जब सिराजुद्दीन हक्कानी ने आतंकवाद के मुद्दे पर UN से की चर्चा
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में खूंखार आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी फिलहाल अफगानिस्तान में मंत्री पद पर है। जानकारी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र मिशन की प्रमुख डेबोरा ल्योंस ने उनके साथ बढ़ते
काबुल, 13 जून : अफगानिस्तान के कार्यवाहक आंतरिक मंत्री अल हज सिराजुद्दीन हक्कानी और संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) प्रमुख डेबोरा ल्योंस के बीच आतंकवाद को लेकर चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक फेयरवेल मीटिंग में दोनों के बीच आतंकवाद के अलावा, नशीले पदार्थों को खत्म करने, मानवीय कार्यों के लिए सहयोग को मजबूत करने की दिशा में गहन वार्ता हुई। UNAMA ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी। UNAMA प्रमुख ने देश को हैजा, दस्त जैसे गंभीर बीमारियों से कैसे निजात दिलाए, इसको लेकर हक्कानी से चर्चा की।

UNAMA संयुक्त राष्ट्र का विशेष राजनीतिक मिशन है
बता दें कि, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) एक संयुक्त राष्ट्र का विशेष राजनीतिक मिशन है जिसे अफगानिस्तान के लोगों की सहायता करने का काम सौंपा गया है। UNAMA की स्थापना 28 मार्च 2002 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1401 द्वारा की गई थी। UNAMA का नेतृत्व अफगानिस्तान के लिए महासचिव (SRSG) के विशेष प्रतिनिधि डेबोरा ल्योंस कर रही हैं, जिन्हें मार्च 2020 में तदामिची यामामोटो की जगह इस पद पर नियुक्त किया गया था।
बताते चले कि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में खूंखार आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी को फिलहाल अफगानिस्तान में मंत्री पद पर है।
अमेरिका का मोस्ट वांटेड है सिराजुद्दीन हक्कानी
भारत को दुश्मन नंबर एक मानने वाला सिराजुद्दीन हक्कानी अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की हिटलिस्ट में शामिल हैं। अमेरिकी सरकार ने तो बाकायदा इस आतंकी के ऊपर 5 मिलियन डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) का इनाम भी रखा हुआ है। आईएसआई के पिट्ठू सिराजुद्दीन हक्कानी ने कई बार अफगान सरकार, सेना, विदेशी राजनयिकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के ऊपर आतंकी हमले भी करवाए हैं।
हक्कानी नेटवर्क
जलालुद्दीन हक्कानी की मौत के बाद बेटा सिराजुद्दीन हक्कानी, हक्कानी नेटवर्क की कमान संभाले हुए है। हक्कानी समूह पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान की वित्तीय और सैन्य संपत्ति की देखरेख करता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हक्कानी ने ही अफगानिस्तान में आत्मघाती हमलों की शुरुआत की थी। हक्कानी नेटवर्क को अफगानिस्तान में कई हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।












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