US Election 2024: राष्ट्रपति चुनाव का काउंटडाउन शुरू, ट्रंप-कमला ने झोंकी ताकत, इस हफ्ते की 5 बड़ी बातें जानिए
As the US Election 2024 approaches, Trump and Harris intensify their campaigns. Key developments include polling insights, media strategies, and immigration discussions.
US Election 2024: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अब तीन हफ्ते से भी कम समय बचा है और कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप, मतदाताओं के पास पहुंचने और उन्हें अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक चुके हैं, लिहजा अमेरिका में चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच चुकी है।
लिहाजा जानना जरूरी हो जाता है, कि अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव-2024 में इस हफ्ते की पांच बड़ी बातें क्या हैं? और हम आपको ये भी बताएंगे, यूएस इलेक्शन इस हफ्ते में कहां तक पहुंच चुका है।

कितने दिन बचे हैं?
5 नवम्बर को होने वाले चुनाव में अब 23 दिन बचे हैं।
तीन हफ्ते पहले कौन आगे है?
11 अक्टूबर तक, पोलिंग एग्रीगेटर फाइव थर्टीएट ने उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को 2.5 अंकों की बढ़त के साथ 48.5 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे दिखाया है, जबकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 46 प्रतिशत समर्थन मिला है।
वेबसाइट 270toWin के मुताबिक, कमला हैरिस 49.3 प्रतिशत समर्थन के साथ थोड़ी आगे दिख रही हैं, लेकिन 46.5 प्रतिशत समर्थन के साथ डोनाल्ड ट्रंप उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस, इस हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप के मजबूत वोटर माने जाने वाले उप-नगरीय मतदाताओं को अपने पाले में पलटने में काफी हद तक कामयाब हो गई हैं।
10 अक्टूबर को, समाचार एजेंसी रॉयटर्स और मार्केट रिसर्च पोल इप्सोस ने एक सर्वेक्षण जारी किया, जिसमें दिखाया गया है, कि उपनगरीय लोगों के बीच कमला हैरिस का समर्थन 47 प्रतिशत तक चला गया है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप को 41 प्रतिशत समर्थन मिलता दिखाया गया।
लेकिन दो दिन बाद, द न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना कॉलेज ने एक सर्वेक्षण जारी किया, जिसमें संकेत दिया गया, कि कमला हैरिस अश्वेत मतदाताओं के बीच पिछड़ सकती हैं। रिपोर्ट में बताया गया है, कि कमला हैरिस को अश्वेत वोटरों के बीच 78 प्रतिशत समर्थन मिल सकता है, जबकि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन को 90 प्रतिशत अश्वेत वोटरों का समर्थन मिला था, जो कमला हैरिस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

1- तूफान मिल्टन गलत सूचनाओं का युद्धक्षेत्र बना
मेक्सिको की खाड़ी में बनने के तीन दिनों के भीतर, तूफान मिल्टन एक शक्तिशाली कैटोगिरी-5 तूफान में बदल गया, जिसने सैफिर-सिम्पसन पैमाने पर सर्वोच्च रैंकिंग अर्जित की है। अमेरिका की राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन ने मिल्टन को "अटलांटिक बेसिन में रिकॉर्ड पर सबसे तीव्र तूफानों में से एक" करार दिया है।
मिल्टन तूफान ने फ्लोरिडा में काफी नुकसान पहुंचाया है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे दक्षिणी राज्य है।
लेकिन जैसे-जैसे फ्लोरिडा तूफान का प्रभाव सामने आ रहे हैं, अमेरिकी नेता गलत सूचनाओं की बाढ़ से निपटने के लिए भी संघर्ष करते दिख रहे हैं।
अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में सितंबर महीने में तूफान हेलेन भी आया था और उसके बाद के हफ्तों में, डोनाल्ड ट्रंप ने कई झूठे दावे किए, जिनमें यह भी शामिल था, कि डेमोक्रेट के नेतृत्व वाली संघीय सरकार "रिपब्लिकन क्षेत्रों में लोगों की मदद नहीं करने के लिए अपने रास्ते से हट रही है।"
जिस रात मिल्टन ने लैंडफॉल किया, निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने पूर्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ट्रंप पर हमला करने के लिए तूफान के बारे में व्हाइट हाउस की टिप्पणियों का इस्तेमाल करते हुए पलटवार किया।
बाइडेन ने बयान जारी करते हुए कहा, कि "पिछले कुछ हफ्तों में, जो कुछ हो रहा है उसके बारे में गलत सूचनाओं और सरासर झूठों का बेतहाशा और गैर-जिम्मेदाराना और अथक प्रचार किया गया है।" बाइडेन ने इन विकृतियों को "गैर-अमेरिकी" कहा।
बाइडेन ने कहा, "पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने झूठ के इस हमले का नेतृत्व किया है।"
कमला हैरिस ने खुद लास वेगास में ट्रंप की आलोचना की। रिपब्लिकन पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, कि "यह राजनीति करने का समय नहीं है।"

