संयुक्त अरब अमीरात का ऐतिहासिक फैसला, शादी-विवाह पर बदल दिया मुस्लिम कानून

संयुक्त अरब अमीरात ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए देश में गैर-मुस्लिमों के विवाह, तलाक और बच्चों की कस्टडी से संबंधित कानून को शरिया कानून से अलग कर दिया है।

अबू धाबी, नवंबर 08: खाड़ी क्षेत्र के दो बड़े और प्रभावशाली मुस्लिम देश लगातार अपने कानूनों में बदलाव कर रहे हैं और गैर-मुस्लिमों के लिए भी अपने देश को अनुकूल बनाने में लगे हुए हैं। पिछले एक साल में सऊदी अरब देश में कट्टरपंथी विचारधारा पर कई बार चोट कर चुका है, तो अब संयुक्त अरब अमीरात ने भी शादी-विवाह को लेकर ऐतिहासिक कानून बनाने का फैसला किया है।

शादी पर यूएई का नया कानून

शादी पर यूएई का नया कानून

संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी न्यूज एजेंसी डब्ल्यूएएम ने कहा कि, गैर-मुसलमानों को अबू धाबी में नागरिक कानून के तहत शादी, तलाक और संयुक्त बाल हिरासत प्राप्त करने की अनुमति दी जाएगी। जिसका मतलब ये हुआ कि, अबू धाबी में रहने वाले गैर मुस्लिमों अपने तरीके से शादी कर सकेंगे, तलाक ले सकेंगे और बच्चों की कस्टडी अपने हिसाब से प्राप्त कर सकेंगे और उसमें देश में लागू शरिया कानून का कोई दखल नहीं होगा। संयुक्त अरब अमीरात सरकार का ये नवीनतम कदम है, जहां अभी शादी और तलाक पर इस्लामी शरिया कानून लागू है। रिपोर्ट के मुताबिक, शादी को लेकर कानून बदलने का ये फैसला देश को उदारवादी, वाणिज्यिक बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।

क्या कहता है यूएई का नया कानून?

क्या कहता है यूएई का नया कानून?

समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने कहा है कि, सरकार के इस कानून बनाने का प्रमुख उद्येश्य देश में प्रतिभा और कौशल का विकास करने के साथ साथ देश को प्रसिद्ध आकर्षक स्थलों के तौर पर विकसित करना और संयुक्त अरब अमीरात को वैश्विक स्थिति में ढालने के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। समाचार एजेंसी कि रिपोर्ट में देश में बनाए जा रहे इस नये कानून को गैर मुस्लिों के विवाह समेत उनके पारिवारिक मामलों के लिए 'अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप' बताया गया है। अभी तक देश में रहने वाले हर नागरिक, चाहे वो गैर-मुस्लिम ही क्यों ना हों, उनके लिए विवाह, तलाक समेत तमाम पारिवारिक फैसले शरिया कानून के तहत ही होते थे, जिसे अब गैर-मुस्लिमों के लिए हटा लिया गया है।

पारिवारिक कानूनों पर ऐतिहासिक कदम

पारिवारिक कानूनों पर ऐतिहासिक कदम

अबू धाबी के शेख खलीफा बिन जायद अल-नाहयान, जो सात अमीरात के यूएई महासंघ के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने फरमान में कहा है कि, नये कानून में नागरिक विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, बच्चों की कस्टडी और पितृत्व का प्रमाण और विरासत शामिल है। आपको बता दें कि, यूएई ने पिछले साल केन्द्रीय स्तर पर कई कानूनी बदलाव किए थे, जिसमें विवाह पूर्व शारीरिक संबंध बनाने को अपराध मुक्त कर दिया गया था। वहीं, देश में शराब पीने पर लगाए गये प्रतिबंध को हटाते हुए शराब पीने को भी अपराधमुक्त कर दिया था। इसके साथ ही देश में ऑनर किलिंग के अपराधों में नरमी से निपटने के कानून को खत्म कर दिया गया था और ऑनर किलिंग के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया था।

खाड़ी देशों में लगातार सुधार

खाड़ी देशों में लगातार सुधार

वक्त के साथ खाड़ी के दोनों बड़े देश सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात अपने कानूनों में सुधार कर रहे हैं और देश को हर समुदाय और हर धर्म के लोगों के रहने के लायक बना रहे हैं, ताकि वो आर्थिक स्तर पर विश्व के दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। इन दोनों देशों का मकसद देश में निवेश बढ़ाने के साथ साथ देश में पर्यटन का भी तेजी से विकास करना है। दुबई में इस वक्त विश्व का सबसे बड़ा आर्थिक मेला चल रहा है, जिसका मकसद देश में कारोबारी माहौल बनाना और देश में निवेश को आकर्षित करना है, लिहाजा सामाजिक सुधार और कट्टरपंथी से आजादी दिलाने वाले बदलाव किए जा रहे हैं। सऊदी अरब ने अपने देश की शिक्षा पद्धति को ही बदल दिया है और अब सऊदी अरब के बच्चे हर धर्म के बारे में पढ़ेंगे, ताकि वो दूसरे धर्म के लोगों के साथ आसानी से घुल-मिल सकें।

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