तिब्बत-दलाई लामा पर अमेरिका करेगा बहुत बड़ा फैसला! बाइडेन के इस कदम से चीन से युद्ध होना तय?

अमेरिकी कांग्रेस के 60 से ज्यादा सांसदों ने तिब्बत कॉर्डिनेटर को चिट्ठी लिखकर बाइडेन को दलाई लामा से मुलाकात करवाने की कोशिश करने को कहा है।

वॉशिंगटन, दिसंबर 15: विस्तारवादी नीति के तहत दुनिया को काबू में करने की कोशिश करने वाले चीन को अब उसी के अंदाज में करारा जबाव दिया जा रहा है और अब तिब्बत और दलाई लामा को लेकर अमेरिका में ऐसा फैसला हो सकता है, जिसके बाद चीन से युद्ध होना बहुत हद तक तय हो जाएगा और अमेरिका के इस फैसले से दुनिया भर में तनाव बढ़ना तय माना जा रहा है। अमेरिका से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, जो बाइडेन की तिब्बती धर्मगुरू दलाई लाना से ना सिर्फ मुलाकात हो सकती है, बल्कि तिब्बत को लेकर अमेरिका बहुत बड़ा फैसला भी सकता है।

दलाई लामा से मिलेंगे जो बाइडेन?

दलाई लामा से मिलेंगे जो बाइडेन?

अमेरिका से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत में अमेरिका के कॉर्डिनेटर को दलाई लामा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच मुलाकात करवाने की कोशिश करनी चाहिए, ऐसी मांग अमेरिका के 60 सांसदों ने की है। अमेरिका के 60 से ज्यादा सांसदों ने ना सिर्फ दलाई लामा और जो बाइडेन की मुलाकात की मांग की है, बल्कि अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि, अमेरिका को फौरन तिब्बत को 'चीन का तिब्बत' कहना बंद करना चाहिए और तिब्बत को चीन का हिस्सा बताना बंद करना चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने नई सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव को लिखी चिट्ठी में इस बात की मांग की है।

तिब्बत पर बदलेगा अमेरिकी रूख?

तिब्बत पर बदलेगा अमेरिकी रूख?

अमेरिकी कांग्रेस के अंडर सेक्रेटरी को 60 से ज्यादा अमेरिकी सांसदों ने चिट्ठी लिखकर अमेरिकी सरकार को तिब्बत में रूची लेने को कहा है। अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी में कहा गया है कि, तिब्बत ऐतिहासिक तौर पर एक स्वतंत्र देश रहा है, जिसपर चीन ने 60 साल पहले क्रूरता के साथ कब्जा कर लिया। अमेरिकी सांसदों ने अंडर सेक्रेटरी उजरा जेया को लिखी है, जो अमेरिका की तरफ से तिब्बत की नई कॉर्डिनेटर होने वाली हैं। इस चिट्टी में साफ तौर पर इस बात का जिक्र किया गया है कि, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी तिब्बत में किस तरह जुल्म कर रही है और अमेरिकी सांसद से मांग की गई है, कि वो बाइडेन सरकार से तिब्बत को लेकर नई पॉलिसी का निर्धारण करने के लिए कहे, ताकि अमेरिका तिब्बती लोगों का समर्थन करे और जल्द से जल्द सार्थक कदम उठाए।

तिब्बत को अलग देश मानेगा अमेरिका?

तिब्बत को अलग देश मानेगा अमेरिका?

अमेरिकी सरकार के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर और इंटरनेशनल कैम्पेन के प्रमुख फ्रांज मत्जनर ने कहा कि, "ऐसे समय में जब फ्रीडम हाउस ने तिब्बत को सीरिया के साथ पृथ्वी पर सबसे कम मुक्त देश घोषित किया है, आईसीटी ने 38 सीनेटरों और 27 प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने इन पत्रों पर हस्ताक्षर किए और तिब्बती मुद्दे पर महत्वपूर्ण नेतृत्व दिखाया है। हम तिब्बत पर अमेरिका के अगले कॉर्डिनेटर के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं, ताकि तिब्बत पर अमेरिकी नीति को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें उत्साहित कर सकें। सबसे दिलचस्प ये है कि, अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी का समर्थन अमेरिका के कई सीनेटर्स ने किया है और लोगों को बुनियादी मानवाधिकार दिलाने के लिए अमेरिका के संकल्प का समर्थन किया है।

उजरा जेया बनी नई कॉर्डिनेटर

उजरा जेया बनी नई कॉर्डिनेटर

जेया वर्तमान में नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए अमेरिका में अंडर सेक्रेटरी के रूप में काम कर रही हैं और तिब्बत का कॉर्डिनेटर बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी अब दोगुनी हो चुकी है। 2002 के तिब्बती नीति अधिनियम में विशेष समन्वयक की नियुक्ति अनिवार्य है। जेया को लिखे गए पत्र 10 प्वाइंट्स का हवाला दिया गया है, जिसपर बाइडेन प्रशसान और अमेरिकी संसद को मिलकर काम करने को कहा गया है।

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