2- मीडिया से छाईं कमला हैरिस
एक बार राष्ट्रीय मीडिया सर्किट पर दिखाई न देने के लिए आलोचना झेलने वाली कमला हैरिस ने हाल ही में मीडिया के एक धमाके के हिस्से के रूप में इस हफ्ते की शुरुआत में एक के बाद एक कई इंटरव्यू कर डाले हैं। यह उनके चुनाव अभियान की शुरुआत से बिल्कुल अलग था। 21 जुलाई को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने के बाद, कमला हैरिस ने अगस्त के अंत तक एक भी प्रमुख इंटरव्यू नहीं दिया था।
उनका पहला सिंगल इंटरव्यू 13 सितंबर को पेंसिल्वेनिया के फिलाडेल्फिया में एक लोकल टीवी स्टेशन में रिकॉर्ड किया गया।
लेकिन पिछले हफ्ते कमला हैरिस ने मीडिया में अपनी उपस्थिति के वेग को काफी बढ़ा दिया है। दो दिनों के अंतराल में, वह पॉडकास्ट कॉल हर डैडी, रेडियो पर द हॉवर्ड स्टर्न शो और टेलीविज़न पर द व्यू और द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट में टॉक-शो में दिखाई दे चुकी हैं। इसके अलावा, वो लोकप्रिय अमेरिकी टीवी न्यूजमैगजीन '60 मिनट्स' में भी इंटरव्यू रिकॉर्ड करवा चुकी हैं, जो सोमवार को प्रसारित हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, '60 मिनट्स' की टीम ने डोनाल्ड ट्रंप की भी इंटरव्यू लेने की कोशिश की, लेकिन ट्रंप की टीम ने फिक्स करने के बाद इंटरव्यू रिकॉर्ड करने से इनकार कर दिया, क्योंकि इस इंटरव्यू के दौरान शर्त ये थी, कि इंटरव्यू की फैक्ट चेकिंग भी होगी।
ट्रंप की टीम और '60 मिनट' के बीच टकराव यहीं खत्म नहीं हुआ। जब कमला हैरिस के इंटरव्यू का टीजर रिलीज किया गया, तो डोनाल्ड ट्रंप ने '60 मिनट' की टीम पर कमला हैरिस को 'बेहतर तरीके से दिखाने' का आरोप लगाया।
उन्होंने संघीय संचार आयोग से "सीबीएस का लाइसेंस छीनने" का भी आह्वान किया। इस टिप्पणी पर आयोग के अध्यक्ष ने उन्हें फटकार लगाई और चेतावनी दी, कि इस तरह की कार्रवाई से फ्री स्पीच को खतरा पैदा होता है।
3- कमला हैरिस ने सार्वजनिक की मेडिकल रिपोर्ट
2024 राष्ट्रपति चुनाव में काफी हद तक स्वास्थ्य के मुद्दे हावी रहे हैं और स्वास्थ्य के मुद्दे की वजह से ही जो बाइडेन को राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर तक होना पड़ा है और अब इसी मुद्दे को कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इस्तेमाल करते हुए अपनी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक की है और डोनाल्ड ट्रंप को भी अपना मेडिकल रिपोर्ट दिखाने की चुनौती दे दी है।
78 साल के हो चुके डोनाल्ड ट्रंप को अब खुद अपनी उम्र और अपनी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले रविवार को, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने ट्रंप के "भटकने" और लगातार लंबे होते भाषणों का विश्लेषण करते हुए एक स्टोरी चलाई, जिसमें सवाल किया गया, कि क्या उनके भाषण पैटर्न में उम्र का असर दिख रहा है?
और इसके बाद शनिवार को, व्हाइट हाउस ने कमला हैरिस का मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप को बैकफुट पर ला दिया है। मेडिकल बुलेटिन में लिखा है, कि 59 साल की कमला हैरिस के पास "राष्ट्रपति पद के कर्तव्यों को सफलतापूर्वक निभाने के लिए आवश्यक शारीरिक और मानसिक लचीलापन है"।
जिसपर जवाब देते हुए डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने उन्हें राष्ट्रपति ऑफिस संभालने के लिए परफेक्ट उम्मीदवार बताते हुए मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।

4- डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासी विरोधी एजेंडे का खाका पेश किया
इस सप्ताह चुनाव प्रचार अभियान के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में प्रवासियों पर अपने हमलों को तेज कर दिया है और वो लगातार झूठे और भड़काऊ दावे कर रहे हैं। आव्रजन, ट्रम्प के राजनीतिक करियर के परिभाषित मुद्दों में से एक रहा है, और उन्होंने एक कट्टरपंथी छवि पेश करने के लिए बहुत कुछ किया है।
लेकिन आलोचकों ने चेतावनी दी है, कि उनकी स्वदेशी बयानबाजी तेजी से चरम पर पहुंच गई है, जो श्वेत वर्चस्ववादियों और अन्य विवादास्पद हस्तियों की भावनाओं को भड़का सकती है। सोमवार को, डोनाल्ड ट्रंप ने ह्यूग हेविट शो के साथ एक ऑडियो इंटरव्यू रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने झूठे दावों को दोहराया, कि 'हत्यारे सामूहिक रूप से अमेरिका में सीमा पार कर रहे हैं।'
डोनाल्ड ट्रंप ने पूरे सप्ताह, खास तौर पर शुक्रवार को, आप्रवासियों को अपराधी के रूप में पेश करना जारी रखा है।
कोलोराडो के ऑरोरा में बोलते हुए, डोनाल्ड ट्रंप ने कसम खाई है, कि यदि वे फिर से चुने जाते हैं, तो वे अपने कार्यकाल के शुरूआती दिनों का उपयोग विदेशों से "जंगली गिरोहों" को "हटाने में तेजी लाने" के लिए करेंगे, साथ ही सामूहिक निर्वासन के लिए युद्धकालीन कानून, 1798 के 'एलियन एनिमीज एक्ट' को लागू करेंगे।
उन्होंने अमेरिकी नागरिकों की हत्या करने वाले प्रवासियों के लिए मृत्युदंड की भी मांग की। डोनाल्ड ट्रंप ने एक और झूठा दावा करते हुए कहा, कि देश में आने वाले अप्रवासी, अमेरिका के नागरिकों की हत्या कर रहे हैं।
5- बॉब वुडवर्ड की किताब में एक और धमाकेदार खुलासा
रिपोर्टर बॉब वुडवर्ड का अमेरिकी पत्रकारिता क्षेत्र में लगभग पौराणिक दर्जा है। 1972 में, उन्होंने और उनके वाशिंगटन पोस्ट के सहयोगी कार्ल बर्नस्टीन ने वाटरगेट कांड में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की भूमिका को उजागर करने में मदद की, जिसकी वजह से निक्स को अंततः इस्तीफा देना पड़ा था।
तब से, वुडवर्ड ने दर्जनों किताबें प्रकाशित की हैं, जिनका मकसद अमेरिकी राजनीति की अंदरूनी चालों को दिखाना है। उनकी नवीनतम किताब, जो राष्ट्रपति पद की रेस के बीच में आई है, उसने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप के कथित संबंधों के बारे में सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
इस किताब का शीर्षक वॉर है, जिसे बुकस्टोर की अलमारियों पर आने से पहले मंगलवार को समाचार आउटलेट्स में जारी किया गया था।
इसके किताब में एक अनाम सहयोगी ने आरोप लगाया, कि ट्रंप ने पद छोड़ने के बाद से कम से कम सात बार व्लादिमीर पुतिन को फोन किया। किताब में यह भी दावा किया गया है कि, COVID-19 महामारी के चरम पर, ट्रंप ने रूस में वायरस-परीक्षण मशीनें भेजीं, जिनकी आपूर्ति कम थी।
हालांकि, ट्रंप की टीम ने आरोपों को खारिज कर दिया है और वुडवर्ड को "गुस्सैल और छोटा आदमी" कहा है।
ट्रंप के प्रवक्ता चेउंग ने एक बयान में लिखा, "बॉब वुडवर्ड द्वारा बनाई गई इन कहानियों में से कोई भी सच नहीं है और यह वास्तव में एक पागल और मानसिक रोगी का काम है।"
लेकिन इस पुस्तक में कुछ हाई-प्रोफाइल नामचीन स्रोत शामिल हैं, जिनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के पूर्व प्रमुख मार्क मिल्ली भी शामिल हैं - जो कभी अमेरिका में सर्वोच्च रैंक वाले सैन्य अधिकारी थे।
उन्होंने पुस्तक में वुडवर्ड से कहा है, कि ट्रंप "पूरी तरह से फासीवादी" हैं।
अगले तीन हफ्ते तक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर काफी शोर शराबा रहने की उम्मीद है और आप वन इंडिया पर यूएस इलेक्शन को लेकर बड़ी कवरेज देख और पढ़ सकते हैं।












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