वुहान लैब में कैसे बना कोरोना वायरस और कैसे डॉ. एंथनी फाउची ने चीन तक पहुंचाया फंड, वीडियो आया सामने

न्यूयॉर्क का एनजीओ इको हेल्थ अलायंस चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर 'गेन ऑफ फंक्शन' संबंधी रिसर्च को अंजाम दे रहा था, जिसका मकसद किसी सामान्य वायरस को जानलेवा बनाना होता है।

न्यूयॉर्क, जून 09: पिछले एक महीने में कई ऐसे सबूत सामने आ चुके हैं, जिससे तस्दीक होता है कि चीन ने प्रयोगशाला में कोरोना वायरस को बनाया है। ऑस्ट्रेलियाई अखबार ने सबूतों के साथ ये भी साबित कर दिया कि फरवरी 2020 में ही चीन की सेना के वैज्ञानिक ने कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए पेटेंट दायर किया था और कुछ ही दिनों के बाद बेहद रहस्यमयी हालातों में उस वैज्ञानिक की मौत भी हो गई थी। लेकिन अब चीन ने प्रयोगशाला में कैसे वायरस को तैयार किया है, इसका वीडियो भी सामने आ गया है। न्यूयॉर्क के एनजीओ प्रमुख ने एक वीडियो जारी करते हुए बताया है कि चीन ने प्रयोगशाला में कैसे कोरोना वायरस नाम के जानलेवा वायरस को तैयार किया है।

वीडियो से चीन का चेहरा बेनकाब

वीडियो से चीन का चेहरा बेनकाब

चीन के जिस वुहान लैब से कोरोना वायरस निकला है, उस लैब के साथ काफी करीबी से काम कर चुके न्यूयॉर्क के एक एनजीओ के प्रमुख का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो बता रहे हैं कि चीन ने आखिर किस तरह से कोरोना वायरस को प्रयोगशाला में तैयार किया है। न्यूयॉर्क स्थित इस एनजीओ का नाम है इको हेल्थ अलायंस और इसके प्रमुख का नाम है पीटर दासजाक और उनका वीडियो काफी तेजी से लोगों के बीच वायरल हो रहा है। न्यूयॉर्क का एनजीओ इको हेल्थ अलायंस चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर 'गेन ऑफ फंक्शन' संबंधी रिसर्च को अंजाम दे रहा था और सबसे बड़ा खुलासा ये है कि इस इको हेल्थ अलायंस को अमेरिकी सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज से अनुदान मिला हुआ था, जिसके प्रमुख का नाम है डॉ. एंथनी फाउची। जिनके ऊपर पिछले दिनों वुहान लैब को फंड देने का आरोप लगा था, दरअसल वुहान लैब को फंड इसी तरह से दी गई थी। डॉ. एंथनी फाउची को डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से बाहर निकाल दिया था और जो बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से उन्हें व्हाइट हाउस बुला लिया है।

कैसे बना वायरस, वीडियो से खुलासा

कैसे बना वायरस, वीडियो से खुलासा

एनजीओ इको हेल्थ अलायंस के प्रमुख का वीडियो जारी किया है द नेशनल पल्स नाम के वेबसाइट ने, जिसमें देखा जा सकता है कि इको हेल्थ अलायंस के प्रमुख पीटर दासजाक चीन के वुहान लैब में कोरोना वायरस पर रिसर्च के दौरान सहयोगियों के सामने वायरस बनाने का प्रोसेस बता रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक पीटर दासजाक 'एमर्जिंग इंफएक्शियस डिजीज एंड नेक्स्ट पैनडेमिक' नाम के विषय पर एक कार्यक्रम के दौरान स्वीकार करते देखे जा रहे हैं कि उनकी संस्था ने वुहान लैब के साथ काम किया है। लेकिन डॉ. एंथनी फाउची लगातार इस बात से इनकार कर रहे हैं कि उन्होंने वुहान लैब को फंडिंग की है।' आपको बता दें कि 'गेन ऑफ फंक्शन' मेडिकल फिल्ड में किया जाने वाला एक रिसर्च है, जिसमें अलग अलग वायरस के ऊपर में रिसर्च किया जाता है। इसका मकसद होता है कि नये नये वायरस तैयार किए जाएं जो इंसानों के लिए काफी खतरनाक, संक्रामक और जानलेवा हों। इस प्रोसेस के तहत वायरस को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वो बार बार खुद म्यूटेट हो सकते हैं।

कोरोना वायरस को लैब में किया डिजाइन

कोरोना वायरस को लैब में किया डिजाइन

इको हेल्थ अलायंस के प्रमुख पीटर दासजाक वीडियो में बताते देखे जा रहे हैं कि किस तरह से वायरस की सिक्वेंसिंग की जाए कि उसके अंदर स्पाइक प्रोटीन कैसे डाला जाए, जो उनके सहयोगियों ने चीन के वुहान लैब में किया था। इसका मकसद ये टेस्ट करके देखना था कि क्या यह मानवीय कोशिकां के साथ जुड़ सकता है। पीटर दासजाक ने वीडियो में कहा कि 'हमने चमगादड़ों के अंदर बिल्कुल सार्स की तरह ही दिखने वाला वायरस पाया और फिर हमने स्पाइक प्रोटीन की सिक्वेंसिंग की और हमने प्रोटीन को कोशिका के साथ जोड़ दिया'। पीटर ने आगे कहा कि 'वैसे तो मैंने ये काम नहीं किया है लेकिन चीन में मेरे सहयोगियों ने ये काम किया है। जिसमें आप छद्म पार्टिकिल बनाने का काम करते हैं और फिर उन वायरस से स्पाइक प्रोटीन डालते हैं और जांचते हैं कि क्या ये इंसानी कोशिका के साथ जुड़ पाता है। धीरे धीरे हर कदम पर आप इस वायरस के और करीब होते जदाते हैं और फिर ये वायरस इंसानों के लिए काफी जानलेवा बन जाता है। असल में आप एक बेहद कमजोर वायरस को जानलेवा बना देते हैं।'

डॉ. एंथनी फाउची पर सवालों की झड़ी

डॉ. एंथनी फाउची पर सवालों की झड़ी

दुनिया के कुछ वैज्ञानिकों ने पिछले कुछ समय पहले डॉ. एंथनी फाउची पर कोरोना वायरस बनाने के लिए वुहान लैब को फंड देने का आरोप लगाया था लेकिन डॉ. एंथनी फाउची लगातार तमाम आरोपों से इनकार करते रहे। लेकिन पीटर के खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या एनएआईडी यानि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के साथ डॉ. एंथनी फाउची के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से गहरे आर्थिक रिश्ते थे ? आखिर पीटर दासजाक का एनजीओ वुहान लैब को फंड क्यों उपलब्ध करवा रहे था और सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर डॉ. एंथनी फाउची पीटर दासजाग के एनजीओ को अनुदान क्यों दिलवा रहे थे ? वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना के शुरूआती समय में डॉ. एंथनी फाउची से काफी नाराज रहते थे और उन्होंने बाद में एंथनी फाउची को व्हाइट हाउस से ही बाहर निकाल दिया था। वहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने डॉ. फाउची पर सवाल उठाया था, जिसमें डॉ. फाउची ने चीनी लैब में वायरस बनने की बात से इनकार किया था और एक इमेल में दासजाक ने इसके लिए डॉ. एंथनी फाउची का आभार जताया था।

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