इमरान खान के आरोपों पर अमेरिका का जवाब, हमने पाकिस्तान को कोई पत्र नहीं भेजा
इस्लामाबाद, 31 मार्च। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अब शायद कुछ ही घंटों के लिए देश के प्रधानमंत्री हैं, उनके अहम सहयोगी दल एमक्यूएम ने उनकी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही साफ हो चुका है कि इमरान खान की सरकार अल्पमत में है और अब वह कुर्सी से जा सकते हैं। अविश्वास प्रस्ताव से पहले इमरान खान ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार को गिराने के लिए बाहरी देश षड़यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास इस दावे को साबित करने के लिए एक पत्र भी है। लेकिन इमरान खान के इस बयान के बाद अमेरिका ने इसपर सफाई दी है।

अमेरिका ने इमरान खान के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दरअसल यूक्रेन पर रूस के युद्ध के ऐलान के समय इमरान खान ने रूस का दौरा किया था, जिसपर अमेरिका ने कड़ा रुख दिखाया था। माना जा रहा है कि इसी के चलते इमरान खान ने आरोप लगाया है कि विदेशी ताकतें उनकी सरकार को गिराना चाहती हैं। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि उनके किसी भी अधिकारी या किसी एजेंसी ने पाकिस्तान में मौजूदा हालात को लेकर किसी भी तरह का कोई पत्र नहीं भेजा है। इन आरोपों में किसी तरह का कोई सत्य नहीं है।
गौर करने वाली बात है कि इमरान खान ने रविवार को आरोप लगाया था कि मेरी सरकार के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है उसके पीछे विदेशी षड़यंत्र है, उन्होंने कहा कि इसे साबित करने के लिए मेरे पास सबूत भी है जो मैं प्रस्तुत कर सकता हूं। रिपोर्ट की मानें तो इमरान खान ने कुछ पत्रकारों के लेटर का जिक्र किया है। उन्होंने किसी विदेशी सरकार का नाम लिए बिना कहा कि विदेशी सरकार के अधिकारी ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि को पत्र भेजा है। इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान के दूतावास को 7 मार्च को एक पत्र भेजा गया था। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद ने यह पत्र भेजा था।












Click it and Unblock the Notifications