US Elections 2024: अमेरिका का यह राज्य तय करेगा, कौन बनेगा राष्ट्रपति! पानी की तरह पैसे बहा रहे ट्रंप और कमला
US Elections 2024: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 5 नवंबर को होने वाले हैं और दोनों ही उम्मीदवारों, डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर होने का अनुमान है, लिहाजा कौन राष्ट्रपति बनेगा, ये अब स्विंग स्टेट पर निर्भर हो गया है।
अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाला राज्य पेंसिल्वेनिया 2024 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए ग्राउंड जीरो बनकर उभरा है। राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है, कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के बीच राज्य में कड़ी टक्कर होने वाली है।

राष्ट्रपति पद की दौड़ जीतने के लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की जरूरत होती है और अमेरिका के 50 राज्यों में से प्रत्येक में इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की संख्या अलग-अलग है। पेंसिल्वेनिया में 19 जबकि डेमोक्रेटिक गढ़ कैलिफोर्निया में 54 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं, उसके बाद टेक्सास, जो रिपब्लिकन का गढ़ है, वहां 40 इलेक्टोरल कॉलेज हैं।
आपको बता दें, कि 5 नवंबर को जो वोटिंग होने वाली है, उसमें जो उम्मीदवार जीतेगा, उसे विजेता नहीं माना जाएगा, बल्कि जो उम्मीदवार इलेक्टोरल कॉलेज में 270 से ज्यादा वोट लेकर आएगा, उसे विजयी माना जाएगा। लिहाजा आप कह सकते हैं, कि पॉपुलर वोट का कोई मतलब नहीं होता है।

अमेरिका में सात स्विंग स्टेट
प्रत्येक राज्य में राजनीतिक समर्थन को देखते हुए, विशेषज्ञों ने पिछले मतदान पैटर्न के आधार पर किसी उम्मीदवार को मिलने वाले इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की संख्या का पहले ही पता लगा लिया है, सिवाय सात बैटलग्राउंड राज्यों के। ये सात राज्य हैं नेवादा, जिसके पास 6 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं, एरिजोना (11), विस्कॉन्सिन (10), मिशिगन (15), पेंसिल्वेनिया (19), जॉर्जिया (16) और नॉर्थ कैरोलिना (16)।
तेजी से बदलते राजनीतिक माहौल के साथ, दोनों उम्मीदवार अब पेनसिल्वेनिया को जीतना जरूरी मानते हैं।
कमला हैरिस और ट्रंप, दोनों के चुनाव अभियानों के हजारों स्वयंसेवक मतदाताओं को अपने नेताओं के लिए वोट देने के लिए मनाने के लिए इस 'युद्ध के मैदान वाले राज्य' में पहुंचे हैं। हिल के डिसीजन डेस्क मुख्यालय ने हाल ही में एक पूर्वानुमान और मतदान औसत के विश्लेषण में बताया है, कि "हमें नहीं लगता कि कोई भी उम्मीदवार पेनसिल्वेनिया जीते बिना 270 इलेक्टोरल वोट तक पहुंच पाएगा।"
प्रतिष्ठित वेबसाइट 270towin.com ने कमला हैरिस को 226 इलेक्टोरल कॉलेज वोट और ट्रंप को 219 वोट दिए हैं। एनबीसी न्यूज इलेक्शन डेस्क के मुताबिक, "पेंसिल्वेनिया 2024 के चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण युद्ध के मैदान वाले राज्य के रूप में उभर रहा है।
दोनों उम्मीदवारों ने झोंकी ताकत
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में पेंसिल्वेनिया में एक प्रतिशत से भी कम अंतर से जीत हासिल की थी और 2020 में लगभग एक प्रतिशत से हार गए थे। कमला हैरिस वहां प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं, लिहाजा राज्य को 'टॉस-अप' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।" यही कारण है कि हैरिस और ट्रंप, दोनों "किसी भी अन्य स्थान की तुलना में पेंसिल्वेनिया में ज्यादा धन, समय और ऊर्जा डाल रहे हैं, और पूरे राज्य में विज्ञापन युद्ध छेड़ रहे हैं।"
द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, कि "2024 में व्हाइट हाउस की दौड़ में सात मुख्य युद्धक्षेत्र हो सकते हैं, जिनमें से सभी निर्णायक साबित हो सकते हैं। लेकिन पेंसिल्वेनिया एक ऐसा राज्य है, जिसे कमला हैरिस और ट्रंप दोनों के शीर्ष रणनीतिकारों ने चुनाव में सबसे ज्यादा बढ़त के लिए चुना है।" डेली के अनुसार, ट्रंप या खास तौर पर कमला हैरिस के लिए, इसके बिना जीत के लिए जरूरी 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है।
जानकार सूत्रों ने पीटीआई को बताया है, कि डेमोक्रेटिक नेशनल फाइनेंस कमेटी ने हाल ही में फिलाडेल्फिया में अपने फॉल रिट्रीट प्रोग्राम के दौरान इसी निष्कर्ष पर पहुंची कि पेंसिल्वेनिया जीते बिना कमला हैरिस के जीतने का कोई रास्ता नहीं है। वहीं, ट्रंप अभियान भी यही मानता है।

कमला हैरिस, ट्रंप का जोरदार अभियान
डेमोक्रेट्स ब्लू वॉल जीतने पर भरोसा कर रहे हैं, जिसमें मिशिगन, विस्कॉन्सिन और पेंसिल्वेनिया शामिल हैं, जबकि ट्रंपप अभियान, तीनों राज्यों में कमला हैरिस को कड़ी टक्कर दे रहा है। ट्रंप ने 2016 में तीनों राज्य जीते थे। पीबीएस न्यूज ने बताया है, कि "कमला हैरिस और ट्रंप, दोनों अभियान राज्य के 19 इलेक्टोरल वोटों को राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए आवश्यक 270 तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि वहां का मुकाबला, कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) पर नियंत्रण भी निर्धारित कर सकती हैं।"
रविवार को, ट्रंप चुनाव अभियान ने घोषणा की, कि वह 21 अक्टूबर से पेंसिल्वेनिया में बस यात्रा शुरू करेगा। उनमें से प्रमुख भारतीय अमेरिकी काश पटेल हैं। एनबीसी न्यूज के अनुसार, दोनों अभियानों ने हाल के महीनों में राज्य को कवर किया है, उनके राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों ने पिछले तीन महीनों में लगभग 50 बार उपस्थिति दर्ज कराई है, जो आसानी से किसी भी स्विंग राज्य का सबसे बड़ा योग है।
समाचार चैनल ने बताया है, कि "दोनों उम्मीदवारों के डॉलर पेंसिल्वेनिया में बह रहे हैं। एडइम्पैक्ट के अनुसार, 1 से 20 सितंबर तक राष्ट्रपति पद की दौड़ में विज्ञापनों पर खर्च किए गए हर चार डॉलर में से एक इस राज्य में खर्च किया गया।" रविवार को, ट्रंप ने मैकडॉनल्ड्स की वर्दी पहनी और पेंसिल्वेनिया फ़्रैंचाइज में फ्राई स्टेशन पर भी काम किया।












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