जयशंकर की फटकार के बाद कनाडा को याद आया 'लोकतंत्र', UN में क्या बोले उसके राजदूत?
कनाडा और भारत के रिश्ते बहुत ज्यादा खराब दौर में हैं। इस बीच मंगलवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने खालिस्तानी आतंकियों को लेकर कनाडा को जमकर सुनाया। जिस पर अब कनाडा की प्रतिक्रिया सामने आई है।
78वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित करते हुए UN में कनाडा के राजदूत बॉब राय ने कहा कि हम समानता के महत्व पर बहुत जोर देते हैं। हमें स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाजों के मूल्यों को भी बनाए रखना है। हम राजनीतिक लाभ के लिए दूसरे देश के संबंधों के नियमों को मोड़ नहीं सकते हैं। हमने देखा है कि विदेशी हस्तक्षेप के विभिन्न माध्यमों से लोकतंत्र किस हद तक खतरे में है।

उन्होंने आगे कहा कि सच्चाई ये है कि अगर हम उन नियमों का पालन नहीं करते हैं, जिन पर हम सहमत हैं, तो हमारे खुले और स्वतंत्र समाज का ताना-बाना टूटना शुरू हो जाएगा।
जयशंकर ने क्या-क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र की बैठक में एस. जयशंकर ने कनाडा का नाम लिए बिना ही उस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सियासी सहूलियत के लिए आतंकवाद, चरमपंथ और हिंसा पर एक्शन नहीं लेना गलत है। कुछ देश ऐसे हैं, जो एक तय एजेंडे पर काम करते हैं लेकिन ऐसा हमेशा नहीं चल सकता और इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए।
निज्जर की हत्या से बिगड़े हालात
हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत की यात्रा पर आए थे। वो जी-20 सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने उनको खालिस्तान के मुद्दे पर घेरा। वापस जाने के बाद उन्होंने कनाडा की संसद को संबोधित किया और खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बताया। इसके बाद ही एक भारतीय राजनयिक को कनाडा छोड़ने का आदेश दिया।
इस पर भारत ने भी कनाडा को जमकर फटकार लगाई। साथ ही उसके एक रायनयिक को निष्कासित कर दिया। हालांकि भारत की सख्ती का असर अब दिखने लगा है। सोमवार को भारतीय दूतावास के सामने खालिस्तान समर्थकों ने प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन इसमें ज्यादा लोग नजर नहीं आए।












Click it and Unblock the Notifications