Coronavirus: कोविड-19 ने जकड़ा अमेरिकी नेवी के सबसे बड़ी वॉरशिप को, कमांडर कर रहा ट्रंप से जान बचाने की अपील

वॉशिंगटन। 'हम कोई जंग नहीं लड़ रहे हैं और अगर हमनें अभी एक्‍शन नहीं लिया तो हम अपनी सबसे अनमोल धरोहर से हाथ धो देंगे,' ये शब्‍द हैं कैप्‍टन ब्रेट क्रोजियर के। आप ने उनका नाम नहीं सुना है और कैप्‍टन ब्रेट उस जहाज के कमांडर हैं जिस पर कोविड-19 ने हमला बोल दिया है। दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं वाला देश जो सेकेंड्स में किसी भी देश को तबाह कर सकता है, उसके सैनिकों को अपने राष्‍ट्रपति से गुहार लगानी पड़ी कि उनकी जान बचा ली जाए। अमेरिकी सरकार ने क्रोजियर की चिट्ठी मीडिया में आने के बाद एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडर रूजवेल्‍ट से सेलर्स को निकालना शुरू कर दिया है। यह एयरक्राफ्ट कैरियर साल 2015 में भारत आ चुका है।

100 जवान कोरोना की चपेट मे

100 जवान कोरोना की चपेट मे

कैप्‍टन ब्रेट क्रोजियर की चिट्ठी को सैनफ्रांसिस्‍को क्रोनिकल ने पब्लिश किया। शुरुआत में अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्‍पर साफ कर चुके थे कि सरकार के पास इस जहाज से सैनिकों को निकालने की कोई योजना फिलहाल नहीं है। इस जहाज पर 100 नाविक कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। कैप्‍टन क्रोजियर ने सोमवार को ट्रंप को चिट्ठी लिखी थी। कैप्‍टन क्रोजियर ने लिखा था, 'इस स्थिति का एक राजनीतिक समाधान जरूरी होगी लेकिन यही सही होगा। हम किसी युद्ध में नहीं हैं। सेलर्स को मरने की जरूरत नहीं होती है। अगर हमनें अभी कोई कदम नहीं लिया तो फिर हम अपनी सबसे अनमोल और भरोसेमंद धरोहर को खो देंगे और उनकी देखभाल में पूरी तरह से असफल साबित होंगे-हमारे नाविक।'

जहाज में जगह की वजह से क्‍वारंटाइन मुश्किल

जहाज में जगह की वजह से क्‍वारंटाइन मुश्किल

इस चार पेज की चिट्टी में उन्‍होंने सीनियर मिलिट्री ऑफिसर्स से अपील की थी कि सिर्फ कुछ नाविकों को ही निकाला गया है जिन्‍हें संक्रमण था मगर ज्‍यादातर संक्रमित नाविक जहाज पर ही हैं। कैप्‍टन क्रोजियर के मुताबिक जहाज पर 14 दिनों तक की क्‍वारंटाइन और सोशल डिस्‍टेंसिंग के आधिकारिक निर्देशों को मानना असंभव है। उन्‍होंने लिखा था कि वॉरशिप पर जगह की बाध्‍यता होती है और ऐसे में कोई भी निर्देश नहीं मान सकता। वायरस तेजी से फैल रहा है और बढ़ता जा रहा है। उन्‍होंने ट्रंप प्रशासन से अपील की थी कि गुआम के किनारे पर क्‍वारंटाइन की सुविधा जितनी जल्‍दी हो सके उतनी जल्‍दी मुहैया कराई जाए।

परमाणु ताकत वाली शिप

परमाणु ताकत वाली शिप

यूएसएस थियोडर रूजवेल्‍ट परमाणु ईधन से चलने वाली वॉ‍रशिप है। कैप्‍टन क्रोजियर ने लिखा कि न्‍यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर से जवानों को निकालने में दो से तीन हफ्तों का समय लग सकता है और यह एक असाधारण फैसला होगा लेकिन यही एक ऐसा रिस्‍ट है जो लेना ही पड़ेगा। इस वॉरशिप पर 4,000 युवा जवान तैनात हैं जिसमें महिला और पुरुष दोनों ही शामिल हैं। हालांकि जहाज पर एक जवान की मौत हो चुकी है।

नेवी ने कहा यह एक लंबी प्रक्रिया

नेवी ने कहा यह एक लंबी प्रक्रिया

1,100 फीट लंबा थियोडर रूजवेल्‍ट शुक्रवार से गुआम में है। क्रोजियर की इस चिट्ठी पर यूएस नेवी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। क्रोजियर की चिट्ठी के बाद एक्टिंग नेवी सेक्रेटरी थॉमस मोड्ली ने सीएनएन के साथ बातचीत में कहा कि इसमें एक पूरी प्रक्रिया शामिल है। उन्‍होंने कहा कि सबसे अहम बात है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिप पर सभी संवेदनशील कामों के लिए क्रू मेंबर्स को भेजा जाए।

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