डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की फिर कोशिश, जानें कितना खतरनाक होता जा रहा US Election, कहीं शुरू ना हो जाए गृहयुद्ध?
US Presidential Election: अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव काफी खतरनाक होता जा रहा है और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फिर से हत्या की कोशिश की गई है। हालांकि, इस बार भी डोनाल्ड ट्रंप हमले में बच गये हैं, लेकिन बार बार हो रहे हमले ने देश के खतरनाक चुनावी माहौल को उजागर कर दिया है।
दूसरी तरफ, मंगलवार को हुए प्रेसिडेंशियल बहस के बाद कमला हैरिस की छवि एक मजबूत नेता के रूप में उभरी है, जबकि ट्रंप पूरी तरह से नकारात्मक और उदास दिखाई दिए, जिससे पूरे रिपब्लिकन प्रतिष्ठान में सदमे की लहर दौड़ गई है।

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव लगभग हमेशा ही गड़बड़ी से भरे होते हैं, लेकिन यह चुनाव और भी गडमड हो गया है। चूंकि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ने अमेरिका को बहुत ही कुशलता से विभाजित कर दिया है, इसलिए 5 नवंबर को होने वाला महत्वपूर्ण चुनाव अब "स्विंग स्टेट्स" पर निर्भर हो गया है, जहां काफी ज्यादा कड़ी टक्कर देखे जाने की संभावना है।
अब पूरी संभावना इस बात की बन गई है, कि जो स्विंग स्टेट जीतेगा, वही देश का अगला राष्ट्रपति बनेगा।
कमला हैरिस को बर्दाश्त कर पाएंगे ट्रंप?
इन राज्यों में ही यह आशंका बढ़ रही है (जिसके कई सबूत मिले हैं) कि डोनाल्ड ट्रंप की टीम चुनाव लड़ने और कमला हैरिस की जीत को अवैध ठहराने की तैयारी कर रही है और यह उन कई गंदी चालों में से एक है, जिसका इस्तेमाल रिपब्लिकन मतदाताओं की इच्छाओं को नाकाम ठहराने के लिए कर रहे हैं।
मंगलवार की बहस से पहले, ट्रंप ने कमला हैरिस के खिलाफ एक प्रभावी हमला करने की कोशिश की, जिन्होंने बाइडेन के चुनावी रेस से हटने के बाद डेमोक्रेटिक कैंपेन को फिर से आक्रामक बना दिया है। और जनता की नजरों में बने रहने की पूरी कोशिश करते हुए, ट्रंप ने नीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने सहयोगियों की सलाह को नजरअंदाज करते हुए कमला हैरिस पर जमकर निजी हमले किए, जैसी गलती उन्होंने पिछली बार भी की थी।
बहस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस पर निजी हमले किए और जिन मुद्दों पर कमला हैरिस पर हमलावर हुआ जा सकता था, उन्हें अपनी हाथों से जाने दिया, जबकि कमला हैरिस ने ट्रंप की कमजोरियों पर वार किया, जिससे ट्रंप को कई बार विचलित देखा गया।
डोनाल्ड ट्रंप कई सालों से अपने विरोधियों पर निजी टिप्पणी करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके कई समर्थकों का भी मानना है, कि कमला हैरिस पर अपने हमलों में वे बहुत आगे निकल गए हैं, जिससे राजनीतिक भाषण पर लंबे समय से चले आ रहे मानदंड टूट गए हैं।
उदाहरण के लिए, उन्होंने झूठा दावा किया है, कि कमला हैरिस, जो अश्वेत और दक्षिण एशियाई हैं, हाल ही में "एक अश्वेत व्यक्ति बनी हैं।" पिछले महीने शिकागो में अश्वेत पत्रकारों के एक सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा था, कि "मुझे नहीं पता था कि वह कई साल पहले तक अश्वेत थीं, जब तक कि वह संयोग से अश्वेत नहीं हो गईं और अब वह अश्वेत के रूप में जानी जाना चाहती हैं। इसलिए, मुझे नहीं पता- क्या वह भारतीय हैं? या वह अश्वेत हैं?"

चुनाव जीतने के लिए नस्लीय टिप्पणियों का सहारा
ट्रंप का नस्लवाद का एक लंबा और घिनौना इतिहास रहा है, उन्होंने देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा पर झूठा आरोप लगाया था, कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका में पैदा नहीं हुए थे। और अब वो कमला हैरिस पर इसी तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। उनकी निजी वेबसाइट ट्रुथ सोशल पर एक उपयोगकर्ता ने 28 अगस्त को कमला हैरिस और हिलेरी क्लिंटन की तस्वीरें इस संदेश के साथ पोस्ट की थीं, कि "मजेदार है कि कैसे मुखमैथुन ने उनके करियर को अलग-अलग तरीके से प्रभावित किया...।"
अपने पिछले घोर लैंगिकवादी व्यवहार के रिकॉर्ड को दोहराते हुए ट्रंप ने तुरंत इस भद्दे बयान को फिर से पोस्ट करके बढ़ा दिया। दस दिनों में यह दूसरी बार था, जब पूर्व राष्ट्रपति ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर यौन हमले किए थे, जो अशोभनीय और निंदनीय है।
कमला हैरिस पर नस्लीय और यौन हमला करने वाले डोनाल्ड ट्रंप अकेले नहीं हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन जीतने के तुरंत बाद, उनके बारे में महिला विरोधी और लैंगिकवादी कहानियों का एक ऑनलाइन विस्फोट इंटरनेट पर दिखाई दिया, जिनमें से कई पहले से ही झूठ साबित हो चुके थे।
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, कि हैरिस ने अमेरिकी राजनीति में "नींद में सोकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया" है। सैन फ्रांसिस्को के पूर्व मेयर विली ब्राउन के साथ उनके संक्षिप्त संबंधों का हवाला दिया गया। कई रूढ़िवादी प्रभावशाली लोगों ने इस आरोप को फिर से हवा दी, जिन्होंने एक्स पर कमला हैरिस की एक छेड़छाड़ की गई तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे बदनाम फाइनेंसर और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ दिखाई दे रही थीं।

