हिज्बुल्लाह का सफाया कर देगा इजराइल? USA ने ईरान के दरवाजे पर भेजा एयरक्राफ्ट कैरियर, आगे भीषण जंग?
Israel-Hezbollah conflict: इजराइल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स पर हुए हमले के बाद इजराइल, बदले के लिए बौखला रहा है और ऐसी आशंका है, कि इजराइल कभी भी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला कर सकता है और अगर ऐसा होता है, तो पूर्ण पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंका बन सकती है।
लिहाजा, युद्ध की आशंका को देखते हुए अमेरिका ने रणनीतिक रूप से फारस की खाड़ी में ईरान के दरवाजे के बाद एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात कर दिया है, ताकि ईरान से हिज्बुल्लाब को समर्थन ना मिल सके।

अमेरिका ने भेजा एयरक्राफ्ट कैरियर
USA का थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (CSG) वर्तमान में इस क्षेत्र में काम कर रहा है। एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडोर रूजवेल्ट और तीन आर्ले बर्क-क्लास विध्वंसक जहाजों से युक्त CSG की फारस की खाड़ी में तैनाती की पुष्टि की गई है।
28 जुलाई को मिले सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है, कि कैरियर स्ट्राइक ग्रुप नाइन (CSG-9) और उसका प्रमुख जहाज, USS थियोडोर रूजवेल्ट (CVN 71), बहरीन के मनामा से 140 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तैनात थे। थियोडोर रूजवेल्ट CSG, इंडो-पैसिफिक से आगे बढ़ा और 12 जुलाई को ऑपरेशन के यूएस 5वें बेड़े के क्षेत्र में प्रवेश किया था।
यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट (CVN 71), जिसका उपनाम "द बिग स्टिक" है, उसके पास एक निमित्ज़ क्लास का कैरियर, यूएसएस ड्वाइट डी. आइजनहावर (सीवीएन-69) है। कई ओपन-सोर्स खुफिया जानकारियों ने भी फारस की खाड़ी में संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर जरूरत होती है, तो रूजवेल्ट पर कैरियर एयर विंग 11 के फाइटर जेट, जिनमें VFA-25 "फिस्ट ऑफ द फ्लीट" से F/A-18E "सुपर हॉर्नेट" मल्टीरोल स्ट्राइक विमान शामिल हैं, वो लेबनान, जॉर्डन, सीरिया और इराक में ऑपरेशन में मदद दे सकते हैं।
इसके अलावा, अमेरिका का वास्प एम्फीबियस रेडी ग्रुप (ARG) भूमध्य सागर में तैनात है, जो इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को काफी मजबूत कर देता है। यह समूह, जिसमें उभयचर हमला जहाज USS वास्प, उभयचर परिवहन डॉक USS न्यूयॉर्क और डॉक लैंडिंग जहाज यूएसएस ओक हिल शामिल हैं, वो 8 जुलाई को ग्रीस के नौसेना सहायता गतिविधि सौडा बे में पहुंचे थे।
ARG को 1 जून को अमेरिकी पूर्वी तट से तैनात किया गया और इसने 2 जुलाई को पूर्वी भूमध्य सागर में आइजनहावर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और ब्रिटिश रॉयल नेवी के साथ संयुक्त अभियान चलाया था।
इजराइल की मदद के लिए तैयार अमेरिका
पेंटागन के प्रवक्ता मेजर जनरल पैट राइडर ने पहले बताया था, कि वास्प एआरजी की मौजूदगी एक डेटरेंट के रूप में काम करती है और अचानक उभरी परिस्थितियों में अमेरिकी सेना की मदद करती है।
एआरजी, जिसमें 4,500 से ज्यादा नाविक और मरीन शामिल हैं, वो एमवी-22 ऑस्प्रे, एवी-8बी हैरियर और एफ-35बी लाइटनिंग II सहित कई विमानों का समर्थन करता है। पूर्वी भूमध्य सागर में अपनी स्थिति से, वास्प एआरजी और 24वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (विशेष संचालन सक्षम) संकट प्रतिक्रिया से लेकर सीमित आकस्मिक ऑपरेशन तक कई तरह के मिशनों का ऑपरटे करने के लिए तैयार हैं।
USS Theodore Roosevelt
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, मध्य पूर्व में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट की तैनाती का मकसद शत्रुता को रोकना, क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना और क्षेत्र में कारोबार की निर्बाध आवाजाही की गारंटी देना है।
2021 के बाद से यह पहली बार है, जब इंडो-पैसिफिक-आधारित अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत को मध्य पूर्व में भेजा गया है।
थियोडोर रूजवेल्ट शीत युद्ध के बाद के युग के सबसे खतरनाक एयरक्राफ्ट कैरियर है। और ये अमेरिका के लिए कई मिशनों को अंजाम दे चुका है। वर्तमान में लाल सागर में तैनात, थियोडोर रूजवेल्ट का मकसद अमेरिकी ताकत का प्रदर्शन करना और संभावित विरोधियों के लिए एक डेटरेंट के रूप में काम करना है।
ईरान के दरवाजे पर एयरक्राफ्ट कैरियर की मौजूदगी 27 जुलाई को इजराइल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स पर हुए हमले के बाद हुई है, जिसमें 12 लोग मारे गये थे, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। इजराइल ने हमले का आरोप हिज्बुल्लाह पर लगाया है। यह घटना 7 अक्टूबर के नरसंहार के बाद से इजरायल पर सबसे घातक हमला था, जिसके बाद उसने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया था।
इस बीच, "द बिग स्टिक" CVN-71 के पास भी विशिष्ट सेवा रिकॉर्ड है और यह ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म और ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट को सिर्फ दो साल बाद कमीशन किया गया और ऑपरेशन डेजर्ट शील्ड के लिए तैनात किया गया, जो जनवरी 1991 में फारस की खाड़ी में पहुंचा।
ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म में यूएसएस थियोडोर ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रूजवेल्ट के पायलटों ने लगभग 4,000 उड़ानें भरीं हैं, और इसने 4.8 मिलियन पाउंड से ज्यादा बम गिराए हैं, जो एक रिकॉर्ड है।
ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म के बाद, रूजवेल्ट की एयर फोर्स शाखा ने ऑपरेशन प्रोवाइड कम्फर्ट के दौरान इराक में कुर्द बलों का समर्थन किया था और ऑपरेशन डेनी फ्लाइट में बोस्निया पर नो-फ्लाई जोन लागू किया था।
11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट ने अपनी सातवीं तैनाती शुरू की, जो उत्तरी अरब सागर में यूएसएस एंटरप्राइज (सीवीएन-65) और यूएसएस कार्ल विंसन (सीवीएन-70) के साथ शामिल हो गई।
ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम के दौरान, इसने अफगानिस्तान में अल-कायदा बलों के खिलाफ हमले किए, और लगातार 160 दिन समुद्र में बिताए, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिकी वाहकों के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाया।












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