

पाकिस्तान के कई जिलों में इस साल भी औरत मार्च का आयोजन किया गया था। जिसमें लाहौर, हैदराबाद, सुक्कूर, कराची, इस्लामाबाद और पेशावर में भी इंटरनेशनल वुमन्स डे के मौके पर औरत मार्च का आयोजन किया गया था। पाकिस्तान में 2018 से ही हर साल औरत मार्च का आयोजन किया जाता है, जिसमें पाकिस्तान में महिलाओं से होने वाली हिंसा के खिलाफ महिलाएं आवाज उठाती हैं। लेकिन, इस बार औरत मार्च विवादों में है। पाकिस्तान पिपुल्स पार्ची के चेयरपर्सन बिलावल भुट्टो ने औरत मार्च के आयोजकों के खिलाफ ईशनिंदा कानून लगाए जाने की निंदा करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और औरत मार्च के आयोजकों के खिलाफ इस कानून का इस्तेमाल अफसोसजनक है।

ईशनिंदा कानून-मानवाधिकार का उल्लंधन

ईशनिंदा कानून-मानवाधिकार का उल्लंधन

अमेरिकन मानवाधिकार की रिपोर्ट में ईशनिंदा कानून को मानवाधिकार का उल्लंघन करने वाला कानून बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कानून का इस्तेमाल लोगों पर हिंसा करने, उनकी आवाज को दबाने और उनके अधिकारों को छीनने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान में 2014 से 2018 के बीच राज्यों के द्वारा आम लोगों पर 184 ईशनिंदा कानून लगाए गये। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईशनिंदा कानून का डर दिखाकर लोगों को चुप रखना बेहद आसान हो जाता है क्योंकि इस कानून का लगना मतलब आपने खुदा के खिलाफ काम किया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+