बहुत सी गलत सूचनाओं में न केवल यौन ट्रॉप्स शामिल थे, बल्कि झूठे ट्रांसफ़ोबिक लेख भी लिखे गये। उदाहरण के लिए, कमला हैरिस गुप्त रूप से पुरुष होने के बिना राजनीतिक रूप से आगे नहीं बढ़ सकती थीं।
वहीं, अन्य नस्लवादी पोस्टों में कहा गया, कि कमला हैरिस चुनाव लड़ने योग्य नहीं हैं, क्योंकि उनके माता और पिता, दोनों ही अमेरिकी नहीं थे, जबकि कुछ ने जोर देकर कहा, कि वह राजनीतिक लाभ के लिए अपनी नस्लीय पहचान को "बढ़ा-चढ़ाकर" पेश कर रही हैं।
दुष्प्रचार निगरानी संस्था अमेरिकन सनलाइट प्रोजेक्ट की सह-संस्थापक नीना जानकोविज़ द्वारा 2020 में किए गए एक अन्य अध्ययन में बताया गया, कि चुनावों के दौरान 13 महिला राजनेताओं पर हमला करने के लिए "लिंग दुर्व्यवहार और दुष्प्रचार" के 336,000 से ज्यादा मामले सामने आए, इनमें से लगभग 78 प्रतिशत में कमला हैरिस को निशाना बनाया गया था।
क्या इस बार भी होगा अमेरिकी संसद पर हमला?
पिछले चुनाव में ट्रंप ने चुनावी नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था और उनके भड़काने के बाद ही उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद पर हमला कर दिया था और इस बार भी बहस के दौरान ट्रंप ने कैपिटल हिल पर हुए हमले का बचाव किया।
ट्रंप ने एक बार फिर बिना सबूत के जोर देकर कहा, कि 2020 का चुनाव चुराया गया था और कैपिटल पर हमला करने वाली हिंसक भीड़ का बचाव किया। शायद सबसे विचित्र क्षण तब आया, जब ट्रंप ने ओहिया के स्प्रिंगफील्ड में हैती अप्रवासियों पर पालतू जानवरों को मारकर खाने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा, कि हैती अप्रवासी कुत्तों और बत्तखों को काटकर खा रहे हैं।
बहस के दौरान उन्होंने दहाड़ते हुए कहा, "जो लोग अंदर आए हैं, वे बिल्लियों को खा रहे हैं"।
जब मॉडरेटर में से एक ने सबूत के लिए पूछा, तो ट्रंप केवल इतना ही कह पाए कि "मैंने इसे टेलीविजन पर देखा है"!
इस दौरान कमला हैरिस मुस्कुरा रही थीं, जिसने ट्रंप को काफी कमजोर तस्वीर को पेश किया।
तो अब क्या होगा?
कमला हैरिस की छवि एक मजबूत नेता के रूप में उभरी है, जबकि ट्रंप पूरी तरह से नकारात्मक और उदास दिखे, जिसने पूरे रिपब्लिकन प्रतिष्ठान में सदमे की लहरें पैदा कर दीं है। बहस के बाद करवाए गये जनमत सर्वेक्षणों में ट्रंप काफी पिछड़ने लगे हैं, जिससे रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक समर्थकों के बीच भारी विभाजन हो गया है।

उम्मीद है कि चुनाव परिणाम प्रमुख स्विंग राज्यों में मामूली अंतर पर निर्भर करेगा। इस बात की चिंता बढ़ रही है, कि डोनाल्ड ट्रंप की टीम उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की संभावित जीत को कमजोर करने के मकसद से परिणामों को चुनौती दे सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप को कमला हैरिस के खिलाफ प्रभावी आलोचनाएं खोजने में संघर्ष करना पड़ा है।
जैसे-जैसे राष्ट्रपति चुनाव अपने अंतिम हफ्तों की तरफ पहुंच रहा है, कमला हैरिस की टीम अपने उम्मीदवार को निशाना बनाकर झूठ की बाढ़ के लिए तैयार है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एलन मस्क का ट्वीटर काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एलन मस्क, डोनाल्ड ट्रंप की पूजा कर रहे हैं।
लेकिन, सबसे ज्यादा आशंका इस बात को लेकर है, कि क्या कमला हैरिस से हार डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों को बर्दाश्त हो पाएगी और क्या वो आसानी से हार स्वीकार कर पाएंगे? अन्यथा इसमें कोई शक नहीं, कि बेलगाम बंदूक वाले देश अमेरिका में चरम पर पहुंचे चुका ध्रुवीकरण गृहयुद्ध करवा सकता है।












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