इमरान खान को मिली 31 साल की सजा से बौखलाई चहेती अमेरिकी सांसद, PAK की सैन्य सहायता फौरन रोकने की मांग
Imran Khan News: इमरान खान को मिली 31 सालों की सजा ने अमेरिकी सांसदों को गुस्से से भर दिया है और डेमोक्रेटिक पार्टी के 11 सांसदों ने बाइडेन प्रशासन को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता फौरन रोकने की मांग की है।
11 अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को लिखी चिट्ठी में पाकिस्तान के अंदर मानवाधिकारों के हनन की जांच करने का आह्वान किया है, जिसका मकसद लीही अधिनियम के संभावित उल्लंघनों के आधार पर सैन्य सहायता को प्रतिबंधित करना है।

पाकिस्तान की सैन्य सहायता रोकने की मांग
बाइडेन प्रशासन को चिट्ठी लिखने वाले सांसदों में मिनेसोटा की सांसद इल्हान उमर भी हैं, जो इमरान खान की करीबी रही हैं और जब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे, उस वक्त इल्हान उमर पाकिस्तान भी आईं थीं और उन्होंने पीओके का दौरा भी किया था, जिसपर भारत ने सख्त एतराज जताया था।
मिनेसोटा की सांसद इल्हान उमर और टेक्सास के सांसद ग्रेग कैसर के नेतृत्व में जो चिट्ठी लिखी गई है, उसमें "पाकिस्तान में चल रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में गहरी चिंता" जताई गई है और कहा गया है, कि पाकिस्तान में राजनीति संकट में है और इमरान खान के खिलाफ सेना क्रूर कार्रवाई कर रही है।
आपको बता दें, कि अमेरिका में लिही कानून वो कानून है, जिसके तहत उन देशों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जहां सेना, नागरिक सरकारों या नेताओं के खिलाफ अवैध कार्रवाई करती है। लिही कानून के तहत सरकारों या संस्थाओं के खिलाफ अमेरिका में प्रतिबंध लगाया जाता है।
इमरान खान को अभी तक, ऑफिसिय सीक्रेट एक्ट के तहत 10 साल की सजा, तोशाखाना मामले में 14 साल की सजा और बुशरा बीबी से शादी को अवैध ठहराकर 7 सालों की सजा दी गई है। वहीं, बुशरा बीबी को तोशाखाना मामले में 14 साल की सजा और अवैध शादी को लेकर 7 सालों की सजा दी गई है।
लिहाजा, डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बाइडेन प्रशासन से अपील की है, कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कार्रवाई की जाए और लिही कानून को एक्टिवेट की जाए।
वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि "सांसद उमर और कैसर का यह पत्र ऐसे समय में एक स्वागत योग्य कदम है, जब पाकिस्तानी सेना मौन अमेरिकी समर्थन के साथ व्यवस्थित रूप से अपने राजनीतिक विरोध को कुचल रही है। हमें बाइडेन और विदेश विभाग से न्यूनतम यह अपेक्षा करनी चाहिए, कि वह यह सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता लीही कानून के अनुरूप हो और इस चिट्ठी में यही मांग की गई है।"
अमेरिकी सांसदों की चिट्टी में उन मीडिया रिपोर्ट्स पर चिंता जताई गई है, कि इमरान खान, जो वर्तमान में कैद है और गुप्त मुकदमे का सामना कर रहे हैं, उन्हें संभावित रूप से मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है। लिहाजा बाइडेन प्रशासन से पाकिस्तान पर ध्यान देने की अपील की गई है और पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता फौरन रोकने की मांग की गई है।